फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   children die of Chandipura virus in Gujarat in latest outbreak many under treatment health department alert

Gujarat: गुजरात में चांदीपुरा वायरस के मामले बढ़े, सात संक्रमितों में तीन की मौत, क्या है सरकार की तैयारी?

Mon, 13 Jul 2026 11:32 PM IST
अमन तिवारी पीटीआई, गांधीनगर
पीटीआई, गांधीनगर Published by: अमन तिवारी Updated Mon, 13 Jul 2026 11:32 PM IST
सार

गुजरात में चांदीपुरा वायरस के सात मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें तीन बच्चों की मौत हो गई और चार का इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टरों को संदिग्ध मरीजों का तुरंत इलाज करने और प्रभावित इलाकों में फॉगिंग करने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
children die of Chandipura virus in Gujarat in latest outbreak many under treatment health department alert
चांदीपुरा वायरस संक्रमण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुजरात में पिछले कुछ हफ्तों में चांदीपुरा वायरस के सात मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से तीन मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि चार मरीजों का इलाज चल रहा है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने सोमवार को गांधीनगर में एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस वायरस से पीड़ित सभी बच्चों की उम्र 10 साल से कम है।
विज्ञापन


जांच रिपोर्ट और मरीजों की स्थिति
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि वायरस के संदिग्ध मरीजों के 27 खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें से सात लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और 12 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव रही है। बाकी आठ मरीजों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। जिन सात मामलों की पुष्टि हुई है, उनमें से तीन बच्चों की जान जा चुकी है। बचे हुए चार मरीजों में से दो गांधीनगर और दो मेहसाणा जिले के वडनगर में इलाज करा रहे हैं।
विज्ञापन


क्या है चांदीपुरा वायरस?
यह वायरस बुखार और फ्लू जैसे लक्षण पैदा करता है। इससे दिमाग में सूजन (एक्यूट एन्सेफलाइटिस) भी हो सकती है। यह वायरस 'रैबडोविरीडे' परिवार के 'वेसिकुलोवायरस' जीनस का हिस्सा है। यह मुख्य रूप से मच्छरों, किलनी (टिक्स) और सैंडफ्लाई (रेतीली मक्खी) के काटने से फैलता है। इस वायरस की पहचान सबसे पहले साल 1965 में महाराष्ट्र के नागपुर जिले के चांदीपुरा गांव में एक मरीज में हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सरकार और डॉक्टरों की तैयारी
स्वास्थ्य विभाग वायरस को रोकने और मरीजों के इलाज के लिए लगातार काम कर रहा है। इसके लिए इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और बाल रोग विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। छोटे स्वास्थ्य केंद्रों और निजी क्लीनिकों के डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि संदिग्ध मरीज मिलने पर समय बर्बाद न करें। उन्हें तुरंत भर्ती कर ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा दें ताकि बच्चों की जान बचाई जा सके।


ये भी पढ़ें: 'केंद्र सरकार को परवाह नहीं': उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक के अनशन को दिया समर्थन, राहुल गांधी से की ये अपील

रोकथाम के उपाय
साल 2024 में राज्य के 61 स्थानों से चांदीपुरा वायरस के मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग ने इन जगहों पर मच्छरों और सैंडफ्लाई को खत्म करने के लिए फॉगिंग की और जागरूकता अभियान चलाया। अब इन 61 जगहों से कोई नया मामला नहीं आया है। नए प्रभावित इलाकों में भी तुरंत फॉगिंग और सैनिटाइजेशन का काम किया गया है। राज्य के सबसे छोटे स्वास्थ्य केंद्रों तक जरूरी दवाएं और चिकित्सा सामग्री पहुंचा दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed