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Tamil Nadu: सेंथिल बालाजी पर शिकंजा कसने की मांग, अंबुमणि रामदास बोले- ED केस में तमिलनाडु सरकार दे मंजूरी

पीटीआई, चेन्नई Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 19 May 2026 03:02 PM IST
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सार

पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से डीएमके नेता सेंथिल बालाजी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई की अनुमति देने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी हुई।

Anbumani Ramadoss Urges Tamil Nadu Government to Approve Prosecution of Senthil Balaji in ED Case
सेंथिल बालाजी पर शिकंजा कसने की मांग - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने मंगलवार को तमिलनाडु सरकार से मांग की कि डीएमके नेता और पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कानूनी कार्रवाई की अनुमति दी जाए। अंबुमणि रामदास ने बयान जारी कर कहा कि ईडी ने राज्य सरकार से उस मामले में जांच आगे बढ़ाने की मंजूरी मांगी है, जिसमें आरोप है कि राज्य परिवहन निगमों में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से करोड़ों रुपये की अवैध वसूली की गई। उन्होंने इसे प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में स्वागतयोग्य कदम बताया।

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2011 से 2015 के कार्यकाल से जुड़ा मामला
रामदास ने कहा कि चेन्नई पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने सेंथिल बालाजी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। आरोप है कि परिवहन मंत्री रहते हुए उन्होंने हजारों लोगों को ड्राइवर, कंडक्टर, इंजीनियर और तकनीकी कर्मचारियों की नौकरी दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। इसी मामले को आधार बनाकर ईडी ने सेंथिल बालाजी, उनके भाई और अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। यह मामला फिलहाल चेन्नई की विशेष अदालत में लंबित है।
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410 दिन जेल में रहे थे बालाजी
अंबुमणि रामदास ने कहा कि इसी केस में सेंथिल बालाजी की गिरफ्तारी हुई थी और वह 410 दिनों तक जेल में रहे थे। हालांकि, पूर्व मंत्रियों के खिलाफ अभियोजन चलाने के लिए सरकारी मंजूरी जरूरी होती है और पिछली डीएमके सरकार के दौरान यह मंजूरी नहीं दी गई, जिसके कारण अदालत में सुनवाई शुरू नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि पिछले साल 14 मई को ईडी ने तत्कालीन राज्यपाल आर.एन. रवि को पत्र भेजकर कार्रवाई की अनुमति मांगी थी, लेकिन उस समय सरकार ने यह कहते हुए प्रस्ताव खारिज कर दिया था कि ऐसी मंजूरी केवल राज्य सरकार ही दे सकती है।
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'खुद पैसे लौटाने की बात स्वीकार कर चुके हैं बालाजी'
रामदास ने दावा किया कि सेंथिल बालाजी ने हाईकोर्ट में यह स्वीकार किया था कि उन्होंने नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए थे और बाद में कई पीड़ितों को रकम वापस भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में अवैध रूप से कमाए गए पैसों को इधर-उधर किया गया, जिसके पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। पीएमके नेता ने कहा "ऐसे व्यक्ति को सिर्फ राजनीतिक संरक्षण के आधार पर कानून से बचने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"

सरकार से जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की मांग
अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार से भ्रष्टाचार के मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने की अपील करते हुए कहा कि सरकार को ईडी को जरूरी मंजूरी देकर मामले की न्यायिक प्रक्रिया शुरू करने देनी चाहिए।

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