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CGHS: 'सीजीएचएस' के ओपीडी शुल्क में बदलाव, 47 लाख लाभार्थियों को अब देना होगा इतना परामर्श शुल्क
डिजिटल ब्यूरो ,अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अस्मिता त्रिपाठी
Updated Tue, 20 Jan 2026 01:37 PM IST
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सार
केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना 'सीजीएचएस' के ओपीडी शुल्क में बदलाव किया गया है। भारत सरकार के 'स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय' के (ईएचएस अनुभाग) द्वारा ओपीडी परामर्श शुल्क को लेकर सीजीएचएस की नई दरों के संबंध में कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया है।
सीजीएचएस
- फोटो : एक्स
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विस्तार
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केंद्र सरकार की स्वास्थ्य योजना 'सीजीएचएस' के ओपीडी शुल्क में बदलाव किया गया है। भारत सरकार के 'स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय' के (ईएचएस अनुभाग) द्वारा ओपीडी परामर्श शुल्क को लेकर सीजीएचएस की नई दरों के संबंध में कार्यालय ज्ञापन जारी किया गया है। इसमें दिए गए स्पष्टीकरण के मुताबिक, सीजीएचएस के 47 लाख लाभार्थियों को अब 700 रुपये और 350 रुपये का ओपीडी शुल्क देना होगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह आवश्यक स्पष्टीकरण इसलिए जारी किया है, क्योंकि मंत्रालय को लगातार ऐसे प्रश्न प्राप्त हो रहे थे कि 700 रुपये और 350 रुपये के 'ओपीडी' शुल्क कब से लागू होंगे।
केंद्र सरकार के 'स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय' ने गत सप्ताह सभी मंत्रालयों/विभागों के लिए यह आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किया है। यह स्पष्टीकरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले वर्ष सीजीएचएस दरों में एक बड़ा संशोधन किया गया था। उसके बाद कई अस्पतालों और लाभार्थियों के बीच ओपीडी परामर्श शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
सीजीएचएस द्वारा सूचीबद्ध सभी अस्पतालों में सुपर स्पेशलिस्ट (डीएम/एमसीएच) द्वारा दी जाने वाली ओपीडी परामर्श सेवाओं के लिए अब 700 रुपये का शुल्क लागू होगा। यह शुल्क केवल तभी लागू होगा, जब परामर्श किसी मान्यता प्राप्त डीएम/एमसीएच योग्यता प्राप्त सुपर स्पेशलिस्ट द्वारा दिया जा रहा हो। वह चिकित्सक, संबंधित सुपर स्पेशलिटी क्षेत्र में परामर्श प्रदान करता हो। यहां पर ये बात भी स्पष्ट कर दी गई है कि इन-पेशेंट (आईपीडी) मामलों में, सीजीएचएस के मानदंडों के अनुसार, प्रति विशेषज्ञ प्रति दिन अधिकतम दो परामर्श ही स्वीकार्य होंगे।
ओपीएस शुल्क की यह सुविधा केवल सीजीएचएस के सूचीबद्ध अस्पतालों में ही लागू होगी।
बता दें कि 350 रुपये का ओपीडी परामर्श शुल्क, सामान्यतः उन सूचीबद्ध अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा प्रदान की जाने वाली ओपीडी सेवाओं पर लागू किया जाता है, जिनके पास 'सुपर-स्पेशलिस्ट' चिकित्सक की योग्यता (डीएम/एमसीएच) नहीं है। सीजीएचएस द्वारा यहां पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) मामलों में प्रति विशेषज्ञ अधिकतम दो परामर्श प्रति दिन स्वीकार्य होंगे। हालांकि इससे पहले भी सीजीएचएस मानदंडों के तहत यही नियम लागू रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के नए दिशा निर्देशों के अंतर्गत इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पिछले साल, सीजीएचएस ने अपनी दरों में संशोधन किए थे। इसमें ओपीडी परामर्श शुल्क को डॉक्टर की योग्यता और विशेषज्ञता से जोड़ना, भी शामिल था। इसके अलावा सूचीबद्ध अस्पतालों में सुपर स्पेशलिस्ट सेवाओं के लिए शुल्क की उच्च सीमा निर्धारित की गई। इसके बाद लाभार्थियों और सूचीबद्ध कई अस्पतालों में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि ओपीडी शुल्क कितना देना होगा। खासतौर पर, 700 रुपये का ओपीडी शुल्क कब लिया जाएगा। अब यह साफ कर दिया गया है कि 700 रुपये का शुल्क सभी मामलों पर लागू नहीं होगा। यह शुल्क केवल डीएम/एमसीएच सुपर-स्पेशलिस्ट परामर्शों पर ही लागू होगा। सूचीबद्ध अस्पतालों में बाकी परामर्श की फीस 350 रुपये ही रहेगी।
केंद्र सरकार के 'स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय' ने गत सप्ताह सभी मंत्रालयों/विभागों के लिए यह आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किया है। यह स्पष्टीकरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पिछले वर्ष सीजीएचएस दरों में एक बड़ा संशोधन किया गया था। उसके बाद कई अस्पतालों और लाभार्थियों के बीच ओपीडी परामर्श शुल्क को लेकर भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
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सीजीएचएस द्वारा सूचीबद्ध सभी अस्पतालों में सुपर स्पेशलिस्ट (डीएम/एमसीएच) द्वारा दी जाने वाली ओपीडी परामर्श सेवाओं के लिए अब 700 रुपये का शुल्क लागू होगा। यह शुल्क केवल तभी लागू होगा, जब परामर्श किसी मान्यता प्राप्त डीएम/एमसीएच योग्यता प्राप्त सुपर स्पेशलिस्ट द्वारा दिया जा रहा हो। वह चिकित्सक, संबंधित सुपर स्पेशलिटी क्षेत्र में परामर्श प्रदान करता हो। यहां पर ये बात भी स्पष्ट कर दी गई है कि इन-पेशेंट (आईपीडी) मामलों में, सीजीएचएस के मानदंडों के अनुसार, प्रति विशेषज्ञ प्रति दिन अधिकतम दो परामर्श ही स्वीकार्य होंगे।
ओपीएस शुल्क की यह सुविधा केवल सीजीएचएस के सूचीबद्ध अस्पतालों में ही लागू होगी।
बता दें कि 350 रुपये का ओपीडी परामर्श शुल्क, सामान्यतः उन सूचीबद्ध अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा प्रदान की जाने वाली ओपीडी सेवाओं पर लागू किया जाता है, जिनके पास 'सुपर-स्पेशलिस्ट' चिकित्सक की योग्यता (डीएम/एमसीएच) नहीं है। सीजीएचएस द्वारा यहां पर यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) मामलों में प्रति विशेषज्ञ अधिकतम दो परामर्श प्रति दिन स्वीकार्य होंगे। हालांकि इससे पहले भी सीजीएचएस मानदंडों के तहत यही नियम लागू रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के नए दिशा निर्देशों के अंतर्गत इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पिछले साल, सीजीएचएस ने अपनी दरों में संशोधन किए थे। इसमें ओपीडी परामर्श शुल्क को डॉक्टर की योग्यता और विशेषज्ञता से जोड़ना, भी शामिल था। इसके अलावा सूचीबद्ध अस्पतालों में सुपर स्पेशलिस्ट सेवाओं के लिए शुल्क की उच्च सीमा निर्धारित की गई। इसके बाद लाभार्थियों और सूचीबद्ध कई अस्पतालों में यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा था कि ओपीडी शुल्क कितना देना होगा। खासतौर पर, 700 रुपये का ओपीडी शुल्क कब लिया जाएगा। अब यह साफ कर दिया गया है कि 700 रुपये का शुल्क सभी मामलों पर लागू नहीं होगा। यह शुल्क केवल डीएम/एमसीएच सुपर-स्पेशलिस्ट परामर्शों पर ही लागू होगा। सूचीबद्ध अस्पतालों में बाकी परामर्श की फीस 350 रुपये ही रहेगी।