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अजित पवार के परिवार में कौन?: दादी कद्दावर नेता, पिता फिल्म निर्माता के सहयोगी रहे, पत्नी इस नामी परिवार से
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 28 Jan 2026 12:34 PM IST
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सार
Ajit Pawar Family Tree: राकांपा प्रमुख अजित पवार का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। वे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे। वह 2023 में चाचा के खिलाफ बगावत करके भाजपा-शिवसेना के साथ सरकार में शामिल हो गए थे। आइये जानते हैं अजित पवार और उनके परिवार के बारे में...
अजित पवार का परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार का बुधवार सुबह पुणे जिले में एक विमान हादसे में निधन हो गया। इस दुर्घटना में अजित पवार के साथ-साथ पांच लोगों की जान गई। इस घटना के बाद महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई है। इस बीच देश में अजित पवार के नेतृत्व वाले दल- राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के भविष्य और उनके परिवार को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
अधिकतर लोग अजित पवार को महाराष्ट्र का छह बार का उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार के भतीजे के तौर पर जानते हैं, हालांकि उनका परिवार और इसका इतिहास इससे भी पुराना है। उनके कुनबे में कई लोग राजनीति में हैं, जिनमें उनकी चचेरी बहन से लेकर पत्नी और बेटा तक शामिल हैं। आइये जानते हैं अजित पवार और उनके परिवार के बारे में...
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अधिकतर लोग अजित पवार को महाराष्ट्र का छह बार का उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार के भतीजे के तौर पर जानते हैं, हालांकि उनका परिवार और इसका इतिहास इससे भी पुराना है। उनके कुनबे में कई लोग राजनीति में हैं, जिनमें उनकी चचेरी बहन से लेकर पत्नी और बेटा तक शामिल हैं। आइये जानते हैं अजित पवार और उनके परिवार के बारे में...
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सूखे से परेशान होकर करना पड़ा था पूर्वजों को पलायन
राकांपा के जानकार बताते हैं कि अजित पवार के पूर्वज महाराष्ट्र के सातारा जिले के रहने वाले थे। 18वीं सदी के दौरान सातारा में भयानक सूखे का कहर पड़ा। लोग एक-एक बूंद पानी के लिए के मोहताज हो गए। तब बड़ी संख्या में लोगों ने सातारा से पलायन कर दिया। इन्हीं में शरद पवार के पूर्वज भी थे। पवार के पूर्वज सातारा से पलायन करके बारामती के काटेवाडी पहुंचे और यहीं बस गए।
कहा जाता है कि पवार के पूर्वज सातारा के भोंसले (छत्रपति शिवाजी के वंशज) के सैनिकों के रूप में काम करते थे। जब बारामती के काटेवाडी पहुंचे तो यहां उन्होंने खेती शुरू की और बंजर जमीनों को उपजाऊ बना दिया। पवार के पूर्वजों ने गन्ने की खेती में खूब मेहनत की और जबरदस्त उत्पादन करने लगे।
राकांपा के जानकार बताते हैं कि अजित पवार के पूर्वज महाराष्ट्र के सातारा जिले के रहने वाले थे। 18वीं सदी के दौरान सातारा में भयानक सूखे का कहर पड़ा। लोग एक-एक बूंद पानी के लिए के मोहताज हो गए। तब बड़ी संख्या में लोगों ने सातारा से पलायन कर दिया। इन्हीं में शरद पवार के पूर्वज भी थे। पवार के पूर्वज सातारा से पलायन करके बारामती के काटेवाडी पहुंचे और यहीं बस गए।
कहा जाता है कि पवार के पूर्वज सातारा के भोंसले (छत्रपति शिवाजी के वंशज) के सैनिकों के रूप में काम करते थे। जब बारामती के काटेवाडी पहुंचे तो यहां उन्होंने खेती शुरू की और बंजर जमीनों को उपजाऊ बना दिया। पवार के पूर्वजों ने गन्ने की खेती में खूब मेहनत की और जबरदस्त उत्पादन करने लगे।
अब जानिए शरद परिवार की कहानी, जिनकी छांव में भतीजे ने की राजनीति
शरद पवार के पिता गोविंद राव पवार गन्ने की खेती किया करते थे। वह शिक्षित नहीं थे, लेकिन उनके तेज दिमाग और किसानों के लिए अच्छी सोच से हर कोई प्रभावित रहता था। उन्होंने पूरे बारामती के गन्ना उत्पादकों को एकजुट किया और एक सहकारी समिति बनाई। यह एक बड़ी सफलता थी और आसपास के अन्य जिलों में भी सहकारी गतिविधि फैलने लगी। इसमें से साख समितियां और चीनी सहकारी कारखाने शुरू किए गए। लंबे समय तक गोविंद राव गन्ना सहकारी समिति के अध्यक्ष रहे।
शरद पवार की मां का नाम शारदाबाई था। वह बच्चों की शिक्षा के लिए काफी जागरुक थीं। वह चाहती थीं कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले। पवार ने अपनी आत्मकथा में मां के बारे में बखूबी जिक्र किया है। उन्हें अपना प्रेरणास्रोत बताया है।
पवार ने लिखा है कि उनकी मां महिलाओं के लिए एक नाइट स्कूल और एक नाइट क्लिनिक भी चलाती थीं। ब्रिटिश शासन के दौरान जिला अधीक्षक ने मेरी मां को बारामती महिला उत्कर्ष समिति में नियुक्त किया था। शारदाबाई पवार परिवार की पहली महिला सदस्य थीं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था।
ये भी पढ़ें: कौन थे अजित पवार? संघर्ष की सियासत से बनाई अलग पहचान, छह बार डिप्टी CM पद संभाला; शरद पवार के भतीजे को जानिए
शरद पवार के पिता गोविंद राव पवार गन्ने की खेती किया करते थे। वह शिक्षित नहीं थे, लेकिन उनके तेज दिमाग और किसानों के लिए अच्छी सोच से हर कोई प्रभावित रहता था। उन्होंने पूरे बारामती के गन्ना उत्पादकों को एकजुट किया और एक सहकारी समिति बनाई। यह एक बड़ी सफलता थी और आसपास के अन्य जिलों में भी सहकारी गतिविधि फैलने लगी। इसमें से साख समितियां और चीनी सहकारी कारखाने शुरू किए गए। लंबे समय तक गोविंद राव गन्ना सहकारी समिति के अध्यक्ष रहे।
शरद पवार की मां का नाम शारदाबाई था। वह बच्चों की शिक्षा के लिए काफी जागरुक थीं। वह चाहती थीं कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले। पवार ने अपनी आत्मकथा में मां के बारे में बखूबी जिक्र किया है। उन्हें अपना प्रेरणास्रोत बताया है।
पवार ने लिखा है कि उनकी मां महिलाओं के लिए एक नाइट स्कूल और एक नाइट क्लिनिक भी चलाती थीं। ब्रिटिश शासन के दौरान जिला अधीक्षक ने मेरी मां को बारामती महिला उत्कर्ष समिति में नियुक्त किया था। शारदाबाई पवार परिवार की पहली महिला सदस्य थीं, जिन्होंने राजनीति में कदम रखा था। उन्होंने स्थानीय निकाय चुनाव लड़ा था।
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शरद पवार के 11 भाई-बहन, बड़े भाई के बेटे हैं अजित पवार
गोविंद राव पवार और शारदाबाई के कुल 11 बच्चे हुए। शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि मेरी मां 11 बच्चों और पति की देखरेख के अलावा खेतों की भी देखभाल करती थीं। सार्वजनिक जीवन में भी वह उतनी ही सक्रिय थीं। शरद पवार अपने 11 भाई-बहनों में नौवें नंबर पर थे। अजित पवार उनके बड़े भाई अनंतराव के बेटे थे। राकांपा (एसपी) प्रमुख ने अपनी आत्मकथा में इसका जिक्र किया है। लिखा है कि मां शारदा बाई 12 दिसंबर, 1911 को कोल्हापुर के नजदीक एक गरीब किसान परिवार में पैदा हुई थीं। मां-बाप उन्हें पढ़ाना चाहते थे, इसलिए पुणे में लड़कियों के हॉस्टल ‘सेवा सदन’ में रहकर उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की।
इसी उम्र में माता-पिता नहीं रहे। बड़ी बहन के पति श्रीपत राव जाधव ने उन्हें पढ़ाया। सातवीं तक पढ़ने के बाद सेवा सदन में ही उन्होंने काम शुरू किया। समाज सुधारक रमाबाई रानाडे ने ये संस्था लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से 1915 में शुरू की थी। 1926 में शारदा की शादी गोविंद राव से हो गई।
गोविंद राव पवार और शारदाबाई के कुल 11 बच्चे हुए। शरद पवार ने अपनी आत्मकथा में लिखा है कि मेरी मां 11 बच्चों और पति की देखरेख के अलावा खेतों की भी देखभाल करती थीं। सार्वजनिक जीवन में भी वह उतनी ही सक्रिय थीं। शरद पवार अपने 11 भाई-बहनों में नौवें नंबर पर थे। अजित पवार उनके बड़े भाई अनंतराव के बेटे थे। राकांपा (एसपी) प्रमुख ने अपनी आत्मकथा में इसका जिक्र किया है। लिखा है कि मां शारदा बाई 12 दिसंबर, 1911 को कोल्हापुर के नजदीक एक गरीब किसान परिवार में पैदा हुई थीं। मां-बाप उन्हें पढ़ाना चाहते थे, इसलिए पुणे में लड़कियों के हॉस्टल ‘सेवा सदन’ में रहकर उन्होंने सातवीं तक पढ़ाई की।
इसी उम्र में माता-पिता नहीं रहे। बड़ी बहन के पति श्रीपत राव जाधव ने उन्हें पढ़ाया। सातवीं तक पढ़ने के बाद सेवा सदन में ही उन्होंने काम शुरू किया। समाज सुधारक रमाबाई रानाडे ने ये संस्था लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से 1915 में शुरू की थी। 1926 में शारदा की शादी गोविंद राव से हो गई।
अजित पवार की दादी ने निर्विरोध जीता था चुनाव
शरद पवार की आत्मकथा के मुताबिक, 1938 में कांग्रेस के कहने पर शरद पवार की मां और अजित पवार की दादी शारदा बाई ने पुणे लोकल बोर्ड में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा। 9 जुलाई 1938 को वह निर्विरोध चुनी गईं। इसके बाद 14 साल तक इसी सीट से जीतती रहीं। उन्होंने पुणे लोकल बोर्ड में पब्लिक हेल्थ, पब्लिक वर्कर्स, बजट, पंचायत कमेटी और स्टैंडिंग कमेटी की जिम्मेदारियां निभाई थीं।
अजित पवार की दादी एक तेज-तर्रार सामाजिक कार्यकर्ता भी थीं। 1952 में एक हादसे ने उनका करियर खत्म कर दिया। वह एक घायल सांड़ की देखरेख कर रही थीं, तभी उसने हमला कर दिया। उनकी कई हड्डियां टूट गईं और बाकी जिंदगी उन्हें बैसाखी के सहारे बितानी पड़ी। बेटे शरद के कांग्रेस में शामिल होने के आठ साल बाद पुणे के अस्पताल में उन्होंने 12 अगस्त 1975 को अंतिम सांस ली।
शरद पवार की आत्मकथा के मुताबिक, 1938 में कांग्रेस के कहने पर शरद पवार की मां और अजित पवार की दादी शारदा बाई ने पुणे लोकल बोर्ड में महिलाओं के लिए आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ा। 9 जुलाई 1938 को वह निर्विरोध चुनी गईं। इसके बाद 14 साल तक इसी सीट से जीतती रहीं। उन्होंने पुणे लोकल बोर्ड में पब्लिक हेल्थ, पब्लिक वर्कर्स, बजट, पंचायत कमेटी और स्टैंडिंग कमेटी की जिम्मेदारियां निभाई थीं।
अजित पवार की दादी एक तेज-तर्रार सामाजिक कार्यकर्ता भी थीं। 1952 में एक हादसे ने उनका करियर खत्म कर दिया। वह एक घायल सांड़ की देखरेख कर रही थीं, तभी उसने हमला कर दिया। उनकी कई हड्डियां टूट गईं और बाकी जिंदगी उन्हें बैसाखी के सहारे बितानी पड़ी। बेटे शरद के कांग्रेस में शामिल होने के आठ साल बाद पुणे के अस्पताल में उन्होंने 12 अगस्त 1975 को अंतिम सांस ली।
शरद पवार के भाई-बहनों और अजित के परिवार की कहानी
यूं तो शरद पवार 11 भाई-बहन हैं। सात भाई और चार बहनें। हालांकि, पांच भाई-बहनों की जानकारी ही सार्वजनिक है। इसमें अप्पा साहेब, अनंतराव, शरद पवार, प्रताप और सरोज पाटिल हैं। अन्य भाई और बहनों की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
1. अप्पा साहेब (निधन हो चुका है): शरद पवार के बड़े भाई अप्पा साहेब का निधन हो चुका है। अप्पा साहेब के दो बच्चे हैं। राजेंद्र और रंजीत। राजेंद्र कृषि के क्षेत्र में व्यवसाय करते हैं, जबकि रंजीत वाइन इंडस्ट्री में हैं। राजेंद्र के बेटे रोहित भी राजनीति में हैं। वह हाल ही में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में कर्जत-जामखेड सीट से विधायक चुने गए। रोहित पुणे जिला परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं और शरद पवार के हमेशा साथ रहे हैं।
2. अनंतराव (निधन हो चुका है) के बेटे हैं अजित पवार: शरद पवार के दूसरे बड़े भाई अनंतराव का भी निधन हो चुका है। अजित के पिता बॉम्बे में 'राजकमल स्टूडियो' में प्रसिद्ध फिल्म निर्माता वी. शांताराम के लिए काम करते थे। अजित की मां का नाम आशा पवार है। नवंबर 2023 में आशा पवार ने अपने बेटे अजित के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था, 'एक मां होने के नाते, मुझे लगता है कि मेरा बेटा मुख्यमंत्री बनना चाहिए। मैं वर्तमान में 84 वर्ष की हूं, और अन्य लोगों की तरह, मैं भी अपने जीवनकाल में अजीत पवार को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहती हूं। अनंतराव और आशा पवार के तीन बच्चों का नाम- श्रीनिवास, अजित पवार और विजया पाटिल है। अजित महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले चाचा शरद पवार से अलग होकर खुद राकांपा प्रमुख बन गए और चुनाव आयोग ने भी उन्हें पार्टी और चुनाव चिह्न दे दिया।
अजित महाराष्ट्र विधानसभा में राकांपा के नेता हैं। अजित पिछली महायुति समेत कई सरकारों में डिप्टी सीएम रह चुके हैं। उनकी शादी सुनेत्रा पवार से हुई जो महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और दबंग छवि वाले पद्मसिंह बाजीराव पाटिल की बहन हैं। सुनेत्रा ने 2024 में अपनी ननद और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सुनेत्रा को महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद बनाया। अजित और सुनेत्रा के दो बच्चे हैं। पार्थ और जय।
पार्थ 2019 में महाराष्ट्र के मवाला से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट के अनुसार, पार्थ पवार तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार के रुख के विपरीत, तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जांच का अनुरोध किया था। अजित के छोटे बेटे का नाम जय पवार है, जो फिलहाल राजनीति में नहीं हैं। जय उद्यमिता के क्षेत्र में अपना करियर बना रहे हैं। अजित के बड़े भाई श्रीनिवास एग्रीकल्चर और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं। बहन विजया पाटिल मीडिया के क्षेत्र में काम कर रहीं हैं।
ये भी पढ़ें: बारामती में आखिर हुआ क्या?: आग का गोला बना अजित पवार का विमान, कई धमाके हुए, चश्मदीद ने बताया- कैसा था मंजर
पार्थ 2019 में महाराष्ट्र के मवाला से लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। रिपोर्ट के अनुसार, पार्थ पवार तब सुर्खियों में आए जब उन्होंने तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार के रुख के विपरीत, तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की सीबीआई जांच का अनुरोध किया था। अजित के छोटे बेटे का नाम जय पवार है, जो फिलहाल राजनीति में नहीं हैं। जय उद्यमिता के क्षेत्र में अपना करियर बना रहे हैं। अजित के बड़े भाई श्रीनिवास एग्रीकल्चर और ऑटोमोबाइल क्षेत्र में कारोबार कर रहे हैं। बहन विजया पाटिल मीडिया के क्षेत्र में काम कर रहीं हैं।
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3. शरद राव पवार: देश के बड़े सियासी चेहरों में से एक शरद पवार की एक बेटी सुप्रिया सुले हैं। सुप्रिया सांसद हैं और राकांपा (एसपी) से सांसद हैं। पूर्व क्रिकेटर सदाशिव शिंदे की बेटी प्रतिभा शरद पवार की पत्नी हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शादी के दौरान ही शरद पवार ने बोल दिया था कि वह एक ही बच्चा चाहते हैं। फिर वह बेटी हो या बेटा।
4. प्रताप: शरद पवार के छोटे भाई प्रताप वाइन और मीडिया बिजनेस संभालते हैं। प्रताप के इकलौते बेटे अभिजीत हैं। अभिजीत भी मीडिया के क्षेत्र में काम करते हैं।
5. सरोज पाटिल: शरद पवार की छोटी बहन सरोज पाटिल गृहणी हैं। वह ज्यादा मीडिया के सामने नहीं आती हैं।
डकैतों से मुठभेड़ में एक भाई की चली गई थी जान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से मुठभेड़ में शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत हो गई थी। काटेवाडी के पादरे नामक स्थान में आज भी उनका स्मारक बना हुआ है।
4. प्रताप: शरद पवार के छोटे भाई प्रताप वाइन और मीडिया बिजनेस संभालते हैं। प्रताप के इकलौते बेटे अभिजीत हैं। अभिजीत भी मीडिया के क्षेत्र में काम करते हैं।
5. सरोज पाटिल: शरद पवार की छोटी बहन सरोज पाटिल गृहणी हैं। वह ज्यादा मीडिया के सामने नहीं आती हैं।
डकैतों से मुठभेड़ में एक भाई की चली गई थी जान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से मुठभेड़ में शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत हो गई थी। काटेवाडी के पादरे नामक स्थान में आज भी उनका स्मारक बना हुआ है।