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कर्नाटक में कब होगा कैबिनेट विस्तार?: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया जवाब; दावेदारों की लंबी कतार
Mon, 13 Jul 2026 11:29 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, बंगलूरू।
पीटीआई, बंगलूरू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 13 Jul 2026 11:29 PM IST
सार
कर्नाटक में कैबिनेट विस्तार से पहले कांग्रेस के भीतर हलचल तेज हो गई है। कैबिनेट विस्तार के समय को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जानकारी दी है। कई विधायकों ने हाल में खरगे से मुलाकात भी की है। पढ़िए रिपोर्ट-
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मल्लिकार्जुन खरगे
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/एएनआई
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विस्तार
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को कहा कि डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कर्नाटक सरकार में जल्द से जल्द कैबिनेट विस्तार किया जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है, जब कई विधायक मंत्री बनने के लिए लगातार कोशिश कर रहे हैं।
कैबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में खरगे ने पत्रकारों से कहा, यह जल्द होगा। यह किया जाएगा... राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद।
सिद्धारमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 3 जून को शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली थी।
कर्नाटक कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 मंत्रियों की जगह तय है। इनमें से 20 पद अभी खाली हैं। इससे शिवकुमार पर कैबिनेट विस्तार करने का दबाव बढ़ गया है।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्री बनने के कई दावेदार हैं, जबकि पद सीमित हैं। ऐसे में शिवकुमार के लिए सभी को साथ लेकर चलना आसान नहीं होगा। जिन लोगों को जगह नहीं मिलेगी, उनमें बड़े स्तर पर नाराजगी पैदा होने का खतरा है।
उन्हें कैबिनेट में प्रतिनिधित्व को लेकर भी संतुलन बनाना होगा। इसमें जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखना होगा।
शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस हाईकमान से समय मिलने के बाद वह दिल्ली जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी ओर से कैबिनेट विस्तार में कोई देरी नहीं हो रही है।
बंगलूरू में पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, देखिए, मैं 6 अगस्त को विधानसभा सत्र बुला रहा हूं और फिलहाल यह मेरी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, कैबिनेट विस्तार को लेकर मेरी तरफ से कोई देरी नहीं है। जब भी पार्टी हाईकमान मुझे समय देगा, मैं जाऊंगा। वे अगले तीन-चार दिनों में मुझे तारीख बता देंगे। इसके बाद मैं जाकर वापस आ जाऊंगा।
कैबिनेट विस्तार की चर्चा के बीच मंत्री पद के कई दावेदारों ने यहां खरगे के आवास पर उनसे मुलाकात की। इनमें विधायक अशोक पट्टन, शिवलिंगे गौड़ा और टीडी राजेगौड़ा समेत कई नेता शामिल थे।
ये भी पढ़ें: कौन हैं डी-वोटर, कैसे तय होती है नागरिकता?: असम CM ने बताई पूरी प्रक्रिया, दो साल में कितने लोग किए गए डिपोर्ट
पट्टन ने कहा, कई दावेदार हैं और मैं वरिष्ठ नेता हूं। मैं हाईकमान और राज्य के नेताओं से कहना चाहता हूं कि मंत्रियों को शामिल करते समय केवल जाति को आधार न बनाया जाए। पार्टी के प्रति वफादारी और सेवा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इससे पार्टी को फायदा होगा।
वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने कैबिनेट विस्तार में देरी को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा। राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा, जब राज्य में सूखे जैसी स्थिति है, तब इसे संभालने के लिए पूरी तरह गठित कैबिनेट नहीं है। संकेत मिल रहे हैं कि मंत्री बनने के इच्छुक कांग्रेस विधायक दिल्ली में डेरा डाल सकते हैं, क्योंकि उनके नेता राहुल गांधी विदेश यात्रा से लौट रहे हैं।
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कैबिनेट विस्तार को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में खरगे ने पत्रकारों से कहा, यह जल्द होगा। यह किया जाएगा... राहुल गांधी के विदेश से लौटने के बाद।
सिद्धारमैया के 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद 3 जून को शिवकुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ली थी।
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कर्नाटक कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 मंत्रियों की जगह तय है। इनमें से 20 पद अभी खाली हैं। इससे शिवकुमार पर कैबिनेट विस्तार करने का दबाव बढ़ गया है।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, मंत्री बनने के कई दावेदार हैं, जबकि पद सीमित हैं। ऐसे में शिवकुमार के लिए सभी को साथ लेकर चलना आसान नहीं होगा। जिन लोगों को जगह नहीं मिलेगी, उनमें बड़े स्तर पर नाराजगी पैदा होने का खतरा है।
उन्हें कैबिनेट में प्रतिनिधित्व को लेकर भी संतुलन बनाना होगा। इसमें जातीय समीकरणों और क्षेत्रीय संतुलन का ध्यान रखना होगा।
शिवकुमार ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस हाईकमान से समय मिलने के बाद वह दिल्ली जाएंगे। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी ओर से कैबिनेट विस्तार में कोई देरी नहीं हो रही है।
बंगलूरू में पत्रकारों से बातचीत में शिवकुमार ने कहा, देखिए, मैं 6 अगस्त को विधानसभा सत्र बुला रहा हूं और फिलहाल यह मेरी प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा, कैबिनेट विस्तार को लेकर मेरी तरफ से कोई देरी नहीं है। जब भी पार्टी हाईकमान मुझे समय देगा, मैं जाऊंगा। वे अगले तीन-चार दिनों में मुझे तारीख बता देंगे। इसके बाद मैं जाकर वापस आ जाऊंगा।
कैबिनेट विस्तार की चर्चा के बीच मंत्री पद के कई दावेदारों ने यहां खरगे के आवास पर उनसे मुलाकात की। इनमें विधायक अशोक पट्टन, शिवलिंगे गौड़ा और टीडी राजेगौड़ा समेत कई नेता शामिल थे।
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पट्टन ने कहा, कई दावेदार हैं और मैं वरिष्ठ नेता हूं। मैं हाईकमान और राज्य के नेताओं से कहना चाहता हूं कि मंत्रियों को शामिल करते समय केवल जाति को आधार न बनाया जाए। पार्टी के प्रति वफादारी और सेवा को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। इससे पार्टी को फायदा होगा।
वहीं, विपक्षी भारतीय जनता पार्टी ने कैबिनेट विस्तार में देरी को लेकर सत्तारूढ़ कांग्रेस पर निशाना साधा। राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा, जब राज्य में सूखे जैसी स्थिति है, तब इसे संभालने के लिए पूरी तरह गठित कैबिनेट नहीं है। संकेत मिल रहे हैं कि मंत्री बनने के इच्छुक कांग्रेस विधायक दिल्ली में डेरा डाल सकते हैं, क्योंकि उनके नेता राहुल गांधी विदेश यात्रा से लौट रहे हैं।