चीन सीमा पर झड़प से तनाव: चौकसी की चुनौती के बीच आईटीबीपी में भर्ती तेज करने की मांग, जानें कितने पद हैं खाली
अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत-चीन सीमा पर तनाव बरकरार है। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर के मुताबिक, दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई बार गतिरोध हुआ है। सीमा सुरक्षा मजबूत करने के लिए आईटीबीपी ड्रोन क्षमता बढ़ाएगी, लेकिन बल में 12,333 पद खाली होने से जवानों की कमी चिंता का विषय है।
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आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत कपूर ने कहा है कि जुलाई के आखिर सप्ताह से ही अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन बॉर्डर पर तनाव देखने को मिल रहा है। खासतौर से ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा इलाके में दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई बार गतिरोध जैसी स्थिति आ चुकी है। तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के बीच तीन उच्चस्तरीय बैठकें हुई हैं। इनमें डब्लूएमसीसी, विशेष प्रतिनिधि वार्ता और कोर कमांडर स्तर की बातचीत शामिल है।
कपूर ने कहा, तनाव अभी बरकरार है। आईटीबीपी, ड्रोन और एंटी ड्रोन सिस्टम पर एक हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी। फिलहाल स्वीकृत 400 करोड़ रुपये की योजना में से 70 प्रतिशत राशि का इस्तेमाल ड्रोन क्षमता बढ़ाने के लिए किया जाएगा। सभी बटालियनों में ड्रोन प्लाटून गठित की गई हैं। ड्रोन पायलटों को प्रशिक्षण जारी है। गलवान जैसी स्थिति से निपटने के लिए जवानों को 'स्ट्राइक' कोर्स कराया जा रहा है। कपूर ने कहा, चीन का मुकाबला केवल पारंपरिक सैन्य तरीकों से करना आसान नहीं है। चीन ने अपनी सेना के आधुनिकीकरण पर बहुत भारी निवेश किया है। बतौर कपूर, वह काफी आगे बढ़ चुका है।
ITBP में साल-दर-साल खाली पदों का विवरण
-12333 (11 मार्च 2026 के अनुसार रिक्त पद)
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वर्ष |
स्वीकृत पद |
भरे गए पद |
रिक्तियां |
|---|---|---|---|
|
2025 |
1,03,662 |
88,587 |
15,035 |
|
2024 |
96,030 |
88,883 |
7,147 |
|
2023 |
90,728 |
86,586 |
4,142 |
|
2022 |
88,430 |
84,233 |
4,147 |
|
2021 |
88,439 |
82,831 |
5,608 |
'बॉर्डर सुरक्षा में तैनात किसी भी फोर्स को अपने अफसरों का कोटा पूरा रखना चाहिए। खासतौर से चीन सीमा पर जो हालात पैदा हुए हैं, उसके मद्देनजर आईटीबीपी में सभी अफसरों/जवानों के पद भरे जाना जरुरी है। जब सीमा पर टेंशन होती है तो उस वक्त एकजुटता, समन्वय और त्वरित कार्रवाई देखी जाती है। ऐसी स्थिति में हर एक पद का अपना खास महत्व होता है। जितनी अहमियत ट्रांसपोर्ट विंग की है, उतनी ही संचार शाखा भी महत्वपूर्ण है। हथियार व गोला बारुद के रख रखाव वाली शाखा और वेल्फेयर ब्रांच के पास भी बड़ी जिम्मेदारी रहती है।'
-बीएसएफ के पूर्व एडीजी एसके सूद
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'सीएपीएफ और एआर में रिक्तियां, सेवानिवृत्ति, त्यागपत्र, पदोन्नति, मृत्यु, नई बटालियन की स्थापना, नए पदों के सृजन आदि के कारण उत्पन्न होती हैं। रिक्तियों को भरा जाना एक सतत प्रक्रिया है। मंत्रालय, यूपीएससी, एसएससी और संबंधित बलों के माध्यम से रिक्तियों को शीघ्र भरने के लिए तत्परता से कदम उठाता रहा है और आगे भी उठाता रहेगा। सरकार ने सिपाही 'जीडी' के पद के लिए वार्षिक भर्ती, जिसके लिए एसएससी के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं।'
-गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय
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'भारत से लगते विभिन्न देशों के बॉर्डर और आंतरिक सुरक्षा घेरे को मजबूती प्रदान करने के लिए 53 नई बटालियन सृजित की जाएंगी। 'सीएपीएफ' द्वारा गृह मंत्रालय को इस साल यह प्रस्ताव भेजा गया है। तीन वर्ष के दौरान आईटीबीपी में सात बटालियनों के सृजन को मंजूरी दी गई है। ये बटालियन अब स्थापित हो चुकी हैं। आईटीबीपी में लगभग आठ हजार जवानों की भर्ती के अलावा एक सेक्टर मुख्यालय भी स्थापित किया गया है।'
-विभाग संबंधित गृह कार्य संबंधी संसदीय स्थायी समिति की 257वीं रिपोर्ट
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'भारत-चीन की 3488 किलोमीटर लंबी बर्फीली सरहदों की चाक चौबंद चौकसी के लिए कम से कम हर 10 किलोमीटर पर नई अग्रिम चौकियां (बॉर्डर आउट पोस्ट) स्थापित करने की सख्त जरूरत है। आईटीबीपी में हर साल लगातार 20 नई बटालियन खड़ी हों। आईटीबीपी का बजट 50 हजार करोड़ रुपये हो। तभी हम चीन से सटे बर्फीले भूभाग की चाक चौबंद चौकीदारी अच्छे से कर पाएंगे।'
-अलॉइंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर रणबीर सिंह