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Kerala High Court: एंटनी राजू की याचिका खारिज; चुनाव लड़ने पर संशय बरकरार, सबूतों से छेड़छाड़ का लगा था आरोप

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Riya Dubey Updated Tue, 17 Mar 2026 03:13 PM IST
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सार

केरल हाईकोर्ट ने एंटनी राजू की सजा पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी। साक्ष्य से छेड़छाड़ मामले में मिली तीन साल की सजा के चलते उनकी अयोग्यता बरकरार रहेगी और फिलहाल उनका विधानसभा चुनाव लड़ना मुश्किल हो गया है।

Antony Raju's petition dismissed; doubts remain over contesting elections, alleging tampering of evidence
पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू - फोटो : एक्स
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विस्तार

केरल हाई कोर्ट ने मंगलवार को पूर्व परिवहन मंत्री एंटनी राजू की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने साक्ष्य से छेड़छाड़ के मामले में अपनी सजा पर रोक लगाने की मांग की थी। यह याचिका आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने की अनुमति पाने के उद्देश्य से दाखिल की गई थी। न्यायमूर्ति सी. जयचंद्रन ने राजू की याचिका को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि फिलहाल उनकी सजा बरकरार रहेगी। मामले में विस्तृत आदेश का इंतजार है।
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क्या है पूरा मामला?

राजू, जो जनधिपत्य केरल कांग्रेस के नेता हैं और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) का हिस्सा रहे हैं, को नेदुमंगड की न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ने 1990 के एक ड्रग्स मामले में साक्ष्य से छेड़छाड़ के आरोप में तीन साल की सजा सुनाई थी। उस समय वह एक ऑस्ट्रेलियाई नागरिक के वकील के रूप में पेश हुए थे।
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सजा के बाद विधायक पद से हुए थे अयोग्य घोषित

सजा के बाद केरल विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर उन्हें विधायक पद से अयोग्य घोषित कर दिया था। राजू तिरुवनंतपुरम सेंट्रल सीट से विधायक थे।

राजू ने क्या दी दलील?

अपनी याचिका में राजू ने दलील दी थी कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8(3) के तहत उनकी अयोग्यता स्वतः और तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जिससे उन्हें चुनाव लड़ने से रोका जा रहा है। उन्होंने कहा था कि जब तक दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगती, तब तक उनकी स्थिति बहाल नहीं हो सकती।

उन्होंने यह भी दावा किया कि निचली अदालत का फैसला तथ्यों और कानून के खिलाफ है और साक्ष्यों के मूल्यांकन में गंभीर त्रुटियां हुई हैं। साथ ही, उन्होंने 35 साल की देरी का हवाला देते हुए सजा को अत्यधिक बताया। हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका खारिज कर दी, जिससे उनके चुनाव लड़ने की राह फिलहाल मुश्किल हो गई है।

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