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सनातन धर्म विवाद: दुर्गा स्टालिन पहुंचीं मंदिर, पति-बेटे के लिए कराई विशेष पूजा; BJP ने उदयनिधि पर साधा निशाना
आईएएनएस, मांड्या
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 02 Jun 2026 02:08 PM IST
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सार
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की मां दुर्गा स्टालिन ने निमिषांबा मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की। इसके चलते सनातन धर्म पर चल रही राजनीतिक बहस फिर चर्चा में आ गई। उन्होंने परिवार के सदस्यों के नाम से धार्मिक अनुष्ठान कराए और कई मंदिरों में दर्शन किए। वहीं, इसे लेकर भाजपा ने उदयनिधि पर निशाना साधा है।
निमिषांबा मंदिर में उदयनिधि स्टालिन की मां दुर्गा
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स/IANS
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विस्तार
तमिलनाडु में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन की मां दुर्गा स्टालिन को मैसूरु के पास प्रसिद्ध निमिषांबा मंदिर में दर्शन करने पहुंचीं। दुर्गा स्टालिन का यह मंदिर दौरा के बेटे उदयनिधि के सनातन धर्म को खत्म करने वाले बयान पर चल रहे विवाद के बीच हुआ है। इस दौरान उन्होंने अपने पति और बेटे के नाम से विशेष पूजा-अर्चना करवाई।
मंदिर में दुर्गा स्टालिन द्वारा धार्मिक अनुष्ठान करते हुए की तस्वीरें और वीडियो मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। कई यूजर्स ने उदयनिधि स्टालिन के पूर्व के बयानों और परिवार की मंदिर यात्रा के बीच स्पष्ट विरोधाभास पर प्रतिक्रिया दी।
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किसके साथ मंदिर पहुंची थीं दुर्गा स्टालिन?
दुर्गा स्टालिन सोमवार को अपने परिवार के सदस्यों के साथ मांड्या जिले की श्रीरंगपट्टन तालुक स्थित गंजाम के निमिषांबा मंदिर पहुंचीं। उनके साथ जेडी(एस) विधायक जी.टी. देवेगौड़ा, उनकी बेटी और दामाद भी मौजूद थे।
सूत्रों के अनुसार, यह यात्रा पूर्णिमा के शुभ अवसर पर की गई। दुर्गा स्टालिन ने देवी निमिषांबा की पारंपरिक 'उदी सेवा' की और देवी को रेशमी साड़ी, चूड़ियां, फूल, फल और नारियल अर्पित किए। उन्होंने एमके स्टालिन, उदयनिधि स्टालिन और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से विशेष पूजा भी करवाई। मंदिर सूत्रों के अनुसार, उन्होंने करीब 30 मिनट तक देवी के सामने पूजा-अर्चना की। सभी अनुष्ठान मंदिर के मुख्य पुजारी सूर्य नारायण भट्ट ने संपन्न कराए।
उदयनिधि स्टालिन दे चुके हैं सनातन विरोधी बयान
उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म किए जाने की बात कहते हुए इसे भेदभाव और सामाजिक असमानता को बढ़ावा देने वाला बताया था। उनके इस बयान पर देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी और कानूनी चुनौतियां भी सामने आई थीं।
उन्होंने तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में अपने पहले भाषण के दौरान भी सनातन धर्म को समाप्त किए जाने की बात दोहराई थी। उन्होंने कहा था, "सनातन धर्म, जो लोगों को बांटता है, उसे निश्चित रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनका विरोध धार्मिक आस्था या मंदिर पूजा के खिलाफ नहीं, बल्कि जातिगत भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ है।
के. अन्नामलाई बोले- सनातन को खत्म करना है, तो अपनी मां को रोकें
तमिलनाडु भाजपा नेता के. अन्नामलाई ने सनातन धर्म पर की गई टिप्पणियों को लेकर डीएमके नेतृत्व पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया। उदयनिधि स्टालिन की मां का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अगर आप सनातन धर्म को खत्म करना चाहते हैं तो कृपया अपनी मां को रोकिए। वह हर दिन सुबह एक मंदिर और शाम को एक मंदिर जाती हैं।"
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दुर्गा स्टालिन ने कराई विशेष पूजा
दुर्गा स्टालिन की मंदिर यात्रा के दौरान धार्मिक कार्यक्रमों में कुमकुमार्चने, दुर्गा सप्तशती का पाठ और महामंगला आरती शामिल रही। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। मुख्य मंदिर में पूजा के बाद दुर्गा स्टालिन ने मंदिर परिसर में स्थित मौक्तिकेश्वर, लक्ष्मीनारायण स्वामी, सूर्य नारायण स्वामी, गणपति और अंजनेयस्वामी मंदिरों में भी दर्शन और पूजा की।
मंदिर कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने परिसर में काफी समय बिताया और पूरे श्रद्धाभाव के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। उनकी यात्रा ने मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं और आगंतुकों का भी ध्यान आकर्षित किया।