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JEE छात्रों का डेटा हुआ लीक?: कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार पर साधा निशाना, धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग

पीटीआई, नई दिल्ली Published by: Rahul Kumar Updated Thu, 04 Jun 2026 05:02 PM IST
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CJP attacks govt on JEE data exposure, calls for Pradhan's sacking
डेटा लीक। - फोटो : freepik
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जेईई (एडवांस्ड) 2026 के उम्मीदवारों का डेटा लीक होने की खबर को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने कहा कि यह घटना देश की शिक्षा व्यवस्था और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को संभालने वालों की अक्षमता को उजागर करती है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल पद से हटाने की मांग की गई।



गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी नेताओं ने कहा कि डेटा लीक की घटना ने छात्रों की गोपनीयता और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि करीब दो लाख छात्रों के नाम, फोन नंबर और तस्वीरें सार्वजनिक हो गईं, जो साइबर सुरक्षा व्यवस्था की कमजोर स्थिति को दर्शाता है। रांका ने कहा, "जिस देश ने दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों का नेतृत्व करने वाले विशेषज्ञ दिए हैं, वहां शिक्षा मंत्रालय और सरकार बुनियादी डिजिटल प्रणालियों को भी सुरक्षित रखने में विफल रही है। शिक्षा मंत्री पूरी तरह जवाबदेही निभाने में असफल रहे हैं।"
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उन्होंने आईआईटी रुड़की के उस स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाया, जिसमें संस्थान ने कहा था कि लीक हुआ डेटा केवल "रीड-ओनली" मोड में उपलब्ध था और उसमें किसी तरह का बदलाव संभव नहीं था। रांका ने कहा कि बिना प्रमाणीकरण के छात्रों की जानकारी तक पहुंच संभव होना ही गंभीर सुरक्षा चूक है।
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मंगलवार को आईआईटी  रुड़की ने स्वीकार किया था कि जेईई (एडवांस्ड) 2026 के परिणाम पोर्टल में क्लाउड स्टोरेज कॉन्फिगरेशन से जुड़ी समस्या के कारण उम्मीदवारों के रिकॉर्ड और एडमिट कार्ड दस्तावेज बिना प्रमाणीकरण के देखे जा सकते थे। यह खामी एक किशोर साइबर सुरक्षा शोधकर्ता द्वारा उजागर की गई थी। संस्थान ने कहा था कि समस्या को प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जा रहा है और डेटा केवल पढ़ने योग्य स्थिति में था।

सीजेपी ने सरकार से अब तक हुई सभी डेटा लीक और साइबर सुरक्षा चूकों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। रांका ने कहा कि देश के नागरिकों का डेटा कहां तक पहुंचा और किन लोगों को उसकी पहुंच मिली, इसकी जानकारी जनता को दी जानी चाहिए।

इस दौरान उन्होंने 6 जून को प्रस्तावित सीजेपी के विरोध प्रदर्शन को लेकर हिंसा की आशंकाओं को खारिज करते हुए कहा कि संगठन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। उन्होंने समर्थकों से कानून-व्यवस्था का पालन करने और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने की अपील की।

पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के 6 जून को दिल्ली पहुंचने की उम्मीद है। पार्टी के अनुसार, वे जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति मांगेंगे। संगठन ने दावा किया है कि जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होंगे। गौरतलब है कि सीजेपी की शुरुआत पिछले महीने भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुए अभियान से हुई थी। बाद में यह अभियान एक संगठित राजनीतिक आंदोलन के रूप में सामने आया, जिसने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को अपनी प्रमुख मांगों में शामिल किया है।

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