{"_id":"6a7fbe3c774e8e982a0d288f","slug":"bjp-plans-youth-outreach-beyond-first-time-voters-eyes-gen-alpha-in-schools-2026-08-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"जेन-जी के बाद जेन अल्फा को साधेगी भाजपा: 18 साल से पहले स्कूलों तक पहुंच बनाने की तैयारी; बदलेगी संपर्क रणनीति","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
जेन-जी के बाद जेन अल्फा को साधेगी भाजपा: 18 साल से पहले स्कूलों तक पहुंच बनाने की तैयारी; बदलेगी संपर्क रणनीति
सार
युवाओं के आंदोलनों और स्कूलों में बच्चों की सक्रियता के बीच भाजपा जेन-जी के साथ जेन अल्फा तक पहुंच बनाने पर विचार कर रही है। पार्टी स्कूल-कॉलेजों में संपर्क बढ़ाने की रणनीति पर मंथन कर रही है।
विज्ञापन
जेन-जी के बाद जेन अल्फा को साधेगी भाजपा
- फोटो : Amar Ujala Graphics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जंतर-मंतर से रांची तक युवाओं के आंदोलनों और अब स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की सक्रियता ने भाजपा की चिंता बढ़ा दी है। पार्टी अब केवल पहली बार वोट देने वाले जेन-जी तक पहुंच बनाने की रणनीति पर नहीं, बल्कि उससे पहले की पीढ़ी जेन अल्फा से संपर्क के तरीके तलाश रही है। इसके तहत युवा संपर्क की उम्र घटाने, युवा मोर्चा को और युवा बनाने तथा सरकारी के साथ निजी स्कूल-कॉलेजों में पहुंच बढ़ाने पर मंथन चल रहा है।
विज्ञापन
पार्टी के रणनीतिकारों के लिए चिंता यह है कि नई पीढ़ी की राजनीतिक पसंद अब केवल परिवार से तय नहीं हो रही। जिस दौर में माता-पिता बच्चों की सोच और भविष्य की दिशा तय करते थे, उसमें बदलाव दिख रहा है। जेन-जी और उससे छोटी पीढ़ी अपने भविष्य, शिक्षा, परीक्षा, रोजगार और स्थानीय सुविधाओं को लेकर खुद सवाल उठा रही है और जरूरत पड़ने पर सड़क पर भी उतर रही है।
विज्ञापन
भाजपा के युवा संपर्क का केंद्र अब तक मुख्यतः 18 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता और कॉलेज रहे हैं। नई रणनीति में 16 से 23 वर्ष के युवाओं-किशोरों से पहले ही संपर्क बनाने की योजना है। निजी शिक्षण संस्थानों तक पहुंच बढ़ाने और युवा मोर्चा व छात्र संगठन को इसमें लगाने पर विचार हो रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2026 में 15-29 वर्ष आयु वर्ग की आबादी करीब 36.7 करोड़ है। पार्टी का मानना है कि इस बड़े आयुवर्ग में पहली बार मतदान करने वालों की पसंद चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकती है।
विज्ञापन
किशोरों को किस तरह जोड़ें...चुनौती
जेन-जी तक पहुंच के लिए इंस्टाग्राम, यूट्यूब शॉर्ट्स, स्नैपचैट और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर संवाद बढ़ाने की तैयारी है। लेकिन पार्टी के सामने इससे भी कठिन सवाल जेन अल्फा को लेकर है। मतलब स्कूल में पढ़ने वाले किशोरों से क्या कहा जाए और उन्हें किस तरह जोड़ा जाए? पुराने राजनीतिक भाषण, उपलब्धियों और योजनाओं का प्रचार इस पीढ़ी पर कितना असर करेगा, इसे लेकर मंथन चल रहा है। पार्टी के सामने संवाद की ऐसी भाषा और कंटेंट तैयार करने की चुनौती है, जो सोशल मीडिया, मीम, शॉर्ट वीडियो और इंटरैक्टिव कंटेंट की दुनिया में पली इस पीढ़ी को जोड़ सके।
उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में स्कूल बच्चों के प्रदर्शन सामने आए हैं। हमीरपुर में बच्चों ने स्कूल तक पक्की सड़क की मांग को लेकर पांच किलोमीटर मार्च किया, जबकि मध्य प्रदेश के सिरोंज में छात्राओं के प्रदर्शन के बाद स्कूल बस किराया बढ़ाने का फैसला वापस लेना पड़ा।