CISF: सीआईएसएफ इकाइयों में शुरू होगी आयुष ओपीडी सेवा, जवानों की क्षमता और कार्य कुशलता बढ़ाने में मिलेगी मदद
सीआईएसएफ ने आयुष मंत्रालय के साथ समझौता कर योग, आयुर्वेद और वेलनेस सेवाएं शुरू कीं। इससे जवानों का स्वास्थ्य, फिटनेस और कार्य क्षमता बेहतर होगी, साथ ही तनाव प्रबंधन में मदद मिलेगी।
विस्तार
सीआईएसएफ कार्मिकों के स्वास्थ्य, कल्याण और कार्य क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने भारत सरकार के आयुष मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके जरिए सीआईएसएफ इकाइयों में 'आयुष' ओपीडी सेवाएं शुरू होंगी। जवानों के स्वास्थ्य का बेहतर ध्यान रखा जा सकेगा। इससे जवानों की क्षमता और कार्य कुशलता बढ़ाने में मदद मिलेगी। एमओयू पर सीआईएसएफ की ओर से महानिरीक्षक (प्रशासन) प्रतिभा अग्रवाल तथा आयुष मंत्रालय से सलाहकार (आयुष) डॉ. ए रघु ने हस्ताक्षर किए हैं।
यह समझौता सीआईएसएफ और आयुष मंत्रालय के बीच एक व्यवस्थित सहयोग स्थापित करेगा, जिसके तहत योग, आयुर्वेद और अन्य आयुष पद्धतियों को सीआईएसएफ कार्मिकों एवं उनके परिवारों के दैनिक जीवन में शामिल किया जाएगा। यह पहल उन विशेष स्वास्थ्य चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाई गई है, जिनका सामना सीआईएसएफ के कार्मिक कठिन और तनावपूर्ण परिस्थितियों में कार्य करते हुए करते हैं।
स्वास्थ्य और कल्याण के लिए समग्र दृष्टिकोण
सीआईएसएफ कार्मिकों के दृष्टिकोण से यह पहल उनके दैनिक जीवन और सेवा स्थितियों में कई व्यावहारिक लाभ प्रदान करेगी।
• नियमित योग सत्र और वेलनेस कार्यक्रम
• वैज्ञानिक तरीके से तनाव प्रबंधन
• आयुष आधारित उपायों से बेहतर रोग प्रतिरोधक क्षमता
• आयुष परामर्श और पंचकर्म जैसी चिकित्सा सुविधाओं तक पहुंच
• स्वस्थ जीवनशैली और रोगों की रोकथाम पर जागरूकता अभियान
• बेहतर जीवन गुणवत्ता, फिटनेस और समग्र स्वास्थ्य

वेलनेस कैंप और कार्यशालाएं आयोजित होंगी
आयुष मंत्रालय इस पहल के लिए तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करेगा, जिसमें मानकीकृत वेलनेस मॉड्यूल, उपचार प्रोटोकॉल और प्रशिक्षित मानव संसाधन शामिल हैं। देशभर में सीआईएसएफ इकाइयों में वेलनेस कैंप, कार्यशालाएं और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक कार्मिक इसका लाभ उठा सकें। सीआईएसएफ इकाइयां स्वास्थ्य शिविरों और वेलनेस गतिविधियों के आयोजन के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सहयोग प्रदान करेंगी, जबकि आयुष मंत्रालय तकनीकी सहायता, विशेषज्ञता और कार्यक्रमों का डिजाइन उपलब्ध कराएगा।
क्षमता और कार्य कुशलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण
सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, यह एमओयू बल के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत है। आने वाले समय में हमारे कार्मिक इसके महत्व को अपने स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के रूप में महसूस करेंगे। आयुर्वेद, जो सदियों के ज्ञान और अनुभव पर आधारित है, निवारक स्वास्थ्य और संतुलित जीवन के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है। स्वस्थ बल ही सक्षम बल होता है, और यह पहल सीआईएसएफ के कार्मिकों के कल्याण, उनकी क्षमता और कार्य कुशलता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा, पिछले कुछ वर्षों में आयुर्वेद ने उल्लेखनीय प्रगति की है, जिसे वैज्ञानिक प्रमाणों और व्यापक स्वीकृति का समर्थन मिला है। कोविड-19 के दौरान इसकी प्रभावशीलता स्पष्ट रूप से सामने आई, जहां प्रमाण आधारित उपायों ने रोकथाम, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और स्वस्थ होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।