Amit Shah: त्रिपुरा दौरे पर अमित शाह, भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा और BSF की तैयारियों की करेंगे समीक्षा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4-5 जून को त्रिपुरा दौरे पर रहेंगे। वह भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा व्यवस्था और बीएसएफ की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इस दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा, सुरक्षा बैठक, परियोजनाओं का शिलान्यास और सैनिक सम्मेलन में भाग लेंगे।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 4 और 5 जून को त्रिपुरा के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की तैयारियों की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, गृह मंत्री 4 जून को शिलांग में उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) के 73वें पूर्ण अधिवेशन की अध्यक्षता करने के बाद शाम को अगरतला पहुंचेंगे।
त्रिपुरा प्रवास के दौरान अमित शाह बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े सुरक्षा मुद्दों की समीक्षा की जाएगी। बैठक से पहले गृह मंत्री पश्चिम त्रिपुरा जिले के कुछ सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वहां वह सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा हालात का निरीक्षण करेंगे।
अपने दौरे के दौरान अमित शाह कुछ आधारभूत ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। वह वृक्षारोपण अभियान में भाग लेंगे और सैनिक सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। गृह मंत्री एक होटल परियोजना के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम में भी शामिल होंगे। यह परियोजना त्रिपुरा सरकार और एक निजी संस्था के सहयोग से विकसित की जाएगी।
गृह मंत्री के दो दिवसीय दौरे को लेकर राज्य सरकार, बीएसएफ और पश्चिम त्रिपुरा जिला प्रशासन व्यापक तैयारियों में जुटे हुए हैं। त्रिपुरा की बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा लगती है। राज्य तीन ओर से बांग्लादेश से घिरा हुआ है। इसी कारण यह क्षेत्र अवैध घुसपैठ, तस्करी और सीमा पार अपराधों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। करीब 21 किलोमीटर के दुर्गम क्षेत्र को छोड़कर अधिकांश सीमा पर बाड़ लगाई जा चुकी है। इसका उद्देश्य अवैध घुसपैठ, तस्करी और अन्य सीमा पार गतिविधियों को रोकना है।
बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जून-जुलाई 2024 में बांग्लादेश में शुरू हुई अशांति के बाद सीमा पर निगरानी बढ़ा दी गई है। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना सरकार के पतन के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया। गृह मंत्री ने यह भी कहा था कि त्रिपुरा, असम और पश्चिम बंगाल सरकारें अवैध घुसपैठ रोकने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने बीएसएफ को राज्य सरकारों के साथ समन्वय बढ़ाने का निर्देश दिया था।