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'पिता को दया तक नहीं आई': 14 वर्षीय बेटी से दुष्कर्म के आरोपी पर केरल हाईकोर्ट सख्त, जमानत देने से इनकार

Thu, 06 Aug 2026 11:47 AM IST
अस्मिता त्रिपाठी पीटीआई, कोच्चि।
पीटीआई, कोच्चि। Published by: अस्मिता त्रिपाठी Updated Thu, 06 Aug 2026 11:47 AM IST
सार

केरल उच्च न्यायालय ने 14 वर्षीय सौतेली बेटी से दुष्कर्म के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से बार-बार यौन उत्पीड़न किया, जिससे पीड़िता गर्भवती हो गई। 

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Kerala High Court takes a stern view against man accused of 14-year-old daughter; denies bail.
केरल उच्च न्यायालय - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

केरल उच्च न्यायालय ने अपनी सौतेली बेटी के साथ दुष्कर्म करने वाले व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि उसने बिना किसी दया के  बार-बार उसके साथ यौन उत्पीड़न किया, जिसके कारण वह गर्भवती हो गई।

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कोर्ट ने क्या कहा? 
उच्च न्यायालय ने आगे कहा कि मामले की डायरी देखने से पता चलता है कि पश्चिम बंगाल के मूल निवासी उस व्यक्ति के खिलाफ आरोप बहुत गंभीर थे। शुरुआती जांच से पता चलता है कि उसने यह जुर्म पहले से योजना बनाकर किया था

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अभियोजन पक्ष ने क्या बताया? 
अभियोजन पक्ष के अनुसार, उस व्यक्ति ने अपनी 14 वर्षीय सौतेली बेटी का यौन उत्पीड़न तब किया था जब उसकी मां पश्चिम बंगाल स्थित अपने घर गई हुई थी। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया,' बच्ची पीड़िता पर बार-बार यौन उत्पीड़न के आरोप भी हैं। बार-बार हुए यौन उत्पीड़न के कारण पीड़िता गर्भवती हो गई। 

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बचवा पक्ष ने क्या कहा? 
अभियुक्त के वकील ने दावा किया कि उनके मुवक्किल को इस मामले में झूठा फंसाया गया है और वह जमानत के हकदार हैं। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने कहा, 'यह एक ऐसा मामला है जहां पीड़िता के सौतेले पिता ने निर्दयतापूर्वक बार-बार उस पर यौन हमला किया।'

अदालत ने कहा,'अपराध की प्रकृति, अपराध की गंभीरता, इसमें आवेदक की संलिप्तता और ऊपर उल्लिखित तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, मेरा मानना है कि इस स्तर पर आवेदक को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता है। इसलिए, जमानत याचिका खारिज की जाती है। 

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