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Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर आज से शुरू हो रही नई बातचीत, संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद
आईएएनएस, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Tue, 02 Jun 2026 01:49 PM IST
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सार
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए आज से फिर से बातचीत शुरू हो रही है। इस बातचीत में कई अहम मुद्दों पर सहमति बनने के आसार हैं। व्यापार समझौते से भारत अमेरिका के संंबधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर मंगलवार से फिर से बातचीत शुरू होने जा रही है। दोनों देश लंबे समय से प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं, जो दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है। 2 जून से 4 जून तक होने वाली इस बातचीत में प्रस्तावित अंतरिम समझौते के कानूनी मसौदे को अंतिम रूप देने और बाकी बचे मुद्दों को सुलझाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
99 प्रतिशत बातचीत हो चुकी है पूरी
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि बातचीत का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और अब केवल कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने कहा, 'बहुत जल्द हम अमेरिका के साथ पहले द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा करेंगे और इसके बाद दूसरे चरण की बातचीत भी जारी रहेगी।' हालांकि, मौजूदा बातचीत मुख्य रूप से व्यापक व्यापार समझौते के पहले चरण पर केंद्रित रहेगी। इसमें बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को आसान बनाना, निवेश को बढ़ावा देना और आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं।
इन मुद्दों पर रहेगा फोकस
चर्चा में अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत लगाए गए शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। भारत इन मामलों में राहत चाहता है और व्यापार से जुड़े विवाद भी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहेंगे। यदि यह व्यापार समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है, तो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर और प्राथमिकता वाली पहुंच मिल सकती है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे।
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इस वजह से टल गई थी प्रस्तावित बैठक
गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस पारस्परिक टैरिफ व्यवस्था के खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसे 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) के तहत लागू किया गया था। इस फैसले के बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों से आने वाले आयात पर समान रूप से 10 प्रतिशत शुल्क लागू कर दिया था। इसी कारण मुख्य वार्ताकारों की पहले प्रस्तावित बैठक को भी टालना पड़ा था।
99 प्रतिशत बातचीत हो चुकी है पूरी
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि बातचीत का लगभग 99 प्रतिशत हिस्सा पूरा हो चुका है और अब केवल कुछ मुद्दों पर सहमति बनना बाकी है। उन्होंने कहा, 'बहुत जल्द हम अमेरिका के साथ पहले द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर की घोषणा करेंगे और इसके बाद दूसरे चरण की बातचीत भी जारी रहेगी।' हालांकि, मौजूदा बातचीत मुख्य रूप से व्यापक व्यापार समझौते के पहले चरण पर केंद्रित रहेगी। इसमें बाजार पहुंच, गैर-टैरिफ बाधाएं, सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को आसान बनाना, निवेश को बढ़ावा देना और आर्थिक सुरक्षा सहयोग जैसे प्रमुख विषय शामिल हैं।
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इन मुद्दों पर रहेगा फोकस
चर्चा में अमेरिकी व्यापार कानून की धारा 301 के तहत लगाए गए शुल्क भी शामिल हो सकते हैं। भारत इन मामलों में राहत चाहता है और व्यापार से जुड़े विवाद भी एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बने रहेंगे। यदि यह व्यापार समझौता सफलतापूर्वक लागू होता है, तो भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में बेहतर और प्राथमिकता वाली पहुंच मिल सकती है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच करेंगे, जबकि भारतीय पक्ष का नेतृत्व वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन करेंगे।
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गौरतलब है कि इससे पहले अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस पारस्परिक टैरिफ व्यवस्था के खिलाफ फैसला सुनाया था, जिसे 1977 के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (आईईईपीए) के तहत लागू किया गया था। इस फैसले के बाद अमेरिकी प्रशासन ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए सभी देशों से आने वाले आयात पर समान रूप से 10 प्रतिशत शुल्क लागू कर दिया था। इसी कारण मुख्य वार्ताकारों की पहले प्रस्तावित बैठक को भी टालना पड़ा था।