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West Bengal: आरजी कर मामले में हाईकोर्ट ने नई जांच टीम बनाने का दिया आदेश, पिता ने फैसले का किया स्वागत
एएनआई, कोलकाता
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 16 Jun 2026 09:56 AM IST
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सार
आरजी कर मामले में हाईकोर्ट ने नई जांच टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया है। पीड़िता के पिता ने फैसले का स्वागत करते हुए पुरानी जांच टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने सबूतों की समीक्षा का एलान किया।
आरजी कर मामले में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में हुई घटना को लेकर हाईकोर्ट ने सीबीआई के भीतर एक नई विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया है। पीड़ित डॉक्टर के पिता शेखररंजन देबनाथ ने इस फैसले पर खुशी जताई है। उन्होंने पुरानी जांच टीम के काम करने के तरीके की आलोचना भी की है।
देबनाथ ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि न्यायपालिका पिछली जांच से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने अब नई एसआईटी का गठन कर दिया है। उनके मुताबिक, सीबीआई की पुरानी टीम सही ढंग से काम नहीं कर रही थी और इसी वजह से कोर्ट ने उन्हें फटकार भी लगाई थी। इससे पहले सियालदह कोर्ट ने भी टिप्पणी की थी कि जांच टीम ने कोई ठोस काम नहीं किया है। अब हाईकोर्ट ने भी वैसी ही बात कहते हुए नई टीम बनाने का फैसला लिया है।
इसी बीच, सोमवार को सीबीआई के सात सदस्यों का एक दल आरजी कर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। इस दल ने अस्पताल के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई का एक अधिकारी कॉलेज के प्रिंसिपल के कमरे में भी दाखिल हुआ। वहां उन्होंने मामले से जुड़े सबूतों की जांच की और जरूरी कागजात देखे।
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राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने भी इस मामले में बड़ी बात कही है। उन्होंने जांच की नई समीक्षा करने का एलान किया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि इस केस से जुड़े सबूतों और जानकारियों को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि सबूत मिटाने के लिए कौन जिम्मेदार है। विभाग इस बात की भी जांच करेगा कि क्या इन गड़बड़ियों के पीछे कोई बड़ा गिरोह या नेटवर्क शामिल है।
ये भी पढ़ें: Bengal Politics: कोलकाता नगर निगम चुनाव का एलान, दिसंबर में होंगे मतदान; मुख्यमंत्री शुभेंदु ने की घोषणा
मुखर्जी ने साफ किया कि विभाग के पास मौजूद सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाए जाएंगे। ये सभी रिकॉर्ड सीबीआई और सीआईडी जैसी जांच एजेंसियों के साथ साझा किए जाएंगे ताकि वे अपनी जांच को और मजबूत कर सकें।
यह पूरा मामला नौ अगस्त 2024 का है। उस दिन कॉलेज के सेमिनार रूम में 31 साल की एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इसके बाद न्याय की मांग को लेकर देशभर में डॉक्टरों और छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे।
देबनाथ ने सोमवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि न्यायपालिका पिछली जांच से संतुष्ट नहीं थी। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने अब नई एसआईटी का गठन कर दिया है। उनके मुताबिक, सीबीआई की पुरानी टीम सही ढंग से काम नहीं कर रही थी और इसी वजह से कोर्ट ने उन्हें फटकार भी लगाई थी। इससे पहले सियालदह कोर्ट ने भी टिप्पणी की थी कि जांच टीम ने कोई ठोस काम नहीं किया है। अब हाईकोर्ट ने भी वैसी ही बात कहते हुए नई टीम बनाने का फैसला लिया है।
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इसी बीच, सोमवार को सीबीआई के सात सदस्यों का एक दल आरजी कर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। इस दल ने अस्पताल के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। जांच को आगे बढ़ाते हुए सीबीआई का एक अधिकारी कॉलेज के प्रिंसिपल के कमरे में भी दाखिल हुआ। वहां उन्होंने मामले से जुड़े सबूतों की जांच की और जरूरी कागजात देखे।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शरद्वत मुखर्जी ने भी इस मामले में बड़ी बात कही है। उन्होंने जांच की नई समीक्षा करने का एलान किया है। मंत्री ने आरोप लगाया कि इस केस से जुड़े सबूतों और जानकारियों को योजनाबद्ध तरीके से नष्ट किया गया है। स्वास्थ्य विभाग अब यह पता लगाने की कोशिश करेगा कि सबूत मिटाने के लिए कौन जिम्मेदार है। विभाग इस बात की भी जांच करेगा कि क्या इन गड़बड़ियों के पीछे कोई बड़ा गिरोह या नेटवर्क शामिल है।
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मुखर्जी ने साफ किया कि विभाग के पास मौजूद सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड जुटाए जाएंगे। ये सभी रिकॉर्ड सीबीआई और सीआईडी जैसी जांच एजेंसियों के साथ साझा किए जाएंगे ताकि वे अपनी जांच को और मजबूत कर सकें।
यह पूरा मामला नौ अगस्त 2024 का है। उस दिन कॉलेज के सेमिनार रूम में 31 साल की एक महिला ट्रेनी डॉक्टर का शव मिला था। इस घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। इसके बाद न्याय की मांग को लेकर देशभर में डॉक्टरों और छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किए थे।