केजरीवाल की क्लास से निकला पहला मुख्यमंत्री: मान के बाद अब दूसरे प्रदेशों में 'शपथ ग्रहण' की रणनीति बना रही 'आप'
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विस्तार
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की क्लास से निकले भगवंत मान ने बुधवार को पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। शहीद भगत सिंह के गांव खटकड़कलां में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में भगवंत मान, केजरीवाल स्टाइल में बोलते हुए नजर आए। जिस तरह से 2015 में अरविंद केजरीवाल ने प्रचंड जीत के बाद कहा था, अहंकार नहीं करना है। बहुत बड़ी जीत मिली है, जनता का विश्वास तोड़ना नहीं है। भगवंत मान ने भी कुछ वैसा ही कहा। आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अहंकार बिल्कुल नहीं करना है। मेरे पास इस तरह की खबर नहीं आनी चाहिए।
आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा, अब दूसरे राज्यों की बारी है। इस साल हिमाचल प्रदेश और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव में 'आप' अपना बेहतरीन प्रदर्शन करेगी। आप सरकार का दिल्ली मॉडल, पूरे देश में पसंद किया जा रहा है। परंपरागत राजनीतिक दलों से लोग परेशान हैं। जनता बदलाव चाहती है और आम आदमी पार्टी उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का दम रखती है। दूसरे प्रदेशों में भी ऐसे ही शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हों, आम आदमी पार्टी अब इस 'रणनीति' पर काम कर रही है।
पंजाब में लागू होगा दिल्ली मॉडल
दिल्ली के 2015 के विधानसभा चुनाव में मिली भारी जीत के बाद जब केजरीवाल ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया तो उन्होंने भावुक होकर कहा था, जनता ने हमें बहुत बड़ी जीत दी है। इस प्रचंड जीत पर अहंकार बिल्कुल नहीं करना है। पंजाब में सीएम पद की शपथ लेने के बाद भगवंत मान ने भी अमूमन वही बातें दोहराई, जो केजरीवाल विभिन्न मंचों से कहते नजर आए हैं। विपक्षी दलों की निंदा से बचना है। खुद के काम पर ध्यान देना है। उन्होंने स्कूल और अस्पताल की बात कही। आप के 'दिल्ली मॉडल' में ये दोनों विषय सबसे ऊपर रहे हैं। दिल्ली के मोहल्ला क्लीनिक, जिनकी सराहना दुनिया भर के देशों में हुई है, वैसी ही स्वास्थ्य व्यवस्था पंजाब में लागू की जाएगी।
दिल्ली में चुनाव जीतने के बाद आप विधायकों की कार्यशैली बिल्कुल बदली हुई दिखाई दी। दूसरे राजनीतिक दलों के विधायकों की तरह वे जनता से दूर नहीं हुए। दिल्ली में आप के सभी विधायक, पार्टी कार्यकर्ता की तरह फ़ील्ड में काम करते हुए नजर आए। विधायक सप्ताह के सातों दिन काम में जुटे रहे। यही वजह रही कि 2020 के विधानसभा चुनाव में आप ने बंपर जीत हासिल की थी। पंजाब में आप ने नए चेहरों को मौका दिया है। उन्हें दिल्ली की तर्ज़ पर जनता के बीच काम करने का तरीक़ा सिखाया जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, वक्त और पब्लिक बहुत बड़ी चीज है। वह आदमी को अर्श से फर्श पर लाने में देरी नहीं करते। शहीदों को सिर्फ कुछ ही तारीखों में क्यों याद किया जाता है। हमें हर रोज उनके बताए रास्तों पर चलना चाहिए। हम जनता के जैसे हैं, जनता बनकर ही रहेंगे। आने वाले समय में सिलेबस में पढ़ाया जाएगा कि लोगों ने बिना किसी लालच के 20 फरवरी 2022 को वोट डाले थे। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने पहले ही केंद्र की राजनीति में आने के संकेत दे दिए हैं। उन्होंने देश भर के लोगों से आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने की अपील की है।
हरियाणा में भी एंट्री की तैयारी
आप की ईमानदार राजनीति से लोग प्रभावित हैं। पहली बार किसी क्षेत्रीय पार्टी ने दो राज्यों में अपनी सरकार बनाई है। पूरा देश बेहतरीन मॉडल को अपना रहा है। पंजाब के पड़ोसी राज्य हरियाणा में आप को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। वहां पर कई पार्टियों के पूर्व विधायकों ने आप से संपर्क किया है। साल 2024 में होने वाले विधानसभा चुनाव में 'आप', दूसरे दलों के सामने एक बड़े विकल्प के तौर पर खड़े होने का प्रयास करेगी।
बजट सत्र के दूसरे हिस्से के पहले दिन संसद में भगवंत मान ने कहा था, हम अच्छी बात कहीं से भी सीख सकते हैं। हमारे पास प्रशासन को चलाने और समझने का अनुभव है। हम दिल्ली से सीखेंगे और पंजाब से दिल्ली भी सीखेगा। जहां से अच्छी बात मिलेगी, वहीं से सीख लेंगे। मध्यप्रदेश से सीख लेंगे, तमिलनाडु से सीख लेंगे, पश्चिम बंगाल से भी सीख लेंगे। केजरीवाल ने कहा, पंजाब में आप की ईमानदार सरकार बनी है। हमारा सांसद या विधायक इधर उधर करेगा तो वो जेल में जाएगा। राजनीतिक जानकारों का कहना है, पंजाब में आप ने एक नई राजनीति की शुरुआत की है। इसमें जाति और धर्म का जिक्र नहीं है। कोई विचारधारा भी नहीं है। आप ने पंजाब में बीआर अंबेडकर और भगत सिंह को अपना आइकन बनाया है। बाकी जनता के मुद्दे हैं, उन्हीं पर आप सरकार काम करेगी।