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Kerala: कोचीन एयरपोर्ट पर चलेंगी देश की पहली हाइड्रोजन बसें, स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि
Published by: अमन तिवारी
Updated Tue, 03 Feb 2026 10:29 AM IST
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सार
कोचीन एयरपोर्ट देश में पहली बार हाइड्रोजन से चलने वाली बसें शुरू करेगा। इसके लिए सीआईएएल और केरल हाइड्रोजन वैली फाउंडेशन के बीच समझौता हुआ है। 8.7 करोड़ रुपये की लागत से तीन बसें खरीदी जाएंगी। यह कदम प्रदूषण कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।
एयरपोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (सीआईएएल) देश का पहला ऐसा एयरपोर्ट बनने जा रहा है, जहां यात्रियों के लिए हाइड्रोजन से चलने वाली बसें चलेंगी। यह विमानन क्षेत्र में पर्यावरण को बचाने और स्वच्छ उर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
बसों के संचालन का रास्ता साफ
इस प्रोजेक्ट के लिए एक फरवरी को केरल हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर (एचवीआईसी) फाउंडेशन और सीआईएएल के बीच एक समझौता हुआ। सोमवार को सीआईएएल ने एक बयान में बताया कि इस समझौते के तहत कोच्चि एयरपोर्ट तीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा। इन बसों को चलाने का रास्ता अब साफ हो गया है।
ये भी पढ़ें: Kerala: केरल विधानसभा में सबरीमाला सोना चोरी मामले पर बवाल, विपक्ष का हंगामा; सीएम ऑफिस की दखलअंदाजी का आरोप
इस समझौते पर एयरपोर्ट के एयरो लाउंज में आयोजित एक कार्यक्रम में हस्ताक्षर किए गए। केरल के बिजली मंत्री के कृष्णनकुट्टी ने केरल एचवीआईसी फाउंडेशन का पक्ष रखा। वहीं, उद्योग मंत्री और सीआईएएल के डायरेक्टर पी राजीव ने एयरपोर्ट ऑपरेटर की तरफ से हस्ताक्षर किए। यह पूरा प्रोजेक्ट भारत सरकार के 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' का हिस्सा है।
प्रोजेक्ट की कुल लागत 8.7 करोड़
समझौते के मुताबिक, केरल एचवीआईसी फाउंडेशन इन बसों को खरीदने के लिए आर्थिक मदद देगा। हर बस के लिए करीब 2.90 करोड़ रुपये की फंडिंग मिलेगी। पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 8.7 करोड़ रुपये तय की गई है। यह पैसा किस्तों में दिया जाएगा। बसों की खरीद का काम अगले 12 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
बसों की डिलीवरी मिलने के बाद इनका मालिकाना हक सीआईएएल के पास रहेगा। एयरपोर्ट प्रशासन ही इन बसों के रूट और संचालन का तरीका तय करेगा। साथ ही, कानूनी और संचालन से जुड़े सभी खर्च भी सीआईएएल ही उठाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इनमें सीआईएएल के मैनेजिंग डायरेक्टर एस सुहास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रंजीत कृष्णा पाई प्रमुख थे।
ये भी पढ़ें: Sabarimala: सबरीमला मंदिर से सोना चोरी के आरोपी ने खटखटाया कोर्ट का दरवाजा, एक केस में पहले मिल चुकी है जमानत
कार्बन उत्सर्जन में आएगी भारी कमी
सीआईएएल ने कहा कि इस पहल से पैसेंजरों की सुविधा में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही, एयरपोर्ट पर वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी। इन बसों के लिए ईंधन की सप्लाई सीआईएएल और बीपीसीएल मिलकर करेंगे। दोनों कंपनियां एक ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बना रही हैं, जो जल्द ही शुरू हो जाएगा। इस प्लांट के लिए जरूरी कानूनी मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इस पहल के साथ कोच्चि एयरपोर्ट स्वच्छ उर्जा के मामले में देश में सबसे आगे है।
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बसों के संचालन का रास्ता साफ
इस प्रोजेक्ट के लिए एक फरवरी को केरल हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर (एचवीआईसी) फाउंडेशन और सीआईएएल के बीच एक समझौता हुआ। सोमवार को सीआईएएल ने एक बयान में बताया कि इस समझौते के तहत कोच्चि एयरपोर्ट तीन हाइड्रोजन फ्यूल सेल इलेक्ट्रिक बसें खरीदेगा। इन बसों को चलाने का रास्ता अब साफ हो गया है।
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इस समझौते पर एयरपोर्ट के एयरो लाउंज में आयोजित एक कार्यक्रम में हस्ताक्षर किए गए। केरल के बिजली मंत्री के कृष्णनकुट्टी ने केरल एचवीआईसी फाउंडेशन का पक्ष रखा। वहीं, उद्योग मंत्री और सीआईएएल के डायरेक्टर पी राजीव ने एयरपोर्ट ऑपरेटर की तरफ से हस्ताक्षर किए। यह पूरा प्रोजेक्ट भारत सरकार के 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' का हिस्सा है।
प्रोजेक्ट की कुल लागत 8.7 करोड़
समझौते के मुताबिक, केरल एचवीआईसी फाउंडेशन इन बसों को खरीदने के लिए आर्थिक मदद देगा। हर बस के लिए करीब 2.90 करोड़ रुपये की फंडिंग मिलेगी। पूरे प्रोजेक्ट की कुल लागत 8.7 करोड़ रुपये तय की गई है। यह पैसा किस्तों में दिया जाएगा। बसों की खरीद का काम अगले 12 महीनों के भीतर पूरा होने की उम्मीद है।
बसों की डिलीवरी मिलने के बाद इनका मालिकाना हक सीआईएएल के पास रहेगा। एयरपोर्ट प्रशासन ही इन बसों के रूट और संचालन का तरीका तय करेगा। साथ ही, कानूनी और संचालन से जुड़े सभी खर्च भी सीआईएएल ही उठाएगा। इस कार्यक्रम में केंद्र और राज्य सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। इनमें सीआईएएल के मैनेजिंग डायरेक्टर एस सुहास और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के वैज्ञानिक डॉ. रंजीत कृष्णा पाई प्रमुख थे।
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कार्बन उत्सर्जन में आएगी भारी कमी
सीआईएएल ने कहा कि इस पहल से पैसेंजरों की सुविधा में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही, एयरपोर्ट पर वाहनों से होने वाले कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी। इन बसों के लिए ईंधन की सप्लाई सीआईएएल और बीपीसीएल मिलकर करेंगे। दोनों कंपनियां एक ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट बना रही हैं, जो जल्द ही शुरू हो जाएगा। इस प्लांट के लिए जरूरी कानूनी मंजूरी पहले ही मिल चुकी है। इस पहल के साथ कोच्चि एयरपोर्ट स्वच्छ उर्जा के मामले में देश में सबसे आगे है।
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