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Monsoon Session: मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक, बागी सांसदों के शामिल होने पर भड़की TMC; विपक्ष का वॉकआउट
Sun, 19 Jul 2026 11:32 AM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:32 AM IST
सार
Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने टीएमसी के बागी सांसदों की मौजूदगी को लेकर विरोध जताया और बैठक से बाहर निकल गया। विपक्षी दलों का आरोप है कि नियमों का पालन किए बिना कुछ सांसदों को अलग मान्यता दी जा रही है। पढ़िए अपडेट्स-
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सर्वदलीय बैठक
- फोटो : ऑल इंडिया रेडियो
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विस्तार
संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले संसद भवन एनेक्सी में सर्वदलीय बैठक जारी है। मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। विपक्षी सांसदों ने बैठक से वॉकआउट किया है।
विपक्ष ने क्यों किया बैठक से वॉकआउट?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध जताते हुए बाहर निकल गया। इसकी वजह यह है कि कथित एनसीपीआई, जो एक गैर-मान्यता प्राप्त दल है, उसे बैठक में शामिल किया गया।
उन्होंने कहा, टेबल ऑफिस (संसदीय दस्तावेज और व्यवस्था संभालने वाला विभाग) की ओर से दी गई सूची में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की ताकत 28 सांसद दिखाई गई है। इन कथित 20 बागी सांसदों के विलय को अभी तक लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूरी नहीं दी है। इन 20 सांसदों की अयोग्यता से जुड़ी याचिकाएं अब भी लंबित हैं।
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महुआ मोइत्रा ने कहा, 91वें संविधान संशोधन के बाद किसी अलग गुट के बनने की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में संसदीय कार्य मंत्री ने किस आधार पर इन 20 बागी सांसदों को निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हो रहे हैं? उन्होंने आगे कहा, हमने इस मामले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और विरोध के प्रतीक के रूप में बैठक से बाहर निकल गए। हम सभी विपक्षी दलों का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने हमारा साथ दिया।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, कांग्रेस ने संविधान की रक्षा के लिए बैठक से वॉकआउट किया है। अंतिम फैसला आने से पहले ही कोई अनुमान लगाना पूरी तरह असांविधानिक है।
अरविंद सावंत ने क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, उन्हें (बागी सांसदों को) दी गई मान्यता, कानून की किताबों में यह शब्द कहां है? हमने भी इसका विरोध किया है और सदन से वॉकआउट किया है।
आम आदमी पार्टी के सांसद एनडी गुप्ता ने कहा, हमारे मामले में राज्यसभा के 10 सांसदों में से 7 को अलग कर लिया गया है और यह तय करने के लिए हमारी याचिका लंबित है कि यह सही है या नहीं। इसके बावजूद उन्हें राज्यसभा में अलग से स्वतंत्र सीटें दे दी गई हैं। यह सिर्फ एक तरह से सांसदों को अपने साथ मिलाना और लोकतंत्र की हत्या है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। मानसून सत्र की तारीखों का एलान करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, भारत सरकार की सिफारिश पर माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने संसद के दोनों सदनों को मानसून सत्र 2026 के लिए बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा की जाएगी और फैसले लिए जाएंगे। चार सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में संसद की 19 बैठकें होंगी।
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विपक्ष ने क्यों किया बैठक से वॉकआउट?
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, आज कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) समेत पूरा विपक्ष सर्वदलीय बैठक से विरोध जताते हुए बाहर निकल गया। इसकी वजह यह है कि कथित एनसीपीआई, जो एक गैर-मान्यता प्राप्त दल है, उसे बैठक में शामिल किया गया।
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उन्होंने कहा, टेबल ऑफिस (संसदीय दस्तावेज और व्यवस्था संभालने वाला विभाग) की ओर से दी गई सूची में अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस की ताकत 28 सांसद दिखाई गई है। इन कथित 20 बागी सांसदों के विलय को अभी तक लोकसभा अध्यक्ष ने मंजूरी नहीं दी है। इन 20 सांसदों की अयोग्यता से जुड़ी याचिकाएं अब भी लंबित हैं।
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महुआ मोइत्रा ने कहा, 91वें संविधान संशोधन के बाद किसी अलग गुट के बनने की कोई गुंजाइश नहीं है। ऐसे में संसदीय कार्य मंत्री ने किस आधार पर इन 20 बागी सांसदों को निमंत्रण दिया और वे इस बैठक में कैसे शामिल हो रहे हैं? उन्होंने आगे कहा, हमने इस मामले पर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और विरोध के प्रतीक के रूप में बैठक से बाहर निकल गए। हम सभी विपक्षी दलों का धन्यवाद करते हैं कि उन्होंने हमारा साथ दिया।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा, कांग्रेस ने संविधान की रक्षा के लिए बैठक से वॉकआउट किया है। अंतिम फैसला आने से पहले ही कोई अनुमान लगाना पूरी तरह असांविधानिक है।
अरविंद सावंत ने क्या कहा?
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा, उन्हें (बागी सांसदों को) दी गई मान्यता, कानून की किताबों में यह शब्द कहां है? हमने भी इसका विरोध किया है और सदन से वॉकआउट किया है।
आम आदमी पार्टी के सांसद एनडी गुप्ता ने कहा, हमारे मामले में राज्यसभा के 10 सांसदों में से 7 को अलग कर लिया गया है और यह तय करने के लिए हमारी याचिका लंबित है कि यह सही है या नहीं। इसके बावजूद उन्हें राज्यसभा में अलग से स्वतंत्र सीटें दे दी गई हैं। यह सिर्फ एक तरह से सांसदों को अपने साथ मिलाना और लोकतंत्र की हत्या है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा और 13 अगस्त तक चलेगा। मानसून सत्र की तारीखों का एलान करते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने एक्स पर लिखा, भारत सरकार की सिफारिश पर माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने संसद के दोनों सदनों को मानसून सत्र 2026 के लिए बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई 2026 से शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा की जाएगी और फैसले लिए जाएंगे। चार सप्ताह तक चलने वाले इस सत्र में संसद की 19 बैठकें होंगी।