Congress: नेशनल टैलेंट हंट के सहारे खुद को मजबूत करेगी कांग्रेस, आधार वोट वापस लाने की कोशिश
राहुल गांधी की पहल पर कांग्रेस ने युवाओं को जोड़ने के लिए टैलेंट हंट शुरू किया है। 15 अप्रैल तक आवेदन लेकर चयनित युवाओं को संगठन में जिम्मेदारी दी जाएगी। पार्टी इसे 2029 चुनाव की तैयारी मान रही है, हालांकि भाजपा ने इसे दिखावा बताया है।
विस्तार
राहुल गांधी ने 2007-08 में 'परिवारवाद' के आरोपों से जूझ रही कांग्रेस में योग्यता के आधार पर कार्यकर्ताओं-युवाओं को पार्टी में आगे बढ़ाने की योजना बनाई थी। इस योजना पर काम करते हुए राहुल गांधी ने स्वयं युवाओं के साक्षात्कार लिए और युवा कांग्रेस और कांग्रेस के छात्र संगठन (एनएसयूआई) में विभिन्न पदों की जिम्मेदारी दी थी। पार्टी इसी योजना के सहारे एक बार फिर अपने आपको राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाने की तैयारी कर रही है।
इस योजना के अंतर्गत कांग्रेस के साथ काम करने को इच्छुक युवाओं से 15 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। आवेदन आने के बाद एक स्क्रीनिंग में चुने हुए युवाओं को साक्षात्कार के लिए बुलाया जाएगा। जिला और इसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर दो चरणों में साक्षात्कार में सफल युवाओं को पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी देकर उन्हें आगे बढ़ाया जाएगा। इसे 2029 लोकसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। इस टैलेंट हंट के लिए पार्टी ने कई शीर्ष नेताओं को विशेष जिम्मेदारी दी है।
दिल्ली में भी टैलेंट हंट
दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजधानी में भी टैलेंट हंट कार्यक्रम चलाने की जानकारी दी। कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी की विचारधारा से सहमति रखने वाले युवाओं को पार्टी के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से कांग्रेस में राष्ट्रीय, प्रदेश और जिला स्तर पर प्रवक्ता, रिसर्च कोऑर्डिनेटर सहित कई अहम पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए 15 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। यह युवाओं के लिए अपनी आवाज को बड़े स्तर पर पहुंचाने का अच्छा अवसर होगा।
युवाओं को मंच, पार्टी को मजबूती
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस नेता अनिल भारद्वाज ने अमर उजाला से कहा कि इस प्रक्रिया से चुनकर प्रतिभाशाली युवा पार्टी में आयेंगे। कई मुद्दों पर युवा अपनी बात रखने की सोचते हैं, लेकिन उचित मंच न मिलने से उनकी आवाज दबकर रह जाती है। इस टैलेंट हंट से वे ऐसे युवाओं को मंच देने का काम करेंगे। कांग्रेस नेता ने कहा कि इससे पार्टी को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अपने आधार वोट के साथ-साथ अन्य सभी वर्गों के युवाओं को जोड़ने की कोशिश करेगी।
दिल्ली में राह आसान नहीं
इस योजना के सहारे कांग्रेस खुद को राजधानी में भी मजबूत बनाने की कोशिश करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली में लगातार तीन बार (1998-2013) सरकार बनाने वाली कांग्रेस का इस समय राजधानी में हालात बहुत अच्छा नहीं है। वह दिल्ली विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनावों (2014-2024) में लगातार शून्य पर ठहर जा रही है। इस दौरान उसका वोट प्रतिशत लगातार गिरता गया है।
पार्टी का यह हाल उसके आधार वोट के आम आदमी पार्टी के पास खिसक जाने के कारण हुआ है। लेकिन 2025 में भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के सत्ता से जाने के बाद कांग्रेस अपने लिए नई परिस्थितियों में संभावनाएं तलाश रही है। यदि राजधानी का मुस्लिम और अनुसूचित समुदाय का मतदाता उसके साथ वापस आ जाता है तो उसके लिए स्थितियां बदल सकती हैं। कुछ इन्हीं परिस्थितियों में पार्टी ने पिछले नगर निगम चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया था। इससे पार्टी की राजधानी स्तर पर वापसी की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
कांग्रेस की कोशिश नहीं होगी कामयाब- भाजपा
भाजपा प्रवक्ता अनुरुद्ध प्रताप सिंह ने अमर उजाला से कहा कि कांग्रेस पार्टी युवाओं को आकर्षित करने के नाम पर केवल दिखावा कर रही है। असलियत यह है कि उसके दर्जनों युवा नेता राहुल गांधी की कार्यशैली से नाराज होकर कांग्रेस पार्टी छोड़-छोड़ कर जा रहे हैं। उसके पास राष्ट्रीय या राज्य स्तर पर नेता नहीं रह गए हैं। उन्होंने कहा कि यूपी हो या बिहार, कांग्रेस को चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार तक नहीं मिलते। उन्होंने कहा कि आज का युवा राष्ट्र के विकास को समर्पित राजनीतिक दलों और नेताओं को पसंद करता है। देश के युवाओं ने बार बार दिखाया है कि वे भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं।