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CJP प्रवक्ता सौरव दास के घर पहुंची पुदुचेरी पुलिस: ‘डराने-धमकाने’ के आरोप से मचा सियासी बवाल; पुलिस ने दी सफाई
Wed, 12 Aug 2026 10:26 PM IST
प्रशांत तिवारी
पीटीआई, चेन्नई
पीटीआई, चेन्नई
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Wed, 12 Aug 2026 10:26 PM IST
सार
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने बुधवार को आरोप लगाया कि पुदुचेरी में उनके परिवार को पुलिस ने डराया-धमकाया। हालांकि, पुडुचेरी पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ी एक नियमित प्रक्रिया बताया है।
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सौरव दास
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
CJP प्रवक्ता सौरव दास ने पुदुचेरी पुलिस पर अपने परिवार को डराने-धमकाने और परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने उनके रिश्तेदारों के घर जाने की पुष्टि की, लेकिन इसे स्वतंत्रता दिवस से पहले की नियमित सुरक्षा जांच बताया और धमकी या उत्पीड़न के आरोपों को खारिज कर दिया। दास ने इस घटना को केंद्र सरकार से जोड़ते हुए अमित शाह के हालिया पुडुचेरी दौरे और बैठकों का भी जिक्र किया है।
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परिवार के घर पहुंची पुलिस, पूछताछ पर उठे सवाल
पुदुचेरी पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि पुलिसकर्मी सौरव दास के रिश्तेदारों के घर गए थे। हालांकि, अधिकारी के मुताबिक यह किसी तरह की कार्रवाई या उत्पीड़न नहीं, बल्कि एक 'रूटीन प्रक्रिया' का हिस्सा था।
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'पूछताछ का उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं'
पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण मौकों से पहले सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मार्गों के आसपास रहने वाले लोगों के घर जाती है। इस दौरान लोगों से सुरक्षा के लिहाज से कुछ सामान्य सवाल पूछे जाते हैं। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस तरह की पूछताछ का उद्देश्य किसी को परेशान करना या डराना-धमकाना नहीं होता। उन्होंने सौरव दास के परिवार को कथित तौर पर धमकाए जाने के आरोपों को गलत बताया।
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'दो घंटे पहले घर पहुंची पुलिस'
वहीं, सौरव दास ने दावा किया कि घटना से करीब दो घंटे पहले पुदुचेरी पुलिस उनके परिवार के घर पहुंची थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने परिवार के सदस्यों से कई तरह के सवाल-जवाब किए। दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "पुदुचेरी पुलिस, यह उत्पीड़न क्यों? यह आदेश किसने दिया और किस मकसद से? क्या यह कानूनी प्रक्रिया है? पुडुचेरी में भाजपा सरकार मेरे परिवार को क्यों डरा-धमका रही है? यह पुडुचेरी सरकार का तरीका नहीं है। यह केंद्र सरकार के इशारे पर किया जा रहा है। अगर मकसद मुझे डराकर चुप कराना है, तो यह काम नहीं करेगा। इससे मैं डरूंगा नहीं। इससे एक बेहतर सिस्टम बनाने का हमारा संकल्प और मजबूत होता है, जहां पुलिस गुंडों की तरह काम करने के बजाय कानून का पालन करे।
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अमित शाह के दौरे का भी किया जिक्र
एक अन्य पोस्ट में सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय मंत्री अमित शाह दो दिन पहले पुदुचेरी में थे। दास के मुताबिक, इस दौरान अमित शाह ने केंद्र शासित प्रदेश के गृह मंत्री और उप-राज्यपाल से मुलाकात की थी। दास ने सोशल मीडिया पर एक अन्य पोस्ट के जरिए सवाल उठाया, 'क्या डराने-धमकाने की यह चाल उनकी बैठक में तय की गई थी?'