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CBI: झूठे आश्वासनों से घर खरीदारों को दिया धोखा, कंपनी के निदेशकों ने बैंक अफसरों से मिलीभगत कर खूब कमाए पैसे

डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Wed, 20 May 2026 05:09 PM IST
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CBI: Homebuyers Duped with False Promises, Company Directors Made Huge Gains in Nexus with Bank Officials
CBI - फोटो : अमर उजाला
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घर खरीदारों के साथ बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी और लोक सेवकों द्वारा आपराधिक कदाचार से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने आरोपियों के खिलाफ नौवीं चार्जशीट दाखिल की है। इस चार्जशीट में बिल्डर कंपनी, उसके निदेशक और लोक सेवक 'बैंक अधिकारी' शामिल हैं। इन सभी ने मिलकर घर खरीदारों को झूठे आश्वासन दिए। जब लोगों ने घर खरीदने के लिए पैसा जमा कराया तो बिल्डर कंपनी के निदेशकों और बैंक अफसरों ने आपसी मिलीभगत से खूब पैसे कमाए। 



सीबीआई ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित एक आवास परियोजना से संबंधित वित्तीय संस्थान और निर्दोष गृह खरीदारों को गलत तरीके से नुकसान पहुंचाने की आपराधिक साजिश में कथित संलिप्तता के लिए मेसर्स मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड और उसके निदेशकों, भारतीय स्टेट बैंक के बैंक अधिकारियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। सीबीआई द्वारा की गई जांच में पता चला है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने बैंक अधिकारियों और अन्य निजी व्यक्तियों के साथ मिलकर कथित तौर पर झूठे आश्वासनों और धोखाधड़ीपूर्ण बयानों के माध्यम से गृह खरीदारों/निवेशकों को प्रेरित किया। इन आरोपियों ने अवैध और भ्रामक साधनों का सहारा लेकर वित्तीय लाभ प्राप्त किया। 
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जांच के दौरान यह भी पता चला है कि आरोपी बैंक अधिकारियों ने स्थापित नियमों और प्रक्रियाओं का उल्लंघन करते हुए बिल्डर के अवैध कृत्यों को सुविधाजनक बनाने के लिए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया। इससे बिल्डर कंपनी को अनुचित आर्थिक लाभ हुआ।दूसरी तरफ संबंधित वित्तीय संस्थानों और घर खरीदारों को भारी नुकसान पहुंचा। आईपीसी के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी, जाली दस्तावेजों को असली के रूप में इस्तेमाल करना और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आपराधिक कदाचार के अपराधों के लिए सक्षम न्यायालय में आरोप पत्र दायर किया गया है।
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जांच में पर्याप्त दस्तावेजी और मौखिक साक्ष्य मिले हैं जो आधिकारिक पद के दुरुपयोग, धन के गबन और घर खरीदारों के प्रति धोखाधड़ीपूर्ण आचरण से जुड़ी एक बड़ी साजिश के अस्तित्व का संकेत देते हैं। सीबीआई वर्तमान में सर्वोच्च न्यायालय (एससी) के निर्देशों के अनुपालन में देश भर के विभिन्न बिल्डरों और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ गृह खरीदारों से जुड़े कथित धोखाधड़ी और धन के गबन के मामलों में 50 मामलों की जांच कर रही है।

इससे पहले, सीबीआई ने इसी तरह के मामलों में मेसर्स रुद्र बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस प्राइवेट लिमिटेड व उसके निदेशकों, मेसर्स ड्रीम प्रोकॉन प्राइवेट लिमिटेड एवं उसके निदेशकों, मेसर्स जयपी इंफ्राटेक लिमिटेड व उसके निदेशकों, मेसर्स एवीजे डेवलपर्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड व उसके निदेशकों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किए हैं।  

इनके अलावा मेसर्स सीएचडी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों, मेसर्स शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड एवं उसके निदेशकों, मेसर्स सीक्वल बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड व उसके निदेशकों और मेसर्स लॉजिक्स सिटी डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 8 आरोपपत्र दायर किए थे। आरोप पत्र में इन कंपनियों के निदेशकों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हैं। 

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