फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Assets worth 77 crore found in excess of known income of ex IPS officer ED attaches properties worth 53 crore

ED: पूर्व IPS के पास मिली आय से 77 करोड़ रुपये की ज्यादा संपत्ति, ईडी ने अटैच की 53 करोड़ की प्रॉपर्टी

Sat, 27 Jun 2026 08:13 PM IST
प्रशांत तिवारी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला , नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला , नई दिल्ली Published by: प्रशांत तिवारी Updated Sat, 27 Jun 2026 08:13 PM IST
सार

प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व आईपीएस अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता और उनसे जुड़ी कंपनियों की 53.28 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। जांच में दावा किया गया है कि उन्होंने सेवा के दौरान ज्ञात आय से लगभग 79 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित की और शेल कंपनियों, फर्जी शेयरधारकों तथा लेयरिंग के जरिए धन को वैध दिखाने की कोशिश की।

विज्ञापन
Assets worth 77 crore found in excess of known income of ex IPS officer ED attaches properties worth 53 crore
ईडी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुवाहाटी ज़ोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 5(1) के दूसरे प्रावधान के तहत एक अस्थायी कुर्की (प्रोविजनल अटैचमेंट) आदेश जारी किया है। इसके तहत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के सेवानिवृत्त अधिकारी प्रशांत कुमार दत्ता (जो असम पुलिस सेवा से पदोन्नत होकर आईपीएस बने थे और पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) के पद से सेवानिवृत्त हुए थे) तथा उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी समूह कंपनियों की लगभग 53.28 करोड़ रुपये मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है। ईडी ने यह जांच असम पुलिस की विजिलेंस एवं एंटी-करप्शन शाखा में दर्ज मामले के आधार पर शुरू की थी। यह मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत दर्ज किया गया था, जो PMLA के तहत अनुसूचित अपराध की श्रेणी में आता है।

विज्ञापन


77 करोड़ की संपत्ति का नहीं मिला वैध स्रोत 
दर्ज मामले के अनुसार, 1992 से 2019 तक की सेवा अवधि के दौरान प्रशांत कुमार दत्ता ने अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। जांच में सामने आया कि अधिकारी और उनकी पत्नी की घोषित कुल आय लगभग 7.23 करोड़ रुपये थी, जबकि उनका घोषित खर्च लगभग 9.04 करोड़ रुपये रहा। इसके विपरीत, उनके पास लगभग 77.21 करोड़ रुपये की ऐसी संपत्ति मिली, जिसका कोई वैध स्रोत नहीं बताया गया। उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर उनकी कुल आय से अधिक संपत्ति लगभग 79.01 करोड़ रुपये आंकी गई है।
विज्ञापन


अपराध से अर्जित धन को वैध दिखाने की कोशिश
PMLA के तहत हुई जांच में यह भी सामने आया कि अपराध से अर्जित धन को तीन कंपनियों के माध्यम से वैध संपत्ति के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। महामाया एस्टेट्स प्राइवेट लिमिटेड, ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड और मुरारी कमोडिटीज़ प्राइवेट लिमिटेड नाम की इन कंपनियों के पंजीकृत कार्यालय वास्तविक रूप से अस्तित्व में ही नहीं थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैंक खातों में बेहिसाबी नकदी जमा
जांच के दौरान यह भी पता चला कि परिवार के सदस्यों और इन कंपनियों के बैंक खातों में 14,74,99,091 रुपये की बेहिसाबी नकदी जमा की गई। इसके अलावा होटलों और मुंबई स्थित फ्लैटों में निवेश करने से पहले फर्जी शेयरधारकों, कोलकाता की शेल कंपनियों और कई स्तरों पर किए गए बैंक लेन-देन (लेयरिंग) के जरिए धन के वास्तविक स्रोत को छिपाने की कोशिश की गई।

कई लोग केवल नाममात्र या फर्जी शेयरधारक
इन तीनों कंपनियों के जिन लोगों को शेयरधारक दिखाया गया, उनमें अधिकांश के पास कोई स्वतंत्र आय का स्रोत नहीं था। जांच में पाया गया कि इनमें कई लोग केवल नाममात्र या फर्जी शेयरधारक थे। उनके पास दिखाई गई शेयर पूंजी के अनुरूप आय का कोई प्रमाण नहीं मिला और वे निवेश किए गए धन के स्रोत के बारे में भी कोई संतोषजनक जानकारी नहीं दे सके।

आईजी पद से सेवानिवृत्त हुए थे पूर्व IPS
जांच में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया। प्रशांत कुमार दत्ता वर्ष 2019 में डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बावजूद, वित्तीय वर्ष 2022-23 में, यानी सेवानिवृत्ति के बाद तथा प्रेडिकेट एफआईआर और ECIR दर्ज होने के बावजूद, उन्होंने ईशान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड के 3.70 लाख शेयर डमी और फर्जी नाम वाले शेयरधारकों से अपने नाम स्थानांतरित करा लिए। इसके बाद वे कंपनी के आधे से अधिक शेयरों के साथ सबसे बड़े शेयरधारक बन गए। उल्लेखनीय है कि यही कंपनी चार में से तीन होटलों की वास्तविक लाभकारी स्वामी है।


ये भी पढ़ें; अस्पतालों-कोचिंग में कब थमेंगे अग्निकांड?: सुप्रीम कोर्ट में कानून बनाने की मांग, याचिका की पांच बड़ी बातें

संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क
ईडी के इस आदेश के तहत जिन संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया गया है, उनमें पलटन बाजार, गुवाहाटी स्थित होटल भार्गव, जीएस रोड, पलटन बाजार स्थित भार्गव इन, ईशान आर्केड, लोखरा चारियाली स्थित होटल भार्गव, बेटकुची स्थित होटल भार्गव ग्रैंड तथा अंधेरी (पश्चिम), मुंबई के समर्थ दीप परिसर में स्थित दो आवासीय फ्लैट शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed