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India-Pakistan Tension: सेना बोली- आतंकियों के अड्डों को तबाह करने में आकाश मिसाइल ने निभाई अहम भूमिका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Mon, 12 May 2025 03:37 PM IST
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सार

देश में ही तैयार 'आकाश' सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल वायु रक्षा प्रणाली ने पिछले दिनों पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष में अहम भूमिका निभाई है। जिसकी जानकारी आज एयर मार्शल एके भारती ने प्रेस ब्रीफिंग में दी।

Akash missiles were among weapon systems used by Indian military: Air Marshal AK Bharti.
'आकाश' मिसाइल प्रणाली - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम का आज तीसरा दिन है। सीमा पर भले ही शांति हो लेकिन दोनों देशों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। सोमवार को एक बार फिर भारत की डीजीएमओ ने प्रेस ब्रीफ की है। जिसमें उन्होंने पाकिस्तान की एक किए गए कायराना हमलों की पोल खोल दी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि, पाकिस्तान की ओर से किए गए हमले की कोशिशों को रोकने के लिए किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया। 

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स्वदेशी वायु रक्षा हथियारों ने शानदार प्रदर्शन किया
एयर मार्शल एके भारती ने बताया कि, पाकिस्तान को माकूल जबाव देने के लिए आकाश मिसाइलें भारतीय सेना द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली हथियार प्रणालियों में से एक थीं। इस पूरे घटनाक्रम में एक और मुख्य आकर्षण आकाश प्रणाली जैसे स्वदेशी वायु रक्षा हथियारों का शानदार प्रदर्शन था। हमारी लड़ाई आतंकी ढांचे और आतंकवादियों के खिलाफ थी, लेकिन पाक सेना ने आतंकवादियों का समर्थन करना चुना और संघर्ष को बढ़ाया। 

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एके भारती ने कहा कि आज के आधुनिक युद्ध में नेटसेंट्रिक ऑपरेशनल क्षमता (यानि सभी हथियार और सैनिकों को एक नेटवर्क के जरिये जोड़कर साथ में लड़ने की ताकत) बहुत जरूरी हो गई है। इस पर काफी कुछ कहा और लिखा जा चुका है, खासकर नए सिस्टम्स के बारे में। लेकिन मैं यहां ये कहना चाहता हूं कि हमारे पुराने, लेकिन जंग में आजमाए हुए सिस्टम्स ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है। जैसे कि 'पेचोहा', 'ओएके' और 'लाला' तोपें- ये पुराने सिस्टम्स होते हुए भी पाकिस्तानी खतरे का डटकर सामना कर रहे हैं। दुश्मन के पास आधुनिक हथियार थे, लेकिन इन पुराने और विश्वसनीय हथियारों ने भी अपनी ताकत साबित की और सीधी टक्कर दी। एक और खास बात यह है कि हमारे देश में बने स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम 'आर्चर सिस्टम' ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। मैं विशेष रूप से ये कहना चाहूंगा कि पिछले 10 सालों में इस ताकतवर एयर डिफेंस नेटवर्क को तैयार करना संभव हुआ है, और इसका श्रेय भारत सरकार को जाता है, जिसने लगातार बजट और नीति के स्तर पर पूरा समर्थन दिया है ताकि हम अत्याधुनिक हथियार और सिस्टम खरीद सकें।

'आकाश': हवाई खतरों से बचाने वाला भारत का स्वदेशी हथियार
'आकाश' को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने तैयार किया। डीआरडीओ की ओर से विकसित 'आकाश' एक मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल रक्षा प्रणाली है। इसे डीआरडीओ और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की ओर से निर्मित मिसाइलों द्वारा विकसित किया गया है।

18,000 मीटर की ऊंचाई, 45 KM दूरी तक निशाना
'आकाश' बैटरी मिसाइल प्रणाली 18,000 मीटर की ऊंचाई पर 45 किलोमीटर दूर तक के विमानों को निशाना बना सकती है। इसमें लड़ाकू जेट, क्रूज मिसाइल और हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ बैलिस्टिक मिसाइलों जैसे हवाई लक्ष्यों को बेअसर करने की क्षमता है। 

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कहीं भी जा सकता है आकाश
'आकाश' की सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि यह कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसे LoC या अन्य सीमा पर ट्रक या टैंक जैसे वाहनों के जरिए लेकर जाया जा सकता है। इसका एडवांस वर्जन आकाश-NG 70 से 80 किमी तक मार कर सकता है। इसकी रफ्तार लगभग 2,500 किमी/घंटा है। यह 150 किमी दूर तक 64 लक्ष्यों को देख सकता है। यह एक साथ 12 मिसाइलों को दाग सकता है। मिसाइल में स्मार्ट गाइडेंस सिस्टम है, जिससे आखिरी पल में भी लक्ष्य को लॉक करने में मदद मिलती है।

एक बैटरी 64 लक्ष्यों को ट्रैक, 12 पर कर सकती है हमला 
'आकाश' में एक राजेंद्र 3डी पैसिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे रडार और चार लॉन्चर होते हैं। इनमें से प्रत्येक में तीन मिसाइलें होती हैं। यह सभी आपस में जुड़ी होती हैं। प्रत्येक बैटरी 64 लक्ष्यों को ट्रैक कर सकती है और उनमें से 12 पर हमला कर सकती है।

आकाश की खासियत
वॉर हेड: 
60 किलोग्राम प्री-फ्रैगमेंटेड हाई एक्सप्लोसिव वॉर हेड
प्रणोदन: सॉलिड बूस्टर और इंटीग्रल रॉकेट या रैमजेट सस्टेनर मोटर
ऑपरेशनल रेंज: 45 किमी
अधिकतम गति: मैक 2.5
गाइडेंस सिस्टम मिड कोर्स: डेटालिंक के साथ कमांड मार्गदर्शन
टर्मिनल: सक्रिय रडार होमिंग
लॉन्च प्लेटफॉर्म: T-72 या BMP-2 चेसिस या हैवी मोबिलिटी ट्रक

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