Cyrus Mistry Accident: बॉम्बे हाईकोर्ट ने PIL दायर करने को लेकर याचिकाकर्ता को लताड़ा, जानेंं क्या थी मांग
सड़क सुरक्षा का सरोकार रखने का दावा करने वाले याचिकाकर्ता संदेश जेधे ने जनहित याचिका दायर कर दुर्घटना मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) लगाने के लिए पालघर जिले के कासा पुलिस थाने को निर्देश देने की मांग की थी।
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बॉम्बे हाईकोर्ट में मंगलवार को टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री कार दुर्घटना मामले में डॉक्टर अनाहिता पंडोले के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज करने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के अदालत में जाने के उसके अधिकार के बारे में पूछा। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के इस मामले में अदालत जाने का क्या अधिकार है। बता दें, दुर्घटना के समय डॉक्टर पंडोले कार चला रही थीं, जिसमें टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद कासा पुलिस ने अनाहिता पंडोले के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज किया था।
याचिकाकर्ता संदेश जेधे ने अपनी जनहित याचिका में दुर्घटना मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) लगाने के लिए पालघर जिले के कासा पुलिस थाने को निर्देश देने की मांग की है। संदेश का कहना है कि वह सड़क सुरक्षा को लेकर लोगों जागरूक करने का कार्य करते हैं।
पिछले साल चार सितंबर को साइरस मिस्त्री की कार मुंबई-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर एक डिवाइडर से टकरा गई थी। इस हादसे में मिस्त्री (54) और जहांगीर पंडोले की मौत हो गई थी, जबकि कार चला रहीं डॉक्टर अनाहिता पंडोले (55) और उनके पति डेरियस पंडोले गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
हाईकोर्ट एक मजिस्ट्रेट का काम कैसे कर सकता...
बॉम्बे हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसवी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति संदीप मार्ने की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पूछा कि यह मजिस्ट्रेट तय कर सकता है कि कौन से आरोप लगाए जाएं। आप (याचिकाकर्ता) चाहते हैं कि हाईकोर्ट मजिस्ट्रेट का काम करे? आपका क्या अधिकार है? आप इस मामले में कैसे चिंतित हैं? अदालत ने कहा कि स्थानीय पुलिस कोई भी आरोप लगा सकती है। यह मजिस्ट्रेट पर है कि वह उस पर विचार करे कि क्या कोई और आरोप शामिल करने की जरूरत है।
हादसे के समय डॉ. अनाहिता नशे में थीं..!
वहीं, याचिकाकर्ता के वकील सादिक अली ने दावा किया कि उनके मुवक्किल के पास सबूत है कि हादसे के समय डॉ. अनाहिता पंडोले शराब के नशे में थीं। याचिकाकर्ता ने एक सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया, जिसमें कथित तौर पर मिस्त्री सहित अन्य लोगों को कार पर ले जाने से पहले डॉ. अनाहिता तीन सितंबर, 2022 की रात को एक कैफे में शराब पी रही थीं। इस पर डॉ. अनाहिता पंडोले के वकील अबाद पोंडा ने कहा कि यह कल्पना पर आधारित है कि वह शराब के नशे में थीं। पुलिस इसकी जांच कर चुकी है।