सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   India News ›   Assembly Election Updates: West Bengal Assam Tamil Nadu Kerala Puducherry; Candidate list Rally manifesto news

Assembly Polls: केरल में राहुल के लुभावने वादे; CM ममता SIR पर हमलावर, तमिलनाडु में स्टालिन ने AIADMK पर बरसे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Sat, 07 Mar 2026 06:45 PM IST
विज्ञापन
सार

Assembly Election Updates: देश के पांच राज्यों असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि चुनावी चौसर पर कौन सा दल किस मुद्दे के सहारे जनता के बीच जाएगा और किस राज्य में कौन सी राजनीतिक रणनीति काम करेगी। साथ ही अलग-अलग राज्यों से चुनाव से जुड़े हर छोटे-बड़े अपडेट पर भी एक नजर डालेंगे।

Assembly Election Updates: West Bengal Assam Tamil Nadu Kerala Puducherry; Candidate list Rally manifesto news
बंगाल से दक्षिण तक बढ़ी सियासी सरगर्मियां - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार

साल 2026 में देश के पांच राज्य में चुनाव होने हैं, उससे पहले इन राज्यों में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केरल में यूडीएफ के सत्ता में आने पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा सहित पांच गारंटी योजनाओं की घोषणा की। इधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में विरोध प्रदर्शन स्थल पर आरोप लगाया कि एसआईआर के बाद मतदाता सूचियों से मतदाताओं के नाम हटाना बंगाल को विभाजित करने के उद्देश्य से किया गया है। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने मदुरै में एक रैली में आरोप लगाया कि एआईएडीएमके द्रविड़ विचारधारा के प्रतीक सीएन अन्नादुरई को भूल गई है।
Trending Videos

 

केरल में कांग्रेस का 'पांच गारंटी' का वादा
केरल में आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राज्य में यूडीएफ की सरकार बनने पर लागू की जाने वाली पांच 'गारंटी योजनाओं' की घोषणा की है। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, छात्रों और वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण पर केंद्रित है। राहुल गांधी ने तिरुवनंतपुरम में 'पुथुयुगा यात्रा' के समापन समारोह में ये घोषणाएं कीं।

प्रमुख वादे इस प्रकार हैं:
  •    महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा: सभी महिलाओं को सार्वजनिक बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा प्रदान की जाएगी।
  •    छात्रों के लिए मासिक सहायता: कॉलेज जाने वाली छात्राओं को ₹1,000 की मासिक आर्थिक सहायता दी जाएगी।
  •    कल्याणकारी पेंशन में वृद्धि: वरिष्ठ नागरिकों और अन्य पात्र व्यक्तियों के लिए मासिक कल्याणकारी पेंशन को बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह किया जाएगा।
  •    स्वास्थ्य बीमा योजना: पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी के नाम पर एक स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत प्रत्येक परिवार को ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा।
  •    लघु व्यवसायों के लिए ब्याज-मुक्त ऋण: छोटे व्यवसायों को ₹5 लाख तक का ब्याज-मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
  •    वरिष्ठ नागरिकों के लिए समर्पित मंत्री: वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए एक विशेष मंत्री नियुक्त किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

मदुरै में AIADMK पर बरसे सीएम स्टालिन

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने मदुरै में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अन्नाद्रमुक (एआईएडीएमके) 'विश्वासघात का पर्याय' बन गई है, इसी कारण ओ. पन्नीरसेल्वम ने सी.एन. अन्नादुरई द्वारा स्थापित डीएमके का दामन थामा है। स्टालिन ने पूर्व पार्टी प्रमुख एम. करुणानिधि द्वारा ओ. पन्नीरसेल्वम को 'असली तमिलियन' कहने का भी स्मरण किया। उन्होंने पन्नीरसेल्वम के डीएमके में शामिल होने पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें 'हमेशा मुस्कुराने वाले', सुसंस्कृत और वफादार बताया। स्टालिन ने सार्वजनिक स्थानों पर राजनीतिक शिष्टाचार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा नेता टीएमसी में शामिल
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दल-बदल का दौर जारी है। पश्चिम बंगाल भाजपा के नेता और समाजसेवी मोतीउर रहमान शनिवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में शामिल हो गए। मालदा के हरीशचंद्रपुर से 2021 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार रहे रहमान को टीएमसी के प्रतिद्वंद्वी ने हराया था। उन्होंने यहां टीएमसी मुख्यालय में वरिष्ठ नेता और मंत्री ब्रत्य बसु तथा राज्यसभा सांसद नदीमुल हक की उपस्थिति में टीएमसी की सदस्यता ग्रहण की।

जानकारी के अनुसार, रहमान ने 2021 के चुनावों में महत्वपूर्ण संख्या में वोट हासिल किए थे, जिससे भाजपा को इस निर्वाचन क्षेत्र में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने में मदद मिली, जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता है। रहमान ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में राज्य में चलाई जा रही विकास पहलों का हिस्सा बनने के लिए टीएमसी में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा की राजनीति समाज में विभाजन पैदा कर रही है, जिससे वह असहज महसूस कर रहे थे। नदीमुल हक ने रहमान के गरीबों के बीच सामाजिक कार्यों की सराहना की और कहा कि उनके टीएमसी में शामिल होने से वे लोगों की बेहतर सेवा कर पाएंगे। इससे पहले 19 फरवरी को, दार्जिलिंग जिले के कुरसेओंग से भाजपा विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा भी टीएमसी में शामिल हो गए थे।

'स्वच्छ और शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद'
वहीं, कोच्चि में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि स्वच्छ और शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और कोई अयोग्य व्यक्ति उसमें शामिल न हो।

शनिवार को कोच्चि में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ज्ञानेश कुमार ने बताया कि केरल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों की समीक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि केरल में लोकतंत्र की परंपरा बहुत पुरानी है और इस राज्य ने देश ही नहीं बल्कि दुनिया के कई हिस्सों को लोकतांत्रिक व्यवस्था की सीख दी है। उन्होंने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उनका केरल से लंबे समय का जुड़ाव रहा है। उन्होंने करीब 18 साल तक यहां काम किया है और लगभग 22 साल पहले एर्नाकुलम जिले के कलेक्टर भी रह चुके हैं। इसलिए वे राज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं और चुनावी व्यवस्थाओं को करीब से जानते हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि केरल में करीब 1000 साल पहले ‘नट्टुकुट्टम’ नाम की ग्राम सभाएं हुआ करती थीं। इन सभाओं में गांव के लोग मिलकर फैसले लेते थे। उन्होंने कहा कि यही व्यवस्था सामूहिक निर्णय लेने की लोकतांत्रिक सोच की शुरुआती नींव बनी। ज्ञानेश कुमार ने यह भी कहा कि चुनावी व्यवस्था को मजबूत करने में भी केरल का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि 1960 में यहां पहली बार आचार संहिता (कोड ऑफ कंडक्ट) बनाई गई थी, जिसे बाद में सभी राजनीतिक दलों से चर्चा के बाद चुनाव आयोग ने अपनाया। आज इसे ही मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट कहा जाता है।

इसके अलावा केरल चुनाव प्रबंधन के क्षेत्र में भी अग्रणी रहा है। उन्होंने बताया कि 1982 में परवूर विधानसभा क्षेत्र में पहली बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का पायलट प्रयोग किया गया था। यह प्रयोग बाद में पूरे देश में चुनावों के दौरान लागू किया गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव आयोग का लक्ष्य है कि चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और भरोसेमंद तरीके से कराए जाएं, ताकि लोकतंत्र की मजबूती बनी रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed