General Upendra Dwivedi: सेना प्रमुख द्विवेदी ने गणतंत्र दिवस शिविर का किया दौरा, एनसीसी कैडेटों से की बातचीत
सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने दिल्ली छावनी में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया। उन्होंने चयनित कैडेटों से संवाद किया। 30 दिसंबर से शुरू हुआ यह एक माह का शिविर 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों के 2,406 कैडेटों की भागीदारी के साथ अब तक का सबसे बड़ा है।
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सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी ने बुधवार को दिल्ली छावनी के कारियाप्पा परेड कैंप में आयोजित राष्ट्रीय कैडेट कोर गणतंत्र दिवस शिविर 2026 का दौरा किया। इस दौरान, सीओएएस ने राष्ट्रीय आयोजन के लिए चयनित कैडेटों से बातचीत की। शिविर के दौरे के अलावा, जनरल द्विवेदी और एडब्लूडब्ल्यूए की अध्यक्ष सुनीता द्विवेदी ने आर्मी हाउस में कैडेटों का स्वागत किया। कैडेटों से बातचीत करते हुए सेना प्रमुख ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा देने में एनसीसी की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। इसके साथ ही अनुशासन, दृढ़ता, कड़ी मेहनत और नेतृत्व को चरित्र और उत्कृष्टता के आधार स्तंभ बताया।
जेन-जी को शक्ति का भंडार- सेना प्रमुख द्विवेदी
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि हाल की घटनाओं ने दुनिया को दिखा दिया है कि भारतीय युवा क्या करने में सक्षम हैं। आप जेनरेशन जेड की सबसे शक्तिशाली और सबसे बड़ी आबादी हैं। हमारे युवा शक्ति का भंडार हैं, जिसे अनुशासन, उद्देश्य और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के साथ सही दिशा में ले जाना चाहिए।"
आगे उन्होंने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर भारत के संकल्प और संयम का एक निर्णायक प्रदर्शन था, जो हमारे सशस्त्र बलों और युवाओं की नैतिक शक्ति और पेशेवर उत्कृष्टता का प्रतिबिंब था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देश भर में 75,000 से अधिक एनसीसी कैडेटों ने स्वेच्छा से नागरिक सुरक्षा, अस्पताल प्रबंधन, आपदा राहत और सामुदायिक सेवाओं में अथक परिश्रम किया। 2025 में, 10 एनसीसी कैडेटों, जिनमें 5 लड़के और 5 लड़कियां थीं, जिनकी औसत आयु मात्र 19 वर्ष थी, ने माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। मुझे उनसे बातचीत करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।"
जनरल द्विवेदी ने अपने अनुभव साझा किया
जनरल द्विवेदी ने चयनित मेधावी कैडेटों को सम्मानित किया। वहीं, अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए उन्हें भारत के मूल्यों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। भारतीय सेना ने एक्स पर लिखा-इस संवाद ने कैडेटों को वीरता पुरस्कार विजेताओं और खिलाड़ियों से मिलने का अवसर भी प्रदान किया, जिनमें सूबेदार मेजर और मानद लेफ्टिनेंट संजय कुमार, ओलंपियन होकाटो सेमा और ओलंपियन जैस्मिनी शामिल हैं।
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30 दिसंबर से शुरू होआ गणतंत्र दिवस शिविर
राष्ट्रीय कैडेट कोर का एक महीने तक चलने वाला गणतंत्र दिवस शिविर 30 दिसंबर को कारियाप्पा परेड शिविर में पारंपरिक "सर्व धाम पूजा" के साथ शुरू हुआ। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, शिविर में कई अंतर-निदेशालय प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम शामिल हैं, जैसे सर्वश्रेष्ठ कैडेट प्रतियोगिता, लघु शस्त्र फायरिंग, ध्वज क्षेत्र डिजाइनिंग और कर्तव्य पथ पर गणतंत्र दिवस परेड के दौरान मार्चिंग टुकड़ी का चयन।इस वर्ष के आरडीसी में अब तक की सबसे अधिक भागीदारी दर्ज की गई है, जिसमें 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों से 898 महिला कैडेटों सहित 2,406 कैडेट शामिल हुए हैं। युवा विनिमय कार्यक्रम के तहत 25 मित्र देशों के कैडेट और अधिकारी भी भाग ले रहे हैं, जिससे इसमें एक अंतरराष्ट्रीय आयाम जुड़ गया है।
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एनसीसी के महानिदेशक ने इससे पहले संबोधन किया था
इससे पहले 30 दिसंबर को, एनसीसी के महानिदेशक और लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स ने कैडेटों को संबोधित किया। उन्हें प्रतिष्ठित गणतंत्र दिवस शिविर के लिए चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने कैडेटों से 'राष्ट्र सर्वोपरि' की सच्ची भावना से प्रेरित होकर, धर्म, भाषा और जाति की बाधाओं को पार करते हुए, चरित्र, सत्यनिष्ठा, निस्वार्थ सेवा, भाईचारा और टीम वर्क जैसे सर्वोच्च गुणों का प्रदर्शन करने का आग्रह किया।'एकता और अनुशासन' के अपने आदर्श वाक्य को कायम रखते हुए, गणतंत्र दिवस शिविर देश भर से एनसीसी कैडेटों को एक साथ लाता है और उन्हें प्रशिक्षण और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के अवसर प्रदान करता है, साथ ही कैडेटों में देशभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व की गहरी भावना पैदा करता है।