Supreme Court: 'लद्दाख में नेपाल-बांग्लादेश जैसे हालात चाहते थे वांगचुक', केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
सोनम वांगचुक को सितंबर 2025 में लेह में लद्दाख को राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत हिरासत में लिया गया था। वांगचुक की पत्नी ने उनकी हिरासत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
विस्तार
केंद्र सरकार और लद्दाख प्रशासन ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि सोनम वांगचुक लद्दाख में नेपाल और बांग्लादेश जैसी स्थिति पैदा करना चाहते थे। उन्होंने बताया कि वांगचुक के बयानों से हिंसा भड़कने का खतरा था। सरकार ने आरोप लगाया, 'वांगचुक ने केंद्र सरकार को 'वे' कहकर संबोधित किया, जो अलगाववादी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने जेन जी को गृहयुद्ध और खूनखराबे के लिए उकसाने की कोशिश की।'
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति पी.बी. वराले की पीठ के सामने सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत को चुनौती देने वाली याचिका का विरोध करते हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने यह दलील दी। यह याचिका वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने दायर की है।
ये भी पढ़ें: SC Updates: विक्रम मजीठिया को मिली जमानत; धर्मांतरण विरोधी कानून मामल में केंद्र और 12 राज्यों को नोटिस जारी
'लद्दाख को नेपाल-बांग्लादेश की स्थिति में ले जाना चाहते थे वांगचुक', बोली केंद्र सरकार
सॉलिसिटर जनरल ने कहा, 'वह केंद्र सरकार को 'वे' कहते हैं। यह 'हम' और 'वे' ही एनएसए के तहत हिरासत के लिए पर्याप्त है। इस देश में 'हम' और 'वे' नहीं हैं, हम सभी भारतीय हैं।' मेहता ने आरोप लगाया कि वांगचुक लद्दाख को नेपाल या बांग्लादेश जैसी स्थिति में ले जाना चाहते थे और उन्होंने युवाओं को भड़काने के लिए अपने भाषणों में महात्मा गांधी का नाम केवल एक आवरण के रूप में इस्तेमाल किया।
उन्होंने कहा कि कई बार भड़काऊ भाषण दिए जाते हैं, जिनकी शुरुआत और अंत गांधीजी के नाम से किया जाता है, लेकिन बीच में हिंसा भड़काने वाली बातें होती हैं। मेहता ने वांगचुक के भाषणों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने नेपाल और अरब क्रांति का उल्लेख करते हुए आत्मदाह जैसी घटनाओं की बात की, जिससे युवाओं को हिंसा की ओर उकसाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक ने आत्मदाह की धमकी देकर लद्दाख आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय रंग देने की कोशिश की।
ये भी पढ़ें: 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का एलान: क्या होगा बुलेट ट्रेनों का रूट, किन शहरों से गुजरेगी? जानें किसे-क्या मिला
केंद्र ने सोनम वांगचुक के बयानों को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
सॉलिसिटर जनरल ने यह भी कहा कि लद्दाख सीमावर्ती क्षेत्र है और सशस्त्र बलों की आपूर्ति श्रृंखला के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि वांगचुक ने क्षेत्र में जनमत संग्रह जैसे विचारों की बात की, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। इससे पहले, पिछली सुनवाई में वांगचुक की ओर से दलील दी गई थी कि सरकार की आलोचना और विरोध करना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है और इससे राज्य की सुरक्षा को खतरा नहीं होता। मामले की सुनवाई मंगलवार को भी जारी रहेगी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
