फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bhiwandi building collapse Dangerous building wrongly categorized civic body exposed after 10 deaths

कागजों में सुरक्षित, हकीकत में खतरनाक: भिवंडी में बिल्डिंग गिरने से 10 मौतों का जिम्मेदार कौन? जांच में खुलासा

Mon, 10 Aug 2026 09:13 AM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: प्रशांत तिवारी Updated Mon, 10 Aug 2026 09:13 AM IST
सार

नगर निकाय के सूत्रों ने बताया कि एक ‘खतरनाक’ इमारत को गलत कैटेगरी में रखे जाने की प्रशासनिक चूक के कारण लोग भिवंडी की चार मंजिला इमारत में रहते रहे। बाद में यह इमारत ढह गई, जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई।

विज्ञापन
Bhiwandi building collapse Dangerous building wrongly categorized civic body exposed after 10 deaths
हादसे की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी की कोहिनूर बिल्डिंग हादसे में 10 लोगों की मौत के बाद नगर निकाय की बड़ी लापरवाही सामने आई है।  कोहिनूर बिल्डिंग को नगर निकाय की आधिकारिक सूची में ‘C2B’ कैटेगरी में रखा गया था, जबकि अधिकारियों के मुताबिक इमारत को अधिक गंभीर कैटेगरी में रखकर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए थी। गलत कैटेगरी और वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई गलत जानकारी के कारण जरूरी कार्रवाई में देरी हुई। 30 जुलाई की रात इमारत का एक हिस्सा ढहने से 10 लोगों की मौत हो गई और तीन लोग घायल हुए। अब BNCMC ने भिवंडी की C-1, C2A और C2B कैटेगरी वाली सभी इमारतों के दोबारा ऑडिट और कैटेगरी तय करने का आदेश दिया है। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक, प्रशासनिक और आपराधिक कार्रवाई की बात कही गई है। पुलिस ने इमारत के मालिक और एक ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है।

विज्ञापन


भिवंडी की कोहिनूर बिल्डिंग में हादसा कैसे हुआ?
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के भिवंडी इलाके के बालाजी नगर स्थित कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा 30 जुलाई की रात ढह गया। चार मंजिला इस इमारत की हर मंजिल पर 12 कमरे थे और पूरी इमारत में कुल 48 कमरे थे। हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हुए। 12 मई को जारी आधिकारिक सूची में सिविक वार्ड 04 में स्थित इस इमारत को ‘C2B’ कैटेगरी में रखा गया था। C2B कैटेगरी का मतलब ऐसी इमारत से है, जिसमें लोगों को बाहर निकाले बिना स्ट्रक्चरल मरम्मत की जा सकती है।
विज्ञापन


कौन-कौन सी होती है कैटेगरी?
पूरे वार्ड में 55 इमारतों को ‘C-1’ कैटेगरी में रखा गया था, जिन्हें सबसे खतरनाक माना जाता है और जिन्हें तत्काल खाली कराना जरूरी होता है। वहीं, 164 इमारतें ‘C2A’ कैटेगरी में थीं, जिनमें मरम्मत के दौरान आंशिक रूप से खाली कराना जरूरी होता है। इसके अलावा 107 इमारतों को ‘C2B’ कैटेगरी में रखा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


गलत कैटेगरी का लोगों पर क्या असर पड़ा?
इमारत को गलत कैटेगरी में रखे जाने के कारण उसे तत्काल खाली कराने की जरूरत नहीं समझी गई और लोगों को वहां रहने दिया गया। अधिकारी के मुताबिक, इसके बाद एक ठेकेदार ने BNCMC की अनुमति लिए बिना इमारत में मरम्मत का काम शुरू कर दिया। अधिकारी ने बताया कि इमारत को गलत कैटेगरी में रखने के अलावा स्थानीय अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों को भी गलत जानकारी दी।

BNCMC कमिश्नर की जिम्मेदारी कौन संभाल रहा है?
उन्होंने बताया कि 5 अगस्त को ठाणे कलेक्टर श्रीकृष्ण पंचाल के साथ हुई बैठक के दौरान, जो BNCMC कमिश्नर का भी काम देख रहे हैं, वार्ड के कर्मचारियों ने गलत जानकारी दी कि इमारत ‘C2A’ कैटेगरी में है। अधिकारी के अनुसार, इस गलत जानकारी के चलते इमारत की वास्तविक स्ट्रक्चरल स्थिति सामने नहीं आ सकी और समय रहते जबरन हस्तक्षेप करने तथा जरूरी कार्रवाई में देरी हुई। अधिकारियों ने बताया कि सिविक कमिश्नर छुट्टी पर चले गए हैं। ऐसे में ठाणे कलेक्टर श्रीकृष्ण पंचाल BNCMC कमिश्नर का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।

अब भिवंडी की दूसरी इमारतों की जांच कैसे होगी?
अधिकारियों के मुताबिक, श्रीकृष्ण पंचाल ने भिवंडी में C-1, C2A और C2B कैटेगरी में आने वाली सभी इमारतों का दोबारा ऑडिट कराने और उनकी कैटेगरी फिर से तय करने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान जिन सिविक अधिकारियों की ओर से इमारत की गलत या लापरवाही भरी कैटेगरी की जानकारी दिए जाने की पुष्टि होगी, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सीधे तौर पर आपराधिक और प्रशासनिक जवाबदेही भी तय की जाएगी।

क्या BNCMC ने पहले ही इमारत को खतरनाक घोषित किया था?
इमारत गिरने के बाद BNCMC ने एक बयान जारी कर कहा कि इमारत को ‘खतरनाक’ माना गया था। नगर निकाय के मुताबिक, सबसे पहले 7 सितंबर 2020 को प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस जारी किया गया था और उनसे स्ट्रक्चरल ऑडिट रिपोर्ट जमा करने को कहा गया था। इसके बाद 22 अप्रैल 2022 को प्रॉपर्टी मालिकों को रिमाइंडर नोटिस भेजा गया था।


फिर इमारत खाली क्यों नहीं कराई गई?
BNCMC ने बताया कि आदेश का पालन नहीं किए जाने के बाद नगर निकाय ने 5 जून 2026 को इमारत खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके बाद इमारत की बिजली और पानी की सप्लाई काट दी गई और वहां रह रहे परिवारों को बाहर निकाल दिया गया। हालांकि, नगर निकाय का कहना है कि प्रॉपर्टी मालिकों ने इसके बावजूद गैरकानूनी तरीके से इमारत में मरम्मत का काम शुरू कर दिया था।

ये भी पढ़ें: महाराष्ट्र के कल्याण में आवारा कुत्ते का तांडव: सात घंटे में 125 से ज्यादा लोगों को काटा; बच्चों की हालत गंभीर

हादसे के बाद पुलिस ने किसके खिलाफ FIR दर्ज की?
पुलिस ने इमारत के मालिक और एक ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की है। ठेकेदार पर कथित तौर पर बिना अनुमति के इमारत में मरम्मत का काम करने का आरोप है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed