संवाद का दूसरा दिन: अखिलेश ने बताई 2027 की रणनीति; वरुण-मृणाल ने साझा कीं लखनऊ की यादें, पढ़ें किसने क्या कहा
अमर उजाला संवाद - उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अमर उजाला संवाद के मंच पर दूसरे दिन देश और राज्य कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की। इस दौरान सभी ने तमाम मुद्दों पर अपनी-अपनी राय रखी। इसमें राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जहां राजनीति पर चर्चा की, वहीं सिने कलाकार वरुण धवन और मृणाल ठाकुर के साथ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ने नए कंटेंट पर अपना नजरिया पेश किया। जानिए दूसरे दिन क्या-क्या हुआ...
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विस्तार
यूपी में कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ेगी सपा?
'सियासत, सपने और हकीकत' सेगमेंट में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने साल 2027 के लिए राज्य में अपने पार्टी की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी किस रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। इन सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि हमारा विरोधी बहुत ताकतवर है, इसलिए हम रणनीति नहीं बताएंगे। हालांकि, कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर वे जरूर बोले, लेकिन राहुल गांधी के साथ चुनाव प्रचार करते नजर आएंगे या नहीं, इस पर खुलकर नहीं बोले। विपक्ष का चेहरा कौन है, इस बारे में भी उन्होंने खुलासा किया। पूरी खबर यहां पढ़ें
अखिलेश की किस पसंद से विरोधी परेशान हैं?
संवाद में अखिलेश यादव ने बंगाल चुनाव, नीट एग्जाम और सड़क पर नमाज जैसे मुद्दों पर खुलकर विचार रखें। उन्होंने कहा कि भाजपा अयोध्या की हार को भूल नहीं पा रही है। वहीं, जब अखिलेश यादव से पूछा गया कि आपको कौन सा खाना पसंद है तो उन्होंने कहा कि मुझे सभी खाना पसंद है। लेकिन आज मंगलवार है तो मैं भंडारा खाऊंगा, फिर पूछा गया कौन सी फिल्म और अभिनेता पसंद है तो उन्होंने कहा कि मुझे एक रशियन फिल्म बिहाइंड एनिमी लाइन्स पसंद है और जब भारतीय अभिनेता और अभिनेत्री के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि मुझे पुष्पक फिल्म कमल हासन की बहुत पसंद है। इसी दौरान उन्होंने कहा कि हमनें मुगल-ए-आजम फिल्म न जाने कितनी बार देखी है। विरोधी लोग इसी बात से परेशान हैं कि हम मुगल-ए-आजम क्यों देख रहे हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
उत्तर प्रदेश की प्रगति पर अनुप्रिया पटेल ने जताई खुशी
'अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026' में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने शिरकत की। इस दौरान राज्य की प्रगति पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, 'हम सब के लिए प्रसन्नता का विषय है कि विकसित उत्तर प्रदेश के विकसित भारत का ये जो संकल्प है निरंतर आज प्रदेश सरकार के मुखिया और एनडीए सरकार के कार्यकाल में आगे बढ़ रहा है। पूरी खबर यहां पढ़ें
'नमक-शमक डाल देते हैं' का राज
अमर उजाला संवाद लखनऊ 2026 के दूसरे दिन मशहूर सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने मंच पर पहुंचकर अपने अनोखे अंदाज में जिंदगी के किस्सों को साझा किया। ‘स्वाद और सफलता का तड़का’ विषय पर बोलते हुए उन्होंने सबसे पहले अपनी जिंदगी से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया। उन्होंने कहा कि नमक-शमक प्रबंधन का सबक बन गया है। जब तक हम दबाव में नहीं आते, अच्छे विचार नहीं निकल पाते। उन्होंने कहा कि लोग मरने के बाद हमें कैसे याद रखेंगे? हमने कहा कि जीते-जी लोग याद रख लें, यह काफी है। पूरी खबर यहां पढ़ें
'भारत के अनोखे स्वाद' हरपाल सिंह सोखी की जुबानी
प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश कार्यक्रम के दौरान ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फूड’ पहल की सराहना करते हुए कहा कि खाना केवल स्वाद नहीं, बल्कि एक भावना और जज्बात है। उन्होंने कहा कि जैसे लखनऊ अपनी कबाब संस्कृति के लिए जाना जाता है, वैसे ही देश के हर शहर और जिले की अपनी अलग खानपान पहचान होती है। उत्तर प्रदेश सरकार की ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन फूड’ पहल इसी स्थानीय स्वाद और परंपरा को बढ़ावा देने का एक सराहनीय प्रयास है। पूरी खबर यहां पढ़ें
अमर उजाला से आठ साल बाद हुआ AI का जन्म
अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन एआई के जरिए स्मार्ट शिक्षा और इंटेलिजेंस कैंपस जैसे विषयों पर मंथन के लिए एकेटीयू के प्रति कुलपति प्रो. राजीव कुमार, आईआईएम निदेशक प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता, डॉ. जयश्री पेरिवाल, सुभारती विश्वविद्यालय के डीन प्रो. मनोज कपिल शामिल हुए। प्रो. मनोज कपिल ने कहा- एआई नया नहीं है, एआई का जन्म अमर उजाला से आठ साल बाद हुआ था। 1956 में बताया गया कि दुनिया में एआई नाम की कोई चीज है। उसका फिर धीरे-धीरे विस्तार होता चला गया। सबसे पहले बच्चों को यह पता होना चाहिए कि एआई को कैसे इस्तेमाल करना है, एआई का कितना इस्तेमाल होना चाहिए, एआई कब इस्तेमाल करना है और एआई कब इस्तेमाल नहीं करना है। पूरी खबर यहां पढ़ें
'एआई नहीं अपनाया तो पीछे रह जाएंगे'
अमर उजाला ‘संवाद’ में स्मार्ट शिक्षा और एआई कैंपस पर मंथन किया गया। इस अवसर पर डॉ. जयश्री पेरीवाल ने कहा कि यदि AI को नहीं अपनाया गया तो हम पीछे रह जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे स्कूल हों या कॉलेज, डॉक्टर हों या शिक्षक एआई को अपनाना जरूरी है, वरना हम डायनासोर की तरह हो जाएंगे और धीरे-धीरे विलुप्त हो जाएंगे , लेकिन इसे कैसे अपनाना है यह विवेक का विषय है। पूरी खबर यहां पढ़ें
हरपाल सिंह सोखी ने सुनाया संघर्ष का किस्सा
अमर उजाला संवाद लखनऊ 2026 में प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ हरपाल सिंह सोखी ने अपने खास अंदाज में जिंदगी, शिक्षा और खानपान से जुड़े अनुभव साझा किए। उनकी बातों ने न केवल युवाओं को प्रेरित किया, बल्कि यह भी बताया कि सफलता के लिए केवल हुनर ही नहीं, बल्कि सही शिक्षा और नवाचार भी जरूरी हैं। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे पूछा गया कि एक शेफ के लिए पढ़ा-लिखा होना कितना जरूरी है, तो उन्होंने कहा कि हर इंसान को शिक्षित होना चाहिए। हर नागरिक में समझ होना जरूरी है कि क्या सही है और क्या गलत। पूरी खबर यहां पढ़ें
बच्चें जान लें AI से इन चार सवालों के जवाब
अमर उजाला संवाद में प्रो. मनोज कपिल ने कहा कि बच्चों को एआई इस्तेमाल करने से जुड़े चार सवालों के जवाब पता होने चाहिए। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में एआई शिक्षा, असिस्मेंट, काउंसलिंग और प्लेसमेंट का बड़ा आधार बनेगा। प्रो. मनोज कपिल ने कहा कि आने वाले वर्षों में एआई दुनिया की कार्यप्रणाली को पूरी तरह बदल देगा। ऐसे में बच्चों और युवाओं के लिए सिर्फ एआई के बारे में जानना ही नहीं, बल्कि उसका सही और संतुलित उपयोग समझना भी बेहद जरूरी है। पूरी खबर यहां पढ़ें
पंजाब-हिमाचल पर केशव प्रसाद मौर्य का बड़ा दावा
लखनऊ में दो दिन के अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कैशव प्रसाद मौर्य ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने कहा- 'देखिए सबसे बड़ी जो ताकत हमारी है, हमारे संगठित कार्यकर्ताओं की बूथ स्तर तक समर्पित संरचना है। हमारे कार्यकर्ता का एक ही लक्ष्य रहता है कि मेरा बूथ सबसे मजबूत और इस संकल्प के साथ हमारा जो अभियान शुरू होता है तो वह अभियान सिर्फ इस सीमा तक नहीं रहता है कि हमने कोई बैठक कर लिया या सम्मेलन कर लिया या मन की बात सुन ली। बल्कि हर परिवार से कैसे संपर्क हो और किस परिवार में कौन मतदाता, हर हाल में और किसी भी परिस्थिति में मजबूती के साथ खड़े रहेंगे। पूरी खबर यहां पढ़ें
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव पर क्या बोले केशव प्रसाद मौर्य
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि भारतीय जनता पार्टी में व्यक्ति नहीं, बल्कि पार्टी तय करती है कि कौन नेता कहां से चुनाव लड़ेगा। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि भाजपा प्रदेश में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। जब उनसे पूछा गया कि अगले चुनाव में वह किस सीट से मैदान में उतरेंगे, तो मौर्य ने कहा 'पार्टी जहां से चुनाव लड़ने को कहेगी, वहीं से लड़ेंगे। हमारे यहां पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है। इस बार हर हाल में कमल खिलाएंगे और प्रदेश में तीसरी बार भाजपा सरकार बनाएंगे।' पूरी खबर यहां पढ़ें
'AI हर क्षेत्र को बदलेगा, स्किल्स डेवलपमेंट है असली चुनौती'
अमर उजाला ‘संवाद 2026’ के महामंथन में आईआईएम के निदेशक प्रो. मनमोहन प्रसाद गुप्ता भी शिरकत किया। एआई पर बात करते हुए प्रो. मनमोहन प्रसाद ने कहा कि आने वाली पीढ़ी के लिए चुनौतियां बढ़ रही हैं, क्योंकि एआई अब जीवन के हर क्षेत्र को प्रभावित करेगा। लेकिन असली सवाल यह नहीं है कि एआई आएगा या नहीं, बल्कि यह है कि पूरा देश इसमें अपनी क्षमता कैसे विकसित करेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें
सड़क बंद न हो यह हमारी जिम्मेदारी- ब्रजेश पाठक
लखनऊ में अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भंडारा और नमाज पर खुलकर चर्चा की। उन्होने कहा कि हनुमान जी की कृपा से ही हमारे सारे काम चल रहे हैं। उन्हीं की कृपा से विश्व भी चल रहा है। उत्तर प्रदेश उनकी कृपा से ही तेजी से बढ़ रहा है। कार्यक्रम में उनसे पूछा कि सीएम ने सड़क पर नमाज को लेकर बयान दिया तो ब्रजेश पाठक ने जवाब दिया कि भंडारे में सड़क किसी तरह से बंद न हो यह हमारी जिम्मेदारी है। पूरी खबर यहां पढ़ें
इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य और सड़क सुरक्षा पर बात
अमर उजाला संवाद 2026 के मंच पर मंगलवार को 'नया भारत, नया उत्तर प्रदेश' विषय पर एक विस्तृत परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण सत्र में उद्योग जगत के दिग्गजों और नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया और राज्य के आर्थिक विकास, आधारभूत ढांचे, क्विक कॉमर्स और स्वास्थ्य क्षेत्र में आ रहे बदलावों का डेटा-आधारित विश्लेषण पेश किया। उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और रियल एस्टेट परिदृश्य पर बात करते हुए एफिल ग्रुप के चेयरमैन एसके गर्ग ने राज्य की निवेश संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और राज्य के पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
क्रिटिक पर क्या बोले वरुण धवन
अमर उजाला संवाद के दूसरे दिन आज अभिनेता वरुण धवन और मृणाल ठाकुर ने कार्यक्रम में शिरकत की। 'एंटरटेनमेंट का डबल तड़का' सेशन के अंतर्गत दोनों कलाकार अपनी आने वाली फिल्म और पर्सनल लाइफ से जुड़े सवालों के जवाब दिए। दोनों कलाकार इन दिनों अपनी आगामी फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' को लेकर चर्चा में हैं। इस दौरान वरुण धवन ने कहा अब जब भी कोई नेपोटिज्म का आरोप लगाता है तो मुझे लगता है कि वह बस एक आवाज है। पूरी खबर यहां पढ़ें
ट्रोलिंग पर बोलीं मृणाल ठाकुर
संवाद के मंच पर अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने अपने फिल्मी करियर पर बात की। मैं लखनऊ में हूं। यहां मेरा मुस्कुराना नहीं रुक रहा। मैं जब तक लखनऊ न आऊं, कोई फिल्म पूरी नहीं होती। मैं सभी दर्शकों का शुक्रिया अदा करूंगी। मुझे दर्शकों ने जो प्यार दिया है, वही मेरे लिए एक आग का काम करता है। मैं सभी से यही कहना चाहूंगी कि आपके सपने कभी छोटे नहीं होते। मृणाल ने आगे कहा- मेरी फैमिली गांव से आती है। कोई जेन-जी और मिलेनियन फैमिली नहीं है। मैं अपने अनुभव बता रही थी। अगर स्टार्स अपने अनुभव बताते हैं तो जरूरी नहीं कि उन्हें ट्रोल किया जाए। बहुत से लोग इसलिए भी बात नहीं करते कि उन्हें ट्रोल किए जाने का डर लगता है। हालांकि, आज मुझे ट्रोलिंग का बहुत फर्क नहीं पड़ता। मैं अपने घर बहुत खुश हूं। पूरी खबर यहां पढ़ें
यूट्यूब से फिल्मों तक कैसे पहुंचे अगु स्टैनली
अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026 के मंच पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अगु स्टेनली भी पहुंचे। मूल रूप से नाइजीरियन अगु स्टेनली ने कई दिलचस्प सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया- मैं यहां पढ़ाई करने सात साल पहले नाइजीरिया से आया था। मैंने लखनऊ से बी.फार्मा किया। तीन साल से कंटेंट बना रहा हूं। अब मुंबई शिफ्ट हो गया हूं। वहां अनुराग कश्यप का कॉल आ गया बॉबी देओल के साथ फिल्म 'बंदर' करने के लिए। इसके अलावा साउथ की भी एक फिल्म करने जा रहा हूं मैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
एआई के दौर में क्या है शिक्षा क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौती?
लखनऊ में आयोजित अमर उजाला संवाद 2026 के दौरान एआई के जरिए स्मार्ट शिक्षा और इंटेलिजेंट कैंपस विषय पर विशेष पैनल चर्चा आयोजित की गई। इस चर्चा में एकेटीयू के प्रो-वाइस चांसलर राजीव कुमार ने एआई को लेकर लोगों के मन में मौजूद डर और भ्रम पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह एआई को लेकर लोगों में आशंका दिखाई दे रही है, वैसा ही माहौल कई साल पहले कंप्यूटर आने के समय भी था। उन्होंने कहा, 'करीब 30 साल पहले जब भारत में कंप्यूटर आया था, तब भी यही कहा जा रहा था कि मशीनें इंसानों की नौकरियां खत्म कर देंगी। उस समय छात्र भी चिंतित थे।पूरी खबर यहां पढ़ें