Vande Bharat Sleeper: वंदे भारत स्लीपर का टिकट रद्द करने पर कितना मिलेगा रिफंड? सफर से पहले जानें यह नियम
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आम यात्रियों के लिए 22 जनवरी से कामाख्या से हॉवड़ा के बीच चलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले सप्ताह ही पश्चिम बंगाल के मालदा में हरी झंडी दिखाकर इस ट्रेन को रवाना किया था। अब इस ट्रेन के सफर से पहले इससे जुड़े नियम जान लें।
विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन पश्चिम बंगाल के हावड़ा से गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलाई जाएगी। यह ट्रेन हावड़ा और कामाख्या के बीच में सप्ताह में छह दिन चलेगी। 22 जनवरी से इस ट्रेन की नियमित सेवा की शुरुआत होगी। हावड़ा से यह ट्रेन गुरुवार को छोड़कर जबकि कामाख्या से बुधवार को छोड़कर संचालित होगी।
958 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करेगी ट्रेन
यह हाई-स्पीड वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच 958 किलोमीटर की दूरी महज 14 घंटे में तय करेगी। इस ट्रेन के टिकट नियम और रियायतें अन्य ट्रेनों से अलग रखी गई हैं। रेलवे के अनुसार, इस स्लीपर ट्रेन में आरएसी की सुविधा नहीं होगी। इसके अलावा केवल महिला यात्रियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजन और ड्यूटी पास धारकों के लिए ही कोटा की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इनके अलावा किसी भी तरह की अन्य विशेष छूट इस ट्रेन में लागू नहीं की जाएगी। वहीं, इस ट्रेन में कन्फर्म टिकट पर ही यात्रा की अनुमति होगी। जिससे यात्रियों को यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा और आराम मिल सके। इसी बीच यात्रियों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का टिकट कैंसिल करने पर रिफंड मिलेगा या नहीं।
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टिकट रद्द करने के ये हैं नियम
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि टिकट कैंसिल करने पर पैसा वापस मिलेगा या नहीं, तो इसका जवाब हां है। हालांकि रेलवे ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के रिफंड नियम सामान्य ट्रेनों की तुलना में कहीं ज्यादा सख्त रखे गए हैं। यात्रियों को रिफंड जरूर मिलेगा, लेकिन इसकी राशि पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि ट्रेन के प्रस्थान से कितने समय पहले टिकट रद्द किया गया है। रेलवे ने इसके लिए समय की तीन अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। साफ तौर पर जितनी देर से टिकट कैंसिल होगा, उतनी ही ज्यादा कटौती होगी और यात्री को उतना ही अधिक आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा काटेगा
यदि आपके पास वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का कन्फर्म टिकट है। आप इसे ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 72 घंटे से अधिक पहले रद्द कर देते हैं, तब भी पूरा किराया वापस नहीं मिलेगा। रेलवे नियमों के अनुसार, ऐसे मामलों में कुल टिकट किराए का 25 प्रतिशत हिस्सा काट लिया जाएगा। जबकि शेष राशि यात्री को रिफंड के रूप में लौटा दी जाएगी। वहीं अगर कोई यात्री वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में यात्रा से कुछ दिन पहले ही अपना कार्यक्रम बदलते हैं तो रिफंड की राशि और घट जाएगी। रेलवे नियमों के मुताबिक, अगर कन्फर्म टिकट ट्रेन के प्रस्थान समय से 72 घंटे से लेकर 8 घंटे पहले के बीच रद्द किया जाता है। रेलवे रद्दीकरण शुल्क के रूप में कुल किराए का 50 प्रतिशत काट लेगा। इस स्थिति में यात्रियों को केवल आधी राशि ही रिफंड के तौर पर मिलेगी।
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