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Assembly Election 2026: रघुनाथगंज झड़प को लेकर विपक्ष से ममता की अपील; असम चुनाव से पहले जोरहाट में भीषण धमाका

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Sat, 28 Mar 2026 02:26 AM IST
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सार

Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है। कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जा रहा है? किस राज्य में कौन सा गठबंधन या रणनीति अधिक कारगर साबित होगी? अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़ें..

Assembly Election 2026: Assam, Kerala, Puducherry, Tamil Nadu, West Bengal, Election News of 28 March; Updates
चुनावी राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को विपक्ष से रामनवनी पर रघुनाथगंज में हुई झड़प के लिए उन्हें दोषी न ठहराने को कहा। उन्होंने राज्य चुनावों से पहले पुलिस अधिकारियों के स्थानांतरण का हवाला दिया। ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग द्वारा स्थानांतरित पुलिस अधिकारियों पर दंगे भड़काने का आरोप लगाया।
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एक जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके सभी अधिकार छीन लिए गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों को यहां भेजा गया है ताकि वे दंगे भड़का सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रघुनाथगंज में दंगे भड़काए गए और दुकानों में तोड़फोड़ की गई। उन्होंने सवाल किया कि किसी के घर में तोड़फोड़ करने का अधिकार किसने दिया। उन्होंने यह भी कहा कि इन सभी कृत्यों का हिसाब लिया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के नेता सभी धर्मों और जातियों के लोगों के साथ कई त्योहार मनाते हैं। उन्होंने रामनवमी, दुर्गा पूजा, काली पूजा, छठ पूजा, क्रिसमस और ईद का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि उनकी पार्टी सभी धर्मों के लोगों के साथ मिलकर त्योहार मनाती है।
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बंगाल में दूसरी पूरक मतदाता सूची जारी
पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की दूसरी सप्लीमेंट्री सूची जारी कर दी है। हालांकि आयोग ने यह नहीं बताया कि इस सूची में कितने नाम जोड़े गए या हटाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, बूथ स्तर पर लिस्ट वेबसाइट पर डाल दी गई, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण पूरी जानकारी देखना मुश्किल रहा।

इससे पहले जारी पहली सूची को लेकर भी काफी सवाल उठे थे, क्योंकि उसमें भी स्पष्ट आंकड़े नहीं दिए गए थे। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान लगभग 58 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे कुल वोटरों की संख्या घटकर करीब 7.08 करोड़ रह गई। बाद में यह संख्या और घटकर लगभग 7.04 करोड़ हो गई। बताया गया कि नाम हटाने के कारणों में मौत, पलायन, डुप्लीकेट एंट्री और लोगों का पता न चलना शामिल है। इसी बीच, राज्य में 294 सीटों पर चुनाव 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

एसआईआर पर बंगाल में ही क्यों ज्यादा विवाद? - अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वोटर लिस्ट संशोधन (एसआईआर) को लेकर शिकायतें सिर्फ पश्चिम बंगाल से ही क्यों आ रही हैं, यह अपने आप में बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार घुसपैठ को बढ़ावा देती रही है, इसलिए यहां ज्यादा नाम हटाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, जिन लोगों ने गलत तरीके से नागरिकता लेकर वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाया है, उन्हें हटाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बंगाल में घुसपैठ एक गंभीर सुरक्षा मुद्दा बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य की सरकार पहले से ही चुनाव हारने का डर महसूस कर रही है, इसलिए ऐसे मुद्दों को बहाना बनाया जा रहा है। शाह ने दावा किया कि भाजपा बंगाल में सरकार बनाएगी और युवाओं को नौकरी के बेहतर अवसर दिए जाएंगे।

पुदुचेरी में कांग्रेस नेता का इस्तीफा
पुदुचेरी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ए. वी. सुब्रमणियन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत कारण और मजबूरी बताई है। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं दिया गया, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया। 2021 के चुनाव में वे कराईकल नॉर्थ सीट से लड़े थे, लेकिन हार गए थे। सुब्रमणियन पहले विधानसभा के स्पीकर और डिप्टी स्पीकर रह चुके हैं, साथ ही मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। इस बार कांग्रेस ने उनकी जगह ए. एम. रंजीत को उम्मीदवार बनाया है। पुदुचेरी में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को होने हैं।

तमिलनाडु भाजपा में उठापटक, अन्नामलाई नहीं लड़ेंगे चुनाव
विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा को तमिलनाडु में गहरा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अन्नामलाई ने न सिर्फ अन्नाद्रुमक से सीट बंटवारे के तौर तरीके पर सवाल उठाया है, बल्कि चुनाव लड़ने से भी इंकार कर दिया है। केंद्रीय नेतृत्व को लिखे पत्र में अन्नमलाई ने आरोप लगाया है कि सीट बंटवारे में भाजपा को जीत की संभावना वाली सीट की जगह बेहद कमजोर सीट दी गई है। गौरतलब है कि भारतीय पुलिस सेवा छोड़ कर राज्य में पार्टी का चेहरा बने अन्नामलाई को केंद्रीय नेतृत्व ने सहयोगी अन्नाद्रमुक से मतभेदों के कारण अध्यक्ष पद से हटा दिया था। सूत्रों का कहना है कि अन्नमलाई सीट बंटवारे और सीटों को चिन्हित करने के मामले में विश्वास में नहीं लिए जाने से नाराज हैं। इसी नाराजगी में उन्होंने केंद्रीय नेतृत्व को पत्र लिख कर चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया है। सीट बंटवारे के तौर तरीके से प्रदेश भाजपा के कुछ और वरिष्ठ नेता भी नाराज हैं। गौरतलब है कि भाजपा ने अपने सहयोगियों के साथ इसी सप्ताह सीट बंटवारे के फार्मूले को अंतिम रूप दिया है। बनी सहमति के मुताबिक अन्नाद्रमुक 169, भाजपा 27, पीएमके 18 और एएमएमके 11 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
 

अन्नाद्रमुक ने 127 उम्मीदवार उतारे, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की सीट पर भी प्रत्याशी
अन्नाद्रमुक ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए 127 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की। कई मौजूदा विधायकों को फिर मैदान में उतारा गया है। कई पूर्व मंत्री और पार्टी के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी भरोसा जताया गया है। पार्टी महासचिव ईके. पलानीस्वामी की ओर से घोषित सूची में तिरुनेलवेली सीट भी शामिल है, जहां से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने 2021 के चुनावों में जीत हासिल की थी। अन्नाद्रमुक ने यहां से अपने वरिष्ठ सदस्य थचाई एन. गणेशा राजा को मैदान में उतारा है। नागेंद्रन ने शुक्रवार को दिन में कहा था कि वह सत्तूर सीट (विरुधुनगर जिला) से चुनाव लड़ेंगे। पूर्व राज्य मंत्री बीवी रमना को तिरुवल्लूर से, जबकि एक अन्य पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक पोल्लाची वी. जयरामन को पोल्लाची से मैदान में उतारा गया है। मदुरंतकम से पार्टी विधायक मरगदम कुमारवेल को फिर से नामित किया गया है। तमिलनाडु में एनडीए का नेतृत्व कर रही अन्नाद्रमुक 169 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी अब तक 150 उम्मीदवारों के नामों का एलान कर चुकी है। राजग में अन्नाद्रमुक के अलावा भाजपा, पीएमके और एएमएमके भी शामिल हैं।

फिर बनेगी सरकार, बांग्लादेशी मियाओं की तोड़ेंगे कमर- हिमंत
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि इस विधानसभा चुनाव में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन फिर सत्ता में आता है, तो राज्य में बांग्लादेशी मियाओं की कमर तोड़ दी जाएगी। लखीमपुर जिले के ढाकुआखाना में चुनावी रैली में सरमा ने कहा कि उनकी सरकार ने स्वदेशी समुदायों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम किया है। आगे भी मजबूत असमिया समाज बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।
सरमा ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश से आए अवैध प्रवासियों ने जमीन और संसाधनों पर कब्जा किया है। पिछले पांच वर्षों में इस दिशा में सख्त कार्रवाई की गई है। सीएम ने दावा किया कि मौजूदा कार्यकाल में 1.5 लाख बीघा अतिक्रमित भूमि खाली कराई गई है। अगले कार्यकाल में 5 लाख बीघा जमीन खाली कराने का लक्ष्य है। सरमा ने दावा किया कि चुनाव में कांग्रेस 20 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां-जहां कांग्रेस की सरकार रही है, वहां विकास बाधित हुआ।

हिंसा रोकने में नाकाम बासंती थाना प्रभारी निलंबित
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को प. बंगाल में बासंती थाने के प्रभारी अभिजीत पॉल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। बृहस्पतिवार को बासंती बाजार में भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प रोकने में विफल रहने पर यह कार्रवाई की गई। इस हिंसा में पुलिसकर्मियों समेत कई लोग घायल हुए थे। आयोग का कहना है कि पूर्व सूचना के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए और उपलब्धता के बाद भी केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की मदद नहीं ली गई।

केरल- वाम सरकार पर 700 करोड़ के घोटाले का आरोप
कांग्रेस ने सत्तारूढ़ वाममोर्चा सरकार पर आरोप लगाया कि केरल में हजारों प्राथमिक सहकारी समितियों के लिए सॉफ्टवेयर की खरीद में 700 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि करीब 4,415 प्राथमिक सहकारी समितियों को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने के लिए टीसीएस के साथ 206 करोड़ का अनुबंध किया गया था। उन्होंने दावा किया कि संदिग्ध परिस्थितियों में यह अनुबंध रद्द कर नया टेंडर जारी किया गया, जिसमें ऐसी शर्तें थीं, जिसके अनुसार, केवल कन्नूर स्थित दो कंपनियां ही पात्र थीं। कथित तौर पर दोनों ही माकपा के नियंत्रण में थीं। सोसायटियों को सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने पर अब 915 करोड़ का खर्च आएगा। इससे सरकारी खजाने को 700 करोड़ का नुकसान होगा।

असम में कुल 722 उम्मीदवार इनमें महिलाएं सिर्फ 8 फीसदी
असम में नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब कुल 722 उम्मीदवार चुनावी मैदान में रह गए हैं। इनमें महिलाओं की संख्या केवल 8 प्रतिशत है। मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय के अनुसार, 663 पुरुष और 59 महिला प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि अन्य श्रेणी में कोई नामांकन नहीं है।

सत्तारूढ़ भाजपा ने 90, एजीपी ने 26 और बीपीएफ ने 11 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। विपक्ष में कांग्रेस 99, एआईयूडीएफ 30 और रायजोर दल 13 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। चुनाव में 258 निर्दलीय प्रत्याशी भी भाग्य आजमा रहे हैं। अल्गापुर-काटलीचेरा और करीमगंज दक्षिण में सबसे अधिक 15-15 उम्मीदवार हैं, जबकि रंगिया और होजई समेत नौ सीटों पर सीधा मुकाबला है। वर्तमान सदन में भाजपा के 64 और कांग्रेस के 26 विधायक हैं।

निष्पक्ष चुनाव के लिए चेन्नई से जिलों में भेजे पुलिस कप्तान
तमिलनाडु सरकार ने चुनाव आयोग के निर्देश पर शुक्रवार को पुलिस विभाग में फेरबदल कर दिया। चेन्नई में तैनात चार वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों का तबादला विभिन्न जिलों में बतौर पुलिस अधीक्षक (एसपी) किया गया है। सीबी-सीआईडी के जी. जवाहर को कांचीपुरम, एन्फोर्समेंट एसपी के. प्रभाकर को पेरम्बलुर, क्यू-ब्रांच के ई. सुंदरवदनम को तंजावुर और सतर्कता विभाग के ए. मयिलवाहनन को तेनकासी का नया एसपी नियुक्त किया गया है।

भाजपा का सपना ही रह जाएगा केरल में खाता खोलना- वेणु
कांग्रेस महासचिव और सांसद केसी वेणुगोपाल ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा और माकपा का अपावन गठबंधन विफल होगा। उन्होंने कहा कि केरल में एक भी सीट जीतना भाजपा के लिए महज एक सपना बनकर रह जाएगा और वे अपना खाता तक नहीं खोल पाएंगे। वेणुगोपाल के अनुसार, राज्य की जनता पिनाराई विजयन के 10 साल के शासन से ऊब चुकी है और बदलाव चाहती है।

गुवाहाटी में अमित शाह का शक्ति प्रदर्शन, मेगा रोड शो के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुवाहाटी में एक विशाल रोड शो के जरिए असम विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रचार अभियान को धार दी। इस रोड शो में हजारों की संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान शाह ने जनता का अभिवादन स्वीकार किया और राज्य में 'डबल इंजन' सरकार की उपलब्धियों को दोहराते हुए एक बार फिर भाजपा की जीत का भरोसा जताया।

असम चुनाव से पहले जोरहाट में भीषण धमाका, दो की मौत
असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले जोरहाट जिले के राजामैदाम न्यू कॉलोनी इलाके में हुए एक जोरदार विस्फोट ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक हादसे में एक बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सात वर्षीय बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना उस समय हुई है जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य के दो दिवसीय दौरे पर हैं।
जानकारी के अनुसार, धमाका एक किराए के मकान में हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि नूर मोहम्मद नामक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और उनका शव क्षत-विक्षत हो गया। गंभीर रूप से घायल आठ वर्षीय मोहम्मद इकबाल ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

विस्फोट के कारणों का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, लेकिन पुलिस कई पहलुओं से मामले की तफ्तीश कर रही है। चुनाव और गृह मंत्री के दौरे के बीच हुई इस घटना ने प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा पर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोग इस घटना के बाद से डरे हुए हैं। संवेदनशील समय में हुई इस वारदात ने चुनावी माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।
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