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Bombay High Court: यौन उत्पीड़न मामले में तरुण तेजपाल दोषी करार, बॉम्बे HC ने बरी करने का फैसला किया रद्द

Thu, 06 Aug 2026 11:12 AM IST
Pavan पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई Published by: Pavan Updated Thu, 06 Aug 2026 11:12 AM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा पीठ ने वर्ष 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को दोषी करार दिया है। यह फैसला गोवा सरकार की उस अपील पर आया है, जिसमें साल 2021 की निचली अदालत (गोवा सेशन कोर्ट) द्वारा तरुण तेजपाल को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई थी।

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Bombay High Court sets aside Tarun Tejpal's acquittal in 2013 case, News in Hindi
तरुण तेजपाल को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ा झटका - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

वर्ष 2013 के चर्चित यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को बड़ा झटका लगा है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा उन्हें बरी किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने तेजपाल को दुष्कर्म और महिला की मर्यादा भंग करने का दोषी ठहराया है। यह मामला 2013 में एक महिला सहकर्मी के साथ कथित यौन उत्पीड़न से जुड़ा है, जिसने देशभर में काफी चर्चा बटोरी थी। मामले में न्यायमूर्ति नीला गोखले और अमित जमसंडेकर की पीठ ने तेजपाल को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 376(2)(एफ) (विश्वास या अधिकार की स्थिति का दुरुपयोग कर दुष्कर्म), 354(ए) (यौन उत्पीड़न) और 354(बी) (महिला के कपड़े उतारने की नीयत से हमला या बल प्रयोग) के तहत दोषी ठहराया है।
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तेजपाल के वकील ने अदालत से क्या की अपील?
सजा पर सुनवाई के दौरान तेजपाल के वकील ने अदालत से नरमी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि तरुण तेजपाल राजनीतिक कारणों से निशाना बनाए गए हैं और वह दो बेटियों के पिता हैं। वकील ने इन आधारों पर अदालत से सजा तय करते समय राहत देने का अनुरोध किया। फिलहाल हाईकोर्ट ने दोषसिद्धि का फैसला सुनाया है। सजा की अवधि पर अदालत का अंतिम आदेश आना बाकी है। मामले पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
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दोपहर 2:30 बजे तय होगी सजा की अवधि
इस मामले में गोवा के एडवोकेट जनरल देविदास पंगम ने कहा, 'कोर्ट ने सजा की अवधि के सवाल पर आरोपी का पक्ष सुना है। कोर्ट सजा के बारे में आदेश सुनाएगी। इस मामले में आदेश के लिए आज दोपहर 2:30 बजे का समय तय किया गया है'।



मामले की जांच अधिकारी ने क्या कहा?
वहीं, इस मामले में गोवा पुलिस की सुनीता सावंत, जो तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में जांच अधिकारी थीं, ने कहा, 'मामले की जांच ठीक से की गई थी। जांच के दौरान सामने आई सभी बातें कोर्ट के सामने रखी गईं। एक समय ऐसा आया जब ट्रायल कोर्ट सबूतों को समझने में पीछे रह गया था। हाई कोर्ट के सामने हर बात पर बहस हुई। हाई कोर्ट ने बरी करने के आदेश को रद्द कर दिया है'।



क्या है पूरा मामला?
यह मामला नवंबर 2013 का है। एक महिला पत्रकार, जो उस समय तहलका में तेजपाल की जूनियर सहयोगी थीं, ने आरोप लगाया था कि गोवा में आयोजित थिंकफेस्ट कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में दो अलग-अलग मौकों पर उनके साथ यौन उत्पीड़न और दुष्कर्म किया गया। इन आरोपों के बाद 30 नवंबर 2013 को तेजपाल को गिरफ्तार किया गया था।
 
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