Bengal: तीन महीने बाद घर वापसी, दो घंटे में विदाई; TMC सांसद और MLA पत्नी को आधी रात क्यों छोड़ना पड़ा घर?
पश्चिम बंगाल के सीताई में करीब तीन महीने बाद टीएमसी सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया और उनकी पत्नी व विधायक संगीता रॉय सोमवार रात अपने घर लौटे, लेकिन कुछ ही देर में बाहर प्रदर्शन शुरू हो गया। पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों रात करीब दो बजे घर छोड़कर कूचबिहार चले गए। आखिर प्रदर्शन क्यों हुआ? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के सीताई में सोमवार रात एक दिलचस्प राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। करीब तीन महीने बाद टीएमसी सांसद जगदीश चंद्र बसुनिया और उनकी पत्नी व टीएमसी विधायक संगीता रॉय अपने घर लौटे, लेकिन कुछ ही देर बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। इसके बाद दोनों पुलिस सुरक्षा में रात करीब दो बजे घर छोड़कर कूचबिहार शहर चले गए।
सांसद और विधायक को क्यों विरोध का सामना करना पड़ा?
जगदीश चंद्र बसुनिया और उनकी पत्नी संगीता रॉय सोमवार रात करीब आधी रात को सीताई स्थित अपने घर पहुंचे। उनके लौटने की खबर फैलते ही कुछ लोग घर के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे। स्थानीय जानकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के बीच कोई स्पष्ट राजनीतिक दल का झंडा नजर नहीं आया। पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शन जारी रहा, जिसके बाद दंपती ने वहां से निकलने का फैसला किया।
सांसद ने आधी रात को घर छोड़ने की क्या वजह बताई?
बसुनिया ने बताया कि वह घर पर रखे कुछ जरूरी कागजात लेने के लिए पहुंचे थे और इलाके की स्थिति का जायजा भी लेना चाहते थे। उन्होंने कहा कि रात में कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। सांसद ने कहा कि वह नहीं चाहते थे कि उनकी मौजूदगी से इलाके में राजनीतिक तनाव पैदा हो या शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हो। इसी वजह से उन्होंने रात में ही वहां से निकलने का फैसला किया।
क्या विधानसभा चुनाव के बाद से दोनों अपने क्षेत्र से दूर थे?
सीताई से विधायक संगीता रॉय चार मई को विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से अपने निर्वाचन क्षेत्र में नजर नहीं आई थीं। बताया गया कि वह अपने बेटे के इलाज के सिलसिले में कोलकाता में थीं। वहीं, कूचबिहार से 2024 में टीएमसी के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीतने वाले बसुनिया भी काफी समय दिल्ली में रहे। हालिया विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद वह 19 अन्य टीएमसी सांसदों के साथ NCPI में शामिल होकर एनडीए के साथ चले गए।
क्या संगीता रॉय भी ऋतब्रत बनर्जी के बागी खेमे में हैं?
सीताई की विधायक संगीता रॉय भी ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले टीएमसी के बागी खेमे के साथ जुड़ चुकी हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब विधानसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी के भीतर संगठनात्मक संकट गहरा गया है। टीएमसी में ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले दोनों खेमे पार्टी और निर्वाचित प्रतिनिधियों पर नियंत्रण को लेकर आमने-सामने हैं।
क्या प्रदर्शन के पीछे BJP का हाथ था?
प्रदर्शन को लेकर भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने कहा कि पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को इस तरह का प्रदर्शन आयोजित नहीं करने का निर्देश दिया था। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को विरोध-प्रदर्शन से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, अगर आम लोग इस तरह का प्रदर्शन करते हैं तो उस पर पार्टी का नियंत्रण नहीं हो सकता।