सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Will there be a debate before the Kerala Assembly elections CM accepts BJP's challenge lists LDF government's

क्या केरल में विधानसभा चुनाव से पहले बहस होगी?: CM विजयन ने भाजपा की चुनौती स्वीकार की, LDF सरकार के काम गिनाए

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Mon, 30 Mar 2026 03:24 PM IST
विज्ञापन
सार

केरल विधानसभा चुनाव में कुछ दिन बचे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री विजयन ने भाजपा की चुनौती को स्वीकार कर ली है। उन्होंने कहा है कि वह बहस करने के लिए तैयार हैं। 

Will there be a debate before the Kerala Assembly elections CM  accepts BJP's challenge lists LDF government's
पिनाराई विजयन, केरल के मुख्यमंत्री - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार

केरल विधानसभा चुनवा में कुछ दिन ही बचे हैं। इसी बीच केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने सोमवार को विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशान की सार्वजनिक बहस की चुनौती को स्वीकार कर लिया। इस कारण से 9 अप्रैल को होने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। सतीशान की ओर से चुनौती दिए जाने के एक दिन बाद, विजयन ने सोशल मीडिया पोस्ट में एलडीएफ सरकार का रिपोर्ट कार्ड साझा किया। इसके साथ ही कहा कि इस बहस को इसकी सूचीबद्ध उपलब्धियों के आधार पर आयोजित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के ए-प्लस प्रदर्शन को  बताया। इसके साथ ही  पूछा कि क्या विपक्ष इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है। इसके तुरंत बाद, सतीशान ने कहा कि वह मुख्यमंत्री द्वारा तय किए गए समय और स्थान पर बहस में भाग लेने के लिए तैयार हैं।

Trending Videos

यह भी पढ़ें- Elections 2026: नामांकन से पहले भाजपा का शक्ति प्रदर्शन, शुभेंदु अधिकारी बोले- राज्य में आ रही भगवा की सुनामी

विज्ञापन
विज्ञापन

 

मुख्यमंत्री जगह और समय तय करें
सतीशान ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा "अब जब मुख्यमंत्री ने बहस के लिए तैयार होने की बात कह दी है, तो वे स्थान और समय तय कर सकते हैं। मैं उसी के अनुसार वहां उपस्थित रहूंगा। बाकी का फैसला जनता पर छोड़ दें।" बाद में कोल्लम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विजयन ने विपक्ष की बहस के लिए तत्परता का स्वागत किया और कहा कि विधानसभा राज्य में चर्चा के लिए सबसे महत्वपूर्ण मंच बनी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष विधानसभा में मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने में विफल रहा। इसके साथ ही सत्ताधारी दल की प्रतिक्रिया के डर से वहां की बहसों और चर्चाओं से भाग गया।


यूडीएफ पर केंद्र का बचाव करने का लगाया आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि यूडीएफ ने चुनाव से पहले पिछले सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ कोई स्थगन प्रस्ताव भी पेश नहीं किया था। मुख्यमंत्री ने आगे दावा किया कि विपक्षी दल आम तौर पर चुनाव काल के दौरान आलोचना और अविश्वास प्रस्ताव का सहारा लेते हैं। इसके साथ ही सवाल उठाया कि क्या उन्होंने पिछले एक दशक में राज्य के विकास के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण अपनाया है। उन्होंने यूडीएफ सांसदों की भी आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने संसद में राज्य की केंद्रीय उपेक्षा के खिलाफ आवाज नहीं उठाई। इसके बजाय राज्य सरकार को निशाना बनाते हुए केंद्र का बचाव किया।

 

यह भी पढ़ें- West Bengale: ममता बनर्जी की 'हत्या की आशंका' पर विपक्ष सांसद बोले- बिना इनपुट कोई इतनी बड़ी बात नहीं बोलता
 

विजयन ने आगे कहा, "अगर विपक्ष इन सभी सवालों के जवाब देने के लिए तैयार है तो चलिए बहस करते हैं। हमें कोई आपत्ति नहीं है।" यह घटनाक्रम सतीशान की उस आलोचना के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि एलडीएफ सरकार ने पिछले 10 वर्षों में उतने घर नहीं बनाए जितने पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के कार्यकाल में बनाए गए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि विकास परियोजनाओं के विस्तृत आंकड़े एलडीएफ मंत्रियों द्वारा विधानसभा में दिए गए जवाबों में उपलब्ध हैं और उन्होंने विकास के मुद्दों पर खुली बहस के लिए अपनी तत्परता दोहराई थी। कोल्लम में मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी नाटकीय दृश्य देखने को मिले। केवल तीन सवालों का जवाब देने के बाद, मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए आवंटित समय समाप्त हो गया है और वह अगले दिन जारी रखेंगे, और बाहर चले गए। हालांकि, कुछ पत्रकारों के विरोध के बाद, वह वापस लौटे और उनके कुछ सवालों के जवाब दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed