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सम्राट का परिवार: सेना से रिटायर होकर पिता सियासत में आए, मां भी रहीं MLA, जानें क्या करते हैं उनके भाई-बहन
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Tue, 14 Apr 2026 03:15 PM IST
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सार
बिहार के 10 बार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार का इस्तीफा हो गया है। इसके साथ ही भाजपा को पहली बार बिहार की शीर्ष गद्दी पर अपना नेता बिठाने का मौका मिला है। मुख्यमंत्री पद के लिए बिहार में भाजपा विधायक दल ने सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी। आइये जानते हैं उनके परिवार के बारे में...
सम्राट चौधरी का परिवार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अब राज्य में सियासी हलचल तेज हो गई है। इसके बाद भारतीय जनता पार्टी बिहार में पहली बार अपना मुख्यमंत्री बिठा पाई है। चर्चा थी कि भाजपा में सीएम के नए चेहरे के तौर पर कई नामों पर बात हो रही है। लेकिन पार्टी के विधायक दल ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुन लिया।
ऐसे में सम्राट चौधरी के बारे में जानना अहम है। इसके साथ ही यह जानना भी अहम है कि सम्राट के परिवार में कौन-कौन है? उनके पिता-माता क्यों बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखते हैं? लाइमलाइट से दूर रहने वाले उनके बाकी परिवार में कौन-कौन है और उनके बारे में क्या जानकारी उपलब्ध है? आइये जानते हैं...
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ऐसे में सम्राट चौधरी के बारे में जानना अहम है। इसके साथ ही यह जानना भी अहम है कि सम्राट के परिवार में कौन-कौन है? उनके पिता-माता क्यों बिहार की राजनीति में अहम स्थान रखते हैं? लाइमलाइट से दूर रहने वाले उनके बाकी परिवार में कौन-कौन है और उनके बारे में क्या जानकारी उपलब्ध है? आइये जानते हैं...
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संक्षेप में जानें- कौन हैं सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार?
सम्राट चौधरी उर्फ राकेश कुमार का जन्म 16 नवंबर, 1968 को हुआ था। सम्राट चौधरी नीतीश सरकार में डिप्टी सीएम हैं। सम्राट चौधरी बिहार के कद्दावर नेता रहे शकुनी चौधरी के बेटे हैं। अब सम्राट चौधरी अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।साल 1990 में सक्रिय राजनीति में उतरने वाले सम्राट चौधरी ने अपने करियर की शुरुआत राष्ट्रीय जनता दल से की थी। साल 1999 में बिहार की राबड़ी सरकार में सम्राट चौधरी कृषि मंत्री भी रहे। हालांकि उनकी कम उम्र को लेकर विवाद हुआ और उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया गया। राजद से नाता तोड़कर सम्राट जदयू और फिर भाजपा में आए। भाजपा में आने के बाद से सम्राट चौधरी का राजनीतिक कद लगातार बढ़ता गया और पार्टी ने साल 2022 में उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाया। मौजूदा समय में वे बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं।
ये भी पढ़ें: Samrat Choudhary: सम्राट चौधरी भाजपा में कब आए? बिहार का मुख्यमंत्री बनना तय क्यों माना रहा, वजह भी समझें
अब जानें- कौन हैं सम्राट चौधरी के माता-पिता?
1. पिता शकुनी चौधरी
सम्राट चौधरी के पिता शकुनी चौधरी बिहार की राजनीति का एक जाना-माना चेहरा हैं। उनका जन्म 4 जनवरी 1936 को मुंगेर जिले के लखनपुर गांव में हुआ था और वे कुशवाहा (कोइरी) समुदाय के एक प्रमुख नेता माने जाते हैं। सक्रिय राजनीति में आने से पहले उन्होंने 15 वर्ष तक भारतीय सेना में सेवा दी थी।छह बार के विधायक, एक बार के रहे सांसद
रिटायरमेंट के बाद शकुनी बिहार की सियासत में उतर गए। उनके चुनावी रिकॉर्ड को ही देखा जाए तो सामने आता है कि वे कुल मिलाकर सात बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। इसमें से उन्होंने छह बार 1985 से 2010 के बीच तारापुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
शकुनी चौधरी के साथ जो एक खास बात जोड़ी जाती है, वह यह है कि वे जॉर्ज फर्नांडिस के साथ समता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक थे। 1998 में वे समता पार्टी के टिकट पर ही खगड़िया से लोकसभा सांसद भी चुने गए थे। शकुनी के लोकसभा जाने के बाद तारापुर सीट से उनकी पत्नी पार्वती देवी यहां से चुनी गईं।
बेटे से पहले पिता भी बदल चुके कई राजनीतिक दल
अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने कई पार्टियां बदलीं; उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में शुरुआत की और बाद में कांग्रेस, समता पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) जैसे दलों में रहे।
कई अहम पदों पर भी रह चुके शकुनी
शकुनी चौधरी बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। साल 2000 में वे राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बने थे और बाद में वे हम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
विवादों से भी रहा नाता
1995 के विधानसभा चुनावों के दौरान तारापुर में कांग्रेस उम्मीदवार सच्चिदानंद सिंह और उनके समर्थकों की एक ग्रेनेड हमले में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 33 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें शकुनी चौधरी मुख्य आरोपियों में से एक थे। हालांकि, बाद में सबूतों के अभाव में उन पर से आरोप हटा लिए गए थे।
अपने लंबे राजनीतिक करियर में उन्होंने कई पार्टियां बदलीं; उन्होंने एक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में शुरुआत की और बाद में कांग्रेस, समता पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल (राजद), जनता दल यूनाइटेड (जदयू) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) जैसे दलों में रहे।
कई अहम पदों पर भी रह चुके शकुनी
शकुनी चौधरी बिहार विधानसभा के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। साल 2000 में वे राबड़ी देवी सरकार में मंत्री बने थे और बाद में वे हम के बिहार प्रदेश अध्यक्ष भी रहे।
विवादों से भी रहा नाता
1995 के विधानसभा चुनावों के दौरान तारापुर में कांग्रेस उम्मीदवार सच्चिदानंद सिंह और उनके समर्थकों की एक ग्रेनेड हमले में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कुल 33 लोगों को आरोपी बनाया गया था, जिनमें शकुनी चौधरी मुख्य आरोपियों में से एक थे। हालांकि, बाद में सबूतों के अभाव में उन पर से आरोप हटा लिए गए थे।
2. पार्वती देवी
सम्राट चौधरी की मां पार्वती देवी ने 1998 में हुए उपचुनाव में समता पार्टी के टिकट पर तारापुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा था और जीत दर्ज की थी। मुंगेर क्षेत्र की स्थानीय राजनीति में भी उनका काफी दबदबा रहा। 11 सितंबर 2022 को उनका तारापुर प्रखंड के लखनपुर गांव में निधन हो गया था।3. भाई-बहन
सम्राट चौधरी के कुल पांच भाई-बहन हैं। शकुनी चौधरी की ओर से लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, उनके कुल छह बच्चे हैं, जिनमें चार बेटे और दो बेटियां हैं। इस लिहाज से सम्राट चौधरी के तीन भाई और दो बहनें हैं।(i). सम्राट के भाई रोहित उर्फ राजेश चौधरी इंजीनियर हैं, जो कि 2021 में जदयू में शामिल हुए थे। रोहित और उनकी पत्नी अमृता चौधरी हैं। दोनों पिता के नाम पर एक स्कूल भी चलाते हैं।
(ii). शकुनी चौधरी के 2005 के चुनावी हलफनामे में दी गई जानकारी के मुताबिक, उन पर आश्रित चार लोग थे, जिनमें तीन बेटे और एक पोता था। इस हलफनामे में उन्होंने अपने बेटों के नाम- धर्मेंद्र, योगेंद्र और राजेश बताए हैं। वहीं, पोते का नाम कुमार सौरव बताया गया है। इस हलफनामे में सम्राट चौधरी जो राकेश कुमार ने नाम से भी जाने जाते हैं उनके नाम का जिक्र नहीं है।
(iv). सम्राट चौधरी की दो बहनों की जानकारी अब तक सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आई है। उनके नामों तक का कहीं जिक्र नहीं है।
4. पत्नी-बच्चे
सम्राट चौधरी की पत्नी का नाम ममता कुमारी है। जानकारी के मुताबिक, उनका विवाह 2007 में हुआ था। सम्राट का एक बेटा और एक बेटी है। उनके बेटे का नाम प्रणय चौधरी तो बेटी का नाम चारू प्रिया है।
