Karnataka: भाजपा नेता का सिद्धारमैया पर हमला, कहा- वित्तीय संकट में कर्नाटक छोड़ अब बेटे के भविष्य पर फोकस
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया पर राज्य को वित्तीय संकट में छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की नीतियों से विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और कई योजनाओं के भुगतान लंबित हैं।
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कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ भाजपा नेता आर. अशोक ने आज पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर राज्य को वित्तीय संकट में छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने से पहले सिद्धारमैया ने राज्य की आर्थिक स्थिति को कमजोर कर दिया। अब उनका पूरा ध्यान अपने बेटे के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक पद सुनिश्चित करने पर है।
राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति के कारण सिद्धारमैया ने पद छोड़ा
‘कर्नाटक खंडहर में: सिद्धारमैया की शर्मनाक विरासत’ शीर्षक से जारी बयान में अशोक ने दावा किया कि सिद्धारमैया ने अपने उत्तराधिकारी के लिए आर्थिक चुनौतियों से घिरा राज्य छोड़ा है। अशोक ने कांग्रेस के इस दावे को भी खारिज किया कि नेतृत्व परिवर्तन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया राज्य की बिगड़ती वित्तीय स्थिति से अवगत थे और इसी कारण उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया।
कांग्रेस सरकार ने राज्य को कर्ज में धकेला- भाजपा
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कर्नाटक को भारी कर्ज के बोझ तले धकेल दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और कई परियोजनाएं धीमी पड़ गई हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार ने बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया था।
अशोक ने कहा कि कई क्षेत्रों में भुगतान लंबित होने के कारण वित्तीय संकट की स्थिति बनी हुई है। ठेकेदारों को उनके कार्यों का भुगतान नहीं मिला है। बिजली वितरण कंपनियां आर्थिक दबाव का सामना कर रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धन की कमी के कारण कई कल्याणकारी योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
उन्होंने दावा किया कि गृह लक्ष्मी योजना की कुछ किश्तें लंबित हैं। शक्ति योजना के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं है। आरटीसी कर्मचारियों के बकाया भुगतान में देरी हुई है। अन्नभाग्य योजना के लिए भी आवंटन समय पर नहीं हुआ। गारंटी योजनाओं पर सवाल उठाते हुए अशोक ने कहा कि इन योजनाओं ने राज्य के वित्तीय संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव डाला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका बोझ भविष्य में करदाताओं पर पड़ सकता है।
बेटे के लिए राजनीतिक अवसर तलाशने का आरोप
अशोक ने सिद्धारमैया की हालिया दिल्ली यात्राओं की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की आर्थिक चुनौतियों पर ध्यान देने के बजाय वे अपने बेटे के लिए राजनीतिक अवसर तलाशने में अधिक व्यस्त थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व के दबाव में सिद्धारमैया को पद छोड़ना पड़ा। इससे अन्य पिछड़ा वर्ग समुदाय के कुछ वर्गों में नाराजगी पैदा हो सकती है और कांग्रेस के भीतर मतभेद बढ़ सकते हैं।
जीएसटी संग्रह में कर्नाटक देश में दूसरे स्थान पर
दूसरी ओर, सिद्धारमैया ने राज्य की गारंटी योजनाओं के कारण सरकारी खजाने के कमजोर होने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक का वित्तीय प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। उनके अनुसार, जीएसटी संग्रह के मामले में कर्नाटक देश में महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है।
सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य की आर्थिक विकास दर 8.1 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 7.4 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य का राजकोषीय घाटा निर्धारित 3 प्रतिशत की सीमा के भीतर है। वहीं कुल ऋण राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 24.94 प्रतिशत है।