{"_id":"6a2fbf9e5ee6a75006094275","slug":"bengal-receives-8508-crore-from-the-centre-gov-suvendu-adhikari-launches-public-welfare-campaign-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bengal: केंद्र ने VB-G RAM G योजना के तहत बंगाल को दिए ₹8500 करोड़; CM शुभेंदु ने शुरू किए जन कल्याण शिविर","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bengal: केंद्र ने VB-G RAM G योजना के तहत बंगाल को दिए ₹8500 करोड़; CM शुभेंदु ने शुरू किए जन कल्याण शिविर
पीटीआई, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:32 PM IST
विज्ञापन
सार
केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को नई ग्रामीण रोजगार योजना के तहत 8,500 करोड़ रुपये दिए हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम से जन कल्याण शिविर अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार और सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
शुभेंदु अधिकारी, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
विस्तार
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य को 'VB-G RAM G' योजना के तहत 8,500 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बंगाल को 8,508 करोड़ रुपये मिले हैं। उत्तर प्रदेश के बाद बंगाल इस योजना में सबसे ज्यादा फंड पाने वाला दूसरा राज्य बन गया है। योजना के तहत उत्तर प्रदेश को 9,721.48 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा, ग्राम सड़क योजना के तहत भी 2,400 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं, जिनमें से 1,000 करोड़ रुपये केंद्र ने जारी कर दिए हैं।
जन कल्याण शिविर की हुई शुरुआत
इस बीच, मुख्यमंत्री ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम से राज्यव्यापी 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा, केंद्र से मिला यह पैसा ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी देगा। राज्य में 15 जून से 17 जून तक 1,100 जन कल्याण शिविर लगाए जा रहे हैं। ये शिविर सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे। यहां लोग केंद्र और राज्य सरकार की 54 अलग-अलग योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं और उनके लिए आवेदन जमा कर सकते हैं।
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का यह पहला बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अवैध प्रवासियों को नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने उन परिवारों को लाभ देने पर भी सवाल उठाए जो अपने बच्चों को मान्यता प्राप्त स्कूलों में नहीं भेजते या जहां 'वंदे मातरम' नहीं गाया जाता। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के समय लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार असली हकदारों की पहचान करना चाहती है ताकि लाभ फर्जी खाताधारकों के पास न जाए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: Bangladesh: भगवान राम का अपमान-मूर्ति तोड़ने की धमकी पर विवाद, बांग्लादेश में मानवाधिकार संगठन ने जताई चिंता
शिविरों के पहले दिन आवेदकों की भारी भीड़ देखी गई। इन शिविरों में अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान भारत जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। 'VB-G RAM G' योजना ने पुरानी मनरेगा (MGNREGA) की जगह ली है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस बड़े फंड से ग्रामीण इलाकों में लोगों की कमाई बढ़ेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार केंद्र पर मनरेगा का पैसा रोकने का आरोप लगाती रही थी। केंद्र का कहना था कि योजना को लागू करने में हुई गड़बड़ियों की वजह से फंड रोका गया था।
जन कल्याण शिविर की हुई शुरुआत
इस बीच, मुख्यमंत्री ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम से राज्यव्यापी 'जन कल्याण शिविर' कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने कहा, केंद्र से मिला यह पैसा ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिन के रोजगार की गारंटी देगा। राज्य में 15 जून से 17 जून तक 1,100 जन कल्याण शिविर लगाए जा रहे हैं। ये शिविर सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक खुले रहेंगे। यहां लोग केंद्र और राज्य सरकार की 54 अलग-अलग योजनाओं की जानकारी ले सकते हैं और उनके लिए आवेदन जमा कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार का यह पहला बड़ा जनसंपर्क कार्यक्रम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी योजनाओं का लाभ अवैध प्रवासियों को नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने उन परिवारों को लाभ देने पर भी सवाल उठाए जो अपने बच्चों को मान्यता प्राप्त स्कूलों में नहीं भेजते या जहां 'वंदे मातरम' नहीं गाया जाता। मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार के समय लाभार्थियों की सूची में गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार असली हकदारों की पहचान करना चाहती है ताकि लाभ फर्जी खाताधारकों के पास न जाए।
ये भी पढ़ें: Bangladesh: भगवान राम का अपमान-मूर्ति तोड़ने की धमकी पर विवाद, बांग्लादेश में मानवाधिकार संगठन ने जताई चिंता
शिविरों के पहले दिन आवेदकों की भारी भीड़ देखी गई। इन शिविरों में अन्नपूर्णा योजना और आयुष्मान भारत जैसी कई महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल हैं। 'VB-G RAM G' योजना ने पुरानी मनरेगा (MGNREGA) की जगह ली है। मुख्यमंत्री का मानना है कि इस बड़े फंड से ग्रामीण इलाकों में लोगों की कमाई बढ़ेगी और विकास कार्यों में तेजी आएगी। इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार केंद्र पर मनरेगा का पैसा रोकने का आरोप लगाती रही थी। केंद्र का कहना था कि योजना को लागू करने में हुई गड़बड़ियों की वजह से फंड रोका गया था।