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Maharashtra: संजय राउत का शिंदे गुट के नेताओं को न्योता, बोले- गलती का एहसास हो तो शिवसेना (यूबीटी) में लौटें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Sandhya Kumari Updated Tue, 02 Jun 2026 03:23 PM IST
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सार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि यदि शिंदे गुट के नेताओं को 2022 में पार्टी छोड़ने की गलती का एहसास है, तो वे उद्धव ठाकरे की शिवसेना में लौट सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ नेताओं को दोबारा प्रवेश नहीं मिलेगा। 

Sanjay Raut extends invitation to leaders Shinde faction says If realize mistake return to Shiv Sena UBT
संजय राउत, शिवसेना यूबीटी सांसद - फोटो : PTI
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विस्तार

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि 2022 में एकनाथ शिंदे के साथ गए नेताओं को यदि अपनी गलती का एहसास हो रहा है, तो वे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना में वापस आ सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ नेताओं को पार्टी में दोबारा प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

मुंबई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए राउत ने कहा कि यदि किसी नेता को लगता है कि उससे गलती हुई है या उसे गुमराह किया गया था, तो उसे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में लौट आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने सहयोगियों का अपमान कर रही है।

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राउत की यह टिप्पणी शिंदे गुट के नेता और पूर्व मंत्री अब्दुल सत्तार के एक बयान के बाद आई है। सत्तार ने कहा था कि भाजपा ने पहले शिवसेना (यूबीटी) को कमजोर किया और अब छत्रपति संभाजीनगर जिले में शिंदे गुट की शिवसेना को भी नुकसान पहुंचाया है।

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सत्तार ने कहा था कि यदि सहयोगी दल ही पार्टी को कमजोर करने लगे तो भाजपा-शिवसेना गठबंधन का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि दोनों शिवसेना गुटों को फिर से एक साथ आने पर विचार करना चाहिए।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा कि महाराष्ट्र में मूल भगवा गठबंधन में भाजपा कभी बड़ी पार्टी नहीं थी। उनके अनुसार, अविभाजित शिवसेना गठबंधन की प्रमुख पार्टी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा इस स्थिति को स्वीकार नहीं कर सकी और इसी कारण पार्टी में विभाजन हुआ।

राउत ने यह भी दावा किया कि शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक स्वतंत्र राजनीतिक दल नहीं है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए। साथ ही उन्होंने विश्वास जताया कि शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला उद्धव ठाकरे के पक्ष में आएगा।

शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे ने भी अब्दुल सत्तार के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी शुरू से ही भाजपा की कार्यशैली को समझती थी। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता की राजनीति के कारण कुछ नेताओं ने अलग रास्ता चुना था।

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