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West Bengal: 'जब तक लोगों के साथ अन्याय होता रहेगा, तृणमूल संघर्ष करती रहेगी', बोले अभिषेक बनर्जी

अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता Published by: Kumar Vivek Updated Fri, 06 Mar 2026 11:20 PM IST
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सार

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनाव आयोग की फुल बेंच के कोलकाता दौरे से पहले तृणमूल कांग्रेस ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

As long as injustice continues to be done to the people, Trinamool will continue to fight, said Banerjee
अभिषेक बनर्जी - फोटो : amarujala.com
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विस्तार

पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। चुनाव आयोग की फुल बेंच के कोलकाता दौरे से पहले तृणमूल कांग्रेस ने आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया है। कोलकाता के धर्मतला में तृणमूल कांग्रेस का धरना जारी है, जहां पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर कड़ी आपत्ति जताई। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं। 

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरना मंच से बोलते हुए उन्होंने कहा कि जब तक आम लोगों के साथ अन्याय होता रहेगा, तृणमूल कांग्रेस सड़कों पर संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने दावा किया कि दिसंबर में जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में करीब 58 लाख मतदाताओं के नाम हटाए गए थे। इसके बाद 28 फरवरी को प्रकाशित सूची में अतिरिक्त साढ़े पांच से छह लाख नाम और हटा दिए गए, जिससे कुल संख्या बढ़कर लगभग 63 से 64 लाख तक पहुंच गई है।
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अभिषेक बनर्जी के मुताबिक अभी भी 60 लाख से अधिक नामों पर सुनवाई लंबित है। ऐसे में कुल प्रभावित मतदाताओं की संख्या 1.24 करोड़ तक पहुंच सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर की घोषणा से तीन महीने पहले ही भाजपा नेताओं ने दावा किया था कि एक करोड़ से अधिक नाम हटाए जाएंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल के कई निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सुनवाई के लिए बुलाया गया है, लेकिन जरूरी दस्तावेज जमा करने के बावजूद मामलों को लंबित रखा जा रहा है। इससे प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।

इससे पहले भी अभिषेक बनर्जी कई मंचों से चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना है कि यदि आयोग निष्पक्ष तरीके से काम नहीं करेगा तो लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि मतदाता सूची के नाम पर आम लोगों के वोट के अधिकार से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। मतदाता सूची विवाद को लेकर अभिषेक बनर्जी दिल्ली जाकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से भी मुलाकात कर चुके हैं।

सूत्रों के मुताबिक इसी महीने के मध्य में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की घोषणा हो सकती है। उससे पहले चुनाव आयोग की फुल बेंच 8 मार्च की रात कोलकाता पहुंचेगी। 9 मार्च को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोग का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेगा। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस मुद्दे पर विस्तृत प्रतिक्रिया देने से फिलहाल परहेज किया है। उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा कि वह शनिवार को धरना मंच से इस विषय पर विस्तार से अपनी बात रखेंगी।

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