सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bengal Polls Company Commanders of Central Forces Ordered to Vacate Hotels Military Officials Raise Objections

Bengal Polls: केंद्रीय बलों के कंपनी कमांडरों को होटल छोड़ने का आदेश, सैन्य अधिकारियों ने जताई आपत्ति; जानिए

Jitendra Bhardwaj Jitendra Bhardwaj
Updated Tue, 07 Apr 2026 06:25 AM IST
विज्ञापन
सार

पश्चिम बंगाल चुनाव में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कंपनी कमांडरों को होटल छोड़कर जवानों के साथ रहने का आदेश दिया गया है। सीआरपीएफ और एसएसबी के इस फैसले पर अधिकारियों ने आपत्ति जताई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में कई कमांडरों ने वॉकआउट किया और आदेश पर सवाल उठाए।

Bengal Polls Company Commanders of Central Forces Ordered to Vacate Hotels Military Officials Raise Objections
केंद्रीय अर्धसैनिक बल - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में तैनात केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के कंपनी कमांडरों के लिए जारी हालिया आदेश चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, सीआरपीएफ के पश्चिम बंगाल सेक्टर के आईजी/स्टेट फोर्स कोऑर्डिनेटर ने चुनावी ड्यूटी पर तैनात कंपनी कमांडरों को तत्काल प्रभाव से होटल छोड़ने का आदेश दिया है। आदेश के तहत उन्हें उसी स्थान पर रात गुजारनी होगी, जहां कंपनी में शामिल जवानों को ठहराया गया है।  एसएसबी की तरफ से भी गत सप्ताह ऐसा ही एक आदेश जारी किया गया है।  

Trending Videos


आईजी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कहा, चुनाव में तैनात जवानों की बॉडी लैंग्वेज संतोषजनक नहीं है। वह सकारात्मक और मजबूत होनी चाहिए।  कंपनी कमांडरों से कहा गया है कि वे किसी भी घटना की सूचना तत्काल प्रभाव से अपने मुख्यालय को दें। सूत्रों का कहना है कि अधिकतर कंपनी कमांडरों ने उक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से वॉकआउट किया है। कंपनियों के साथ रहने के मुद्दे पर, कंपनी कमांडरों ने सवाल किया कि चुनावी ड्यूटी के लिए आने वाले पर्यवेक्षक भी होटलों में ठहर रहे हैं। चुनाव आयोग को इससे कोई आपत्ति नहीं है, तो फिर कंपनी कमांडरों को होटलों से बाहर जाने के लिए क्यों कहा जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मोबाइल चार्जर, पीने का स्वच्छ पानी तक नहीं
जवानों के लिए रहने का स्थान तय मापदंडों से परे है। किचन, मोबाइल चार्जर, पीने का स्वच्छ पानी, ड्रेनेज सिस्टम और डाइनिंग स्पेस, ये सुविधाएं भी नहीं हैं। कैंप में पर्याप्त लाइट तक नहीं है। कोट/मोर्चा सुरक्षित नहीं हैं। हथियार रखने के लिए सुरक्षित जगह का अभाव है। जो वाहन मिले हैं, वे तय मापदंडों पर खरे नहीं उतर रहे। अब एकाएक होटल या पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा मुहैया कराई गई जगह को खाली करना, सुरक्षात्मक दृष्टि से सही नहीं है। इस बाबत कई एडहॉक कमांडेंट ने स्टेट फोर्स कोऑर्डिनेटर तक अपनी बात पहुंचाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed