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संसद: लोकसभा में राहुल गांधी की बात पर सियासी रार, भारत-US ट्रेड डील पर विपक्ष की बयानबाजी; किसने क्या कहा?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: लव गौर Updated Tue, 03 Feb 2026 03:16 PM IST
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सार

Parliament Budget Session: संसद में राहुल गांधी के भाषण को लेकर हंगामा बरपा हुआ है। राहुल गांधी ने आज दूसरे लोकसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने फिर चीन का मुद्दा उठाया। इसी के साथ विपक्ष भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सवाल उठा रहा है। 

Budget Session Ruling and Opposition political leaders Reaction on India-US Trade Deal and Rahul Gandhi Speech
राहुल गांधी और भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पक्ष-विपक्ष की प्रतिक्रिया - फोटो : ANI-वीडियो ग्रैब
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विस्तार
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संसद के बजट सत्र के पांचवें दिन भी सदन में जमकर हंगामा हुआ। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आज (मंगलवार ) अपने संबोधन के दूसरे दिन भी चीन के मुद्दे पर अड़े रहे।जिसको विपक्ष का भरपूर समर्थन मिला, जिसके बाद हंगामा बरपा और लोकसभा की कार्यवाही स्थगित की गई। दरअसल, स्पीकर ओम बिरला ने उनको कई बार रोका, साथ ही सत्ता पक्ष ने भी लगातार आपत्ति जताने। ऐसे में संसद के अंदर हंगामा शुरू हो गया और फिर लोकसभा अध्यक्ष ने दूसरे सदस्यों को बोलने के लिए आमंत्रित किया। जिसके बाद सदन में विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी और सदन की कार्यवाही फिर बाधित हो गई।
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संसद में हुए हंगामे को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि देश में लोकतंत्र है और लोकतंत्र में सभी को बोलने की इजाजत होनी चाहिए और सभी की बात सुननी चाहिए। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की आपत्ति के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि सदन को चलाए।
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ट्रेड डील गौतम अदाणी को बचाने के लिए: संजय राउत
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता पर शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने कहा, 'पूरा विपक्ष राज्यसभा से वॉकआउट कर गया। राष्ट्रीय हित और किसानों के हितों से समझौता किया गया। मुझे लगता है कि यह ट्रेड डील गौतम अदाणी को बचाने के लिए की गई है और हम सड़क से लेकर संसद तक इसका विरोध करेंगे।'

अनुराग ठाकुर ने बताया संसद का अपमान
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि 2014 से 2026 तक सरकार ने सभी मुद्दों पर खुले मन से चर्चा की है। आज संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर भी अच्छी चर्चा चल रही थी। लेकिन विपक्ष के विपक्ष राहुल गांधी ने लोकतंत्र और संसद का अपमान किया। उनका सिर्फ एक ही मकसद था - भारतीय सैनिकों का अपमान करना। कांग्रेस के पास अब बस यही एजेंडा बचा है। जब उन्हें लगा कि एक शानदार बजट पेश किया गया है, तो विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचा। इसलिए, कागज के टुकड़े फाड़कर अध्यक्ष पर फेंके गए। इससे बड़ा दुर्भाग्य क्या हो सकता है? एक ऐसा व्यक्ति जिसे यह भी नहीं पता कि बोलने के लिए अध्यक्ष या चेयरमैन से अनुमति लेनी पड़ती है, देखिए उसका अहंकार। यह एक पार्टी और एक परिवार का अहंकार है।'

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने घेरा
राहुल गांधी को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'इन्हें लगता है कि सदन कांग्रेस पार्टी का दफ्तर है। आज हद हो गई। आज महासचिव की मेज पर चढ़कर दस्तावेज को फाड़ा गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण रवैया है। शायद ये लोग समझते हैं कि जब भी राज करेंगे तो गांधी खानदान के लोग ही राज करेंगे और चाय बेचने वाले का बेटा कभी राज नहीं कर सकता है। अगर सदन चलेगा तो नियम और कानून से चलेगा। सदन अनुशासनहीनता से नहीं चलेगा।'

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लोगों में खुशी का माहौल: राजीव रंजन
वहीं भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, 'अमेरिका का बाजार हमारे उत्पादों के लिए बहुत ही सुगम व्यापार था। हमारा पूरा निर्यात अमेरिका के बाजारों पर निर्भर था। सबसे बड़ा लाभ हमारे विभाग के मत्स्य पालन से है। मत्स्य का निर्यात US के साथ पूरा था। हमारा झींगा मछली का निर्यात अमेरिका के बाजार पर निर्भर था। इससे हमारे निर्यातकों और देश के लोगों में खुशी का माहौल है।'

सरकार को आकर उनका जवाब देना चाहिए: गुरजीत सिंह
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के संसद में दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा, "पूरे देश के सामने जो मुद्दे हैं, उन्हें उठाना विपक्ष का फर्ज है; संसद इसी के लिए है, और सरकार को आकर उनका जवाब देना चाहिए। लेकिन कल से वे कह रहे हैं कि आप कोई किताब नहीं दिखा सकते।  चीन अब देश में घुस गया है, चीनी सामान से बाजार भर गया है, और अब उन्होंने अमेरिका के साथ भी ऐसा ही किया है। उनसे सामान खरीदना जरूरी है, और हम रूस को छोड़कर, जो हमारे देश का पुराना दोस्त था, वेनेजुएला से तेल भी खरीदेंगे। 

ये भी पढ़ें: संसद में सियासी रार: राहुल गांधी दूसरे दिन भी 'चीन राग' अलापते रहे, विपक्ष के हंगामे पर स्पीकर ने दिखाई सख्ती

डीएमके सांसद ने बताया ट्रेड डील को भ्रामक
'कोई स्पष्टता नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने सब कुछ घोषित कर दिया है। हमें नहीं पता कि वास्तव में इसमें क्या है। हम जानना चाहेंगे कि क्या इस देश के किसानों को सुरक्षा मिली है। यह समझौता किस बारे में है। संसद का सत्र चल रहा है लेकिन सरकार की ओर से सदन में कोई बयान नहीं आया है। यह बहुत भ्रामक है।'

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