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मुंबई लोकल में खूनी खेल: बहस में नहीं पड़ता मयंक तो बच जाती जान, समझाने पर भी कम नहीं हुआ था कातिल का गुस्सा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला Published by: Asmita Tripathi Updated Thu, 25 Jun 2026 03:10 PM IST
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सार

मुंबई लोकल ट्रेन में दरवाजा खुला रखने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी  ने 22 वर्षीय मयंक पर चलती ट्रेन में चाकू से कई वार किए। गंभीर रूप से घायल मयंक की अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

Bloodshed on the Mumbai Local argument broke out closing train door refused to listen attempts stabbed Mayank
मुंबई लोकल में खूनी खेल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार

मुंबई की लोकल ट्रेन में दरवाजा खुला रखने और बंद करने को लेकर हुए विवाद में 22 वर्षीय युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान मयंक लोहार के रूप में हुई है, जो विरार के रहने वाले थे। वहीं, अंधेरी के वेस्टसाइड आउटलेट में काम करते थे। 

क्या है पूरा मामला?
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी रोशन सुवर्णा (30) को पनवेल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मीरा-भायंदर का रहने वाला है। वह मुंबई एयरपोर्ट के कार्गो हब में बारकोड मेकर के तौर पर काम करता है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात करीब 10:42 बजे मयंक और रोशन अंधेरी स्टेशन से चर्चगेट-नालासोपारा लोकल ट्रेन के फर्स्ट क्लास डिब्बे में सवार हुए थे। उस समय मुंबई में तेज बारिश हो रही थी। डिब्बे का दरवाजा खुला होने की वजह से बारिश का पानी अंदर आ रहा था। मयंक ने यात्रियों को भीगने से बचाने के लिए दरवाजा बंद करने की बात कही, जबकि रोशन उसे खुला रखने पर अड़ा रहा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

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यात्रियों ने समझाने की कोशिश की
बोरीवली रेलवे पुलिस के वरिष्ठ निरीक्षक दत्तात्रेय खुपरकर के मुताबिक, ट्रेन अंधेरी से बोरीवली की ओर बढ़ी तो दोनों के बीच विवाद और बढ़ गया। डिब्बे में मौजूद यात्रियों ने रोशन को समझाने की कोशिश की कि खुले दरवाजे की वजह से लोग भीग रहे हैं, लेकिन उसने किसी की बात नहीं मानी। स्थिति को शांत करने के लिए कुछ यात्रियों ने मयंक से दूसरे दरवाजे की ओर चले जाने को कहा, इससे दोनों के बीच दूरी बन सके। उस समय डिब्बे में करीब 50 यात्री मौजूद थे। सभी ने विवाद शांत कराने की कोशिश की।

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चलती ट्रेन में किया जानलेवा हमला
मयंक के दूसरी ओर चले जाने के बाद भी रोशन का गुस्सा शांत नहीं हुआ। वह लगातार उन्हें गालियां देता रहा। इसके बाद जब ट्रेन गोरेगांव और मालाड स्टेशनों के बीच पहुंची, तो उसने अपने बैग से चाकू निकाला और मयंक पर हमला कर दिया। आरोपी ने चलती ट्रेन के भीतर मयंक के पेट और छाती पर तीन से चार बार ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। हमले के बाद ट्रेन में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल मयंक को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इलाज के दौरान युवक की हुई मौत
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम को तुरंत एक्टिवेट कर दिया गया। ट्रेन के आने के कुछ ही मिनटों के भीतर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और GRP के जवान कोच में पहुंचे और घायल यात्री की मदद की। स्ट्रेचर, पोर्टर और मेडिकल टीम को बुलाया गया और लोहार को इलाज के लिए कोच से बाहर निकाला गया। उन्हें रात 11:22 बजे बोरीवली स्टेशन के इमरजेंसी मेडिकल रूम में ले जाया गया और डॉक्टर ने उनकी जांच की। मेडिकल सलाह के बाद, उन्हें एम्बुलेंस से कांदिवली के शताब्दी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

 

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