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Elections 2026: केरल में BJP पार्षद ने रास्ता रोका, UDF प्रत्याशी ने की शिकायत; अन्य राज्यों में भी प्रचार तेज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Fri, 03 Apr 2026 03:35 PM IST
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सार
Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों का एलान हो चुका है। कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जा रहा है? किस राज्य में कौन सा गठबंधन या रणनीति अधिक कारगर साबित होगी? अलग-अलग राज्यों में विधानसभा चुनाव से जुड़े सभी अपडेट्स यहां पढ़ें...
चुनावी राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। चुनाव आयोग (EC) ने आठवीं सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करते हुए बताया कि अब तक करीब 52 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है। यह प्रक्रिया कलकत्ता हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक कुल मामलों में से 35 से 40 प्रतिशत नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं। अभी लगभग 8 लाख मामलों पर काम जारी है, जिसे अगले चार दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर यही रफ्तार बनी रही तो 7 अप्रैल तक पूरी प्रक्रिया समाप्त हो सकती है।
यह प्रक्रिया इसलिए अहम है क्योंकि राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है और 6 अप्रैल तक नामांकन की अंतिम तारीख है। मतदाता सूची को फाइनल करने से पहले सभी विवादों का निपटारा जरूरी है। हालांकि, मालदा जिले के कालियाचक में हाल ही में न्यायिक अधिकारियों को घेरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सत्यापन में लगे अधिकारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। जिन लोगों के नाम सप्लीमेंट्री लिस्ट में शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें अब न्यायाधिकरण का रुख करना होगा, हालांकि इनके काम शुरू होने को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
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यह प्रक्रिया इसलिए अहम है क्योंकि राज्य में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है और 6 अप्रैल तक नामांकन की अंतिम तारीख है। मतदाता सूची को फाइनल करने से पहले सभी विवादों का निपटारा जरूरी है। हालांकि, मालदा जिले के कालियाचक में हाल ही में न्यायिक अधिकारियों को घेरने की घटना के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सत्यापन में लगे अधिकारियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जा रहे हैं। जिन लोगों के नाम सप्लीमेंट्री लिस्ट में शामिल नहीं हुए हैं, उन्हें अब न्यायाधिकरण का रुख करना होगा, हालांकि इनके काम शुरू होने को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।
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सीएम सरमा का विपक्षी उम्मीदवार पर हमला
असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम जातीय परिषद (AJP) की उम्मीदवार कुंकी चौधरी पर निशाना साधते हुए उनकी मां के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरमा का कहना है कि कुंकी चौधरी की मां ने ऐसे पोस्ट किए हैं जो “सनातनी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं” और पाकिस्तान के समर्थन जैसे बयान भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। AJP प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए “हिंदू-मुस्लिम” की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक उम्मीदवार की बजाय उसकी मां को निशाना बनाना गलत है। 27 वर्षीय कुंकी चौधरी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं और गुवाहाटी सेंट्रल सीट से बीजेपी नेता विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ मैदान में हैं। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आरोप पूरी तरह गलत हैं और इससे साफ है कि विपक्ष उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराया हुआ है। असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी माहौल और ज्यादा गरमाता जा रहा है।
असम में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने असम जातीय परिषद (AJP) की उम्मीदवार कुंकी चौधरी पर निशाना साधते हुए उनकी मां के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। सरमा का कहना है कि कुंकी चौधरी की मां ने ऐसे पोस्ट किए हैं जो “सनातनी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं” और पाकिस्तान के समर्थन जैसे बयान भी दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री के इन आरोपों के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। AJP प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई ने पलटवार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए “हिंदू-मुस्लिम” की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि एक उम्मीदवार की बजाय उसकी मां को निशाना बनाना गलत है। 27 वर्षीय कुंकी चौधरी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं और गुवाहाटी सेंट्रल सीट से बीजेपी नेता विजय कुमार गुप्ता के खिलाफ मैदान में हैं। उन्होंने भी सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के आरोप पूरी तरह गलत हैं और इससे साफ है कि विपक्ष उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराया हुआ है। असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल को मतदान होगा और 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे में आरोप-प्रत्यारोप के बीच चुनावी माहौल और ज्यादा गरमाता जा रहा है।
जब तक मियां जिंदा हैं, दुनिया जिंदा रहेगी- ओवैसी
असम के मोरीगांव में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'जो लोग हमें खत्म करना चाहते हैं, उन्हें सुन लेना चाहिए: जब तक मियां जिंदा हैं, दुनिया जिंदा रहेगी... हम किसी से नहीं डरते।'
असम के मोरीगांव में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'जो लोग हमें खत्म करना चाहते हैं, उन्हें सुन लेना चाहिए: जब तक मियां जिंदा हैं, दुनिया जिंदा रहेगी... हम किसी से नहीं डरते।'
#WATCH | Morigaon, Assam: AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, "...Those who want to finish us off should listen: the world will remain alive as long as Miyan is alive... We are not afraid of anyone." pic.twitter.com/2OCruQIGqb
— ANI (@ANI) April 2, 2026
विजय के नामांकन पर डीएमके सांसद का तंज
आगामी तमिलनाडु चुनावों के लिए त्रिची पूर्व से टीवीके प्रमुख विजय के नामांकन पर डीएमके सांसद कलानिधि वीरस्वामी ने कहा, 'उन्होंने 30 तारीख को मेरे निर्वाचन क्षेत्र पेरम्बूर में एक नामांकन दाखिल किया... और अब उन्होंने यहां भी नामांकन दाखिल कर दिया है। दो जगहों पर नामांकन दाखिल करना ही दर्शाता है कि वे असुरक्षित हैं। उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा नहीं है। लेकिन उनके लिए दुख की बात यह है कि इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में उनकी जमानत जब्त हो जाएगी... कोई भी रोड शो कर सकता है। मेरा मतलब है, एक फिल्म अभिनेता होने के नाते, मुझे यकीन है कि लोग आएंगे। लेकिन रोड शो में आने वाले आधे लोगों के पास तो वोट भी नहीं होंगे... मुझे नहीं पता कि वे क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।'
आगामी तमिलनाडु चुनावों के लिए त्रिची पूर्व से टीवीके प्रमुख विजय के नामांकन पर डीएमके सांसद कलानिधि वीरस्वामी ने कहा, 'उन्होंने 30 तारीख को मेरे निर्वाचन क्षेत्र पेरम्बूर में एक नामांकन दाखिल किया... और अब उन्होंने यहां भी नामांकन दाखिल कर दिया है। दो जगहों पर नामांकन दाखिल करना ही दर्शाता है कि वे असुरक्षित हैं। उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा नहीं है। लेकिन उनके लिए दुख की बात यह है कि इन दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में उनकी जमानत जब्त हो जाएगी... कोई भी रोड शो कर सकता है। मेरा मतलब है, एक फिल्म अभिनेता होने के नाते, मुझे यकीन है कि लोग आएंगे। लेकिन रोड शो में आने वाले आधे लोगों के पास तो वोट भी नहीं होंगे... मुझे नहीं पता कि वे क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।'
#WATCH | Chennai: On TVK Chief Vijay's nomination from Trichy East for the upcoming Tamil Nadu elections, DMK MP Kalanidhi Veeraswamy says, "He filed one nomination on the 30th in my constituency, Perambur... and now he filed here. Filing in two places itself shows that he's… pic.twitter.com/dB8lY93T8z
— ANI (@ANI) April 2, 2026
एमके स्टालिन फिर बनेंगे मुख्यमंत्री, केएन नेहरू ने कार्यकर्ताओं में भरा जोश
तमिलनाडु के राज्य मंत्री और डीएमके (DMK) उम्मीदवार केएन नेहरू ने वायलूर में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन एक बार फिर सत्ता संभालेंगे। नेहरू ने श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र को राजनीति के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यहां की जीत हमेशा से तमिलनाडु में सरकार बनने का संकेत देती रही है।
उन्होंने कहा कि श्रीरंगम से उम्मीदवार दुराईराज की जीत केवल उनकी निजी सफलता नहीं, बल्कि पार्टी नेतृत्व की जीत होगी। नेहरू ने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में डीएमके ने त्रिची की सभी नौ सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे मतदाताओं की पहचान करें और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने समाज के हर वर्ग से समर्थन जुटाकर एक मजबूत चुनावी आधार तैयार करने को कहा। नेहरू ने कार्यकर्ताओं से दुराईराज की बड़ी जीत सुनिश्चित करने और स्टालिन के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाने की अपील की।
तमिलनाडु के राज्य मंत्री और डीएमके (DMK) उम्मीदवार केएन नेहरू ने वायलूर में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित किया। उन्होंने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन एक बार फिर सत्ता संभालेंगे। नेहरू ने श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र को राजनीति के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यहां की जीत हमेशा से तमिलनाडु में सरकार बनने का संकेत देती रही है।
उन्होंने कहा कि श्रीरंगम से उम्मीदवार दुराईराज की जीत केवल उनकी निजी सफलता नहीं, बल्कि पार्टी नेतृत्व की जीत होगी। नेहरू ने याद दिलाया कि पिछले चुनाव में डीएमके ने त्रिची की सभी नौ सीटों पर शानदार जीत हासिल की थी। उन्होंने कार्यकर्ताओं को सलाह दी कि वे मतदाताओं की पहचान करें और उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दें। उन्होंने समाज के हर वर्ग से समर्थन जुटाकर एक मजबूत चुनावी आधार तैयार करने को कहा। नेहरू ने कार्यकर्ताओं से दुराईराज की बड़ी जीत सुनिश्चित करने और स्टालिन के नेतृत्व में फिर से सरकार बनाने की अपील की।
यूडीएफ उम्मीदवार का रास्ता रोकने पर भाजपा पार्षद के खिलाफ केस दर्ज
केरल के पलक्कड़ में पुलिस ने भाजपा की एक महिला पार्षद और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर यूडीएफ उम्मीदवार रमेश पिशारोडी के चुनाव प्रचार को रोकने का आरोप है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि भाजपा पार्षद सिंधु राजन, उनकी बेटी स्नेहा और भाई विजयकुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इन लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है। इसमें गलत तरीके से रास्ता रोकने और डराने-धमकाने जैसे आरोप शामिल हैं। यह घटना 1 अप्रैल की शाम को वडक्कनथरा के मनक्कलथोडी इलाके में हुई थी। आरोप है कि इन तीनों ने पिशारोडी को इलाके में जाने से रोका। उन्होंने उम्मीदवार पर महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार करने वालों का साथ देने का आरोप भी लगाया। मनक्कलथोडी की एक महिला की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने भाजपा को असहिष्णु बताया। वहीं, रमेश पिशारोडी ने इस हरकत को अलोकतांत्रिक कहा है। दूसरी तरफ, भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन ने पार्षद का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पिशारोडी की महिला विरोधी टिप्पणियों की वजह से महिलाओं ने उनका विरोध किया। उन्होंने मांग की कि उम्मीदवार अपनी बातों के लिए माफी मांगें। केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
केरल के पलक्कड़ में पुलिस ने भाजपा की एक महिला पार्षद और दो अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर यूडीएफ उम्मीदवार रमेश पिशारोडी के चुनाव प्रचार को रोकने का आरोप है। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि भाजपा पार्षद सिंधु राजन, उनकी बेटी स्नेहा और भाई विजयकुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
इन लोगों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत केस दर्ज हुआ है। इसमें गलत तरीके से रास्ता रोकने और डराने-धमकाने जैसे आरोप शामिल हैं। यह घटना 1 अप्रैल की शाम को वडक्कनथरा के मनक्कलथोडी इलाके में हुई थी। आरोप है कि इन तीनों ने पिशारोडी को इलाके में जाने से रोका। उन्होंने उम्मीदवार पर महिलाओं के साथ बुरा व्यवहार करने वालों का साथ देने का आरोप भी लगाया। मनक्कलथोडी की एक महिला की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है।
मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने भाजपा को असहिष्णु बताया। वहीं, रमेश पिशारोडी ने इस हरकत को अलोकतांत्रिक कहा है। दूसरी तरफ, भाजपा नेता शोभा सुरेंद्रन ने पार्षद का बचाव किया। उन्होंने कहा कि पिशारोडी की महिला विरोधी टिप्पणियों की वजह से महिलाओं ने उनका विरोध किया। उन्होंने मांग की कि उम्मीदवार अपनी बातों के लिए माफी मांगें। केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।
कांग्रेस पर टिकट बेचने का आरोप, सीपीआई ने राहुल गांधी से मांगी जांच
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता पी. संदोष कुमार ने कांग्रेस पर टिकट के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने राहुल गांधी को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। कुमार ने दावा किया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से जुड़े लोग इसमें शामिल हैं। उन्होंने वायनाड भूस्खलन के लिए जुटाए गए फंड पर भी सवाल उठाए। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एलडीएफ उम्मीदवार टीपी रामकृष्णन को चुनाव आयोग का नोटिस
चुनाव आयोग ने एलडीएफ उम्मीदवार टीपी रामकृष्णन को नोटिस जारी किया है। उन पर आरोप है कि उनके प्रचार वाहन से एक रिकॉर्डेड संदेश चलाया गया, जिसमें विपक्षी दल पर सांप्रदायिक आधार पर वोट मांगने का आरोप लगाया गया। यह कार्रवाई यूडीएफ उम्मीदवार की शिकायत के बाद हुई। रामकृष्णन ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई संदेश अधिकृत नहीं किया। वहीं कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश बताया है।
भाजपा उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक पर 16 आपराधिक मामले
पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच भाजपा उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक पर 16 आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ है। यह जानकारी उनके चुनावी हलफनामे में सामने आई है। इन मामलों में हत्या, दंगा और डकैती की साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हालांकि वह किसी भी मामले में दोषी साबित नहीं हुए हैं। भाजपा नेताओं ने इन मामलों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज किए गए हैं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता पी. संदोष कुमार ने कांग्रेस पर टिकट के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने राहुल गांधी को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। कुमार ने दावा किया कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं से जुड़े लोग इसमें शामिल हैं। उन्होंने वायनाड भूस्खलन के लिए जुटाए गए फंड पर भी सवाल उठाए। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
एलडीएफ उम्मीदवार टीपी रामकृष्णन को चुनाव आयोग का नोटिस
चुनाव आयोग ने एलडीएफ उम्मीदवार टीपी रामकृष्णन को नोटिस जारी किया है। उन पर आरोप है कि उनके प्रचार वाहन से एक रिकॉर्डेड संदेश चलाया गया, जिसमें विपक्षी दल पर सांप्रदायिक आधार पर वोट मांगने का आरोप लगाया गया। यह कार्रवाई यूडीएफ उम्मीदवार की शिकायत के बाद हुई। रामकृष्णन ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा कोई संदेश अधिकृत नहीं किया। वहीं कांग्रेस नेता वीडी सतीशन ने इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश बताया है।
भाजपा उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक पर 16 आपराधिक मामले
पश्चिम बंगाल चुनाव के बीच भाजपा उम्मीदवार निशीथ प्रमाणिक पर 16 आपराधिक मामलों का खुलासा हुआ है। यह जानकारी उनके चुनावी हलफनामे में सामने आई है। इन मामलों में हत्या, दंगा और डकैती की साजिश जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। हालांकि वह किसी भी मामले में दोषी साबित नहीं हुए हैं। भाजपा नेताओं ने इन मामलों को राजनीतिक साजिश बताते हुए कहा कि पार्टी में शामिल होने के बाद उनके खिलाफ फर्जी केस दर्ज किए गए हैं।