BEST Bus Accident: 'बस में नहीं थी कोई तकनीकी खराबी', बेस्ट बस हादसे को लेकर अधिकारियों ने किया ये बड़ा दावा
मुंबई के भांडुप में हुए बेस्ट इलेक्ट्रिक बस हादसे को लेकर शुरुआती जांच में सामने आया है कि बस तकनीकी रूप से ठीक थी। अधिकारियों के अनुसार दुर्घटना की वजह मानवीय चूक हो सकती है। हादसे में चार लोगों की मौत और 10 घायल हुए थे।
विस्तार
मुंबई के भांडुप (पश्चिम) रेलवे स्टेशन के पास हुए दर्दनाक बेस्ट बस हादसे को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। शुरुआती जांच में अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हादसे में शामिल इलेक्ट्रिक बस तकनीकी रूप से पूरी तरह ठीक थी और दुर्घटना की मुख्य वजह मानवीय चूक हो सकती है। सोमवार रात इलेक्ट्रिक बस अचानक अनियंत्रित होकर पैदल यात्रियों पर चढ़ गई। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हो गए। बस बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति और परिवहन (बेस्ट) के बेड़े का हिस्सा थी।
शुरुआती तौर पर मानवीय गलती का मामला
बेस्ट के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, वडाला क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने हादसे वाली बस की जांच की, जिसमें ब्रेक, स्टार्टिंग सिस्टम और अन्य यांत्रिक हिस्सों में कोई खराबी नहीं पाई गई। अधिकारी ने कहा बस यांत्रिक रूप से सुरक्षित थी। शुरुआती तौर पर यह मानवीय गलती का मामला लगता है। हादसे के समय बस 52 वर्षीय चालक संतोष रमेश सावंत चला रहे थे, जो पिछले 15 वर्षों से बेस्ट में सेवाएं दे रहे हैं। पुलिस ने लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में चालक को गिरफ्तार कर लिया है।
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आरटीओ अधिकारियों की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस अपने शुरुआती स्थान से दाहिनी ओर मुड़ रही थी। इसी दौरान चालक घबरा गया और संभवतः एक्सीलेरेटर पर जोर से पैर पड़ गया, जिससे बस पर से नियंत्रण हट गया। इसके बाद बस एक खंभे और डिवाइडर से टकरा गई। अधिकारियों ने ब्रेक फेल होने की आशंका को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक बसों में यदि ब्रेक सिस्टम में एयर प्रेशर कम हो, तो वाहन आगे बढ़ ही नहीं सकता।
ड्राइवर ने बताई हादसे की वजह
जिस बस ने लोगों को कुचला उसे बेस्ट का ड्राइवर संतोष सावंत (50 वर्षीय) चला रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हादसे के बाद मुंबई पुलिस की पूछताछ में ड्राइवर ने बताया कि बस को जो ड्राइवर पहले चला रहा था, उसकी लापवाही की वजह से हादसा हुआ। उसने बताया कि पिछले ड्राइवर ने हैंड ब्रेक को ड्राइव मोड में डाला हुआ था, जबकि वे न्यूट्रल मोड में होने चाहिए थे। शिफ्ट बदलने के बाद जब सावंत ने बस स्टार्ट करने के लिए हैंड ब्रेक खीचे, ड्राइव मोड में होने के चलते बस आगे बढ़ी और लोगों को कुचल दिया।
बस का फिटनेस सर्टिफिकेट अगस्त 2027 तक वैध
यह इलेक्ट्रिक मिडी बस छह साल चार महीने पुरानी है और अगस्त 2021 में टार्डियो आरटीओ में रजिस्टर की गई थी। बेस्ट के अनुसार, बस का फिटनेस सर्टिफिकेट अगस्त 2027 तक वैध है और बीमा भी चालू है। दिसंबर की शुरुआत में बस की बैटरी पैक बदली गई थी और उस दौरान कोई तकनीकी खामी नहीं पाई गई थी। गौरतलब है कि यह मुंबई में ओलेक्ट्रा कंपनी की वेट-लीज बस से जुड़ा दूसरा बड़ा हादसा है। इससे पहले दिसंबर 2024 में कुर्ला (पश्चिम) इलाके में इसी तरह के हादसे में नौ लोगों की जान चली गई थी।
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