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Congress: रायबरेली और वायनाड में चुनाव लड़ने के लिए राहुल गांधी को मिले थे इतने रुपये, कांग्रेस ने किया खुलासा
Thu, 29 Aug 2024 08:39 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 29 Aug 2024 08:39 PM IST
सार
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में खत्म हुए लोकसभा चुनाव में दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की थी। हालांकि नियम के अनुसार उन्होंने एक सीट अपने पास रखी और एक लोकसभा सीट को खाली कर दिया।
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राहुल गांधी।
- फोटो : ANI
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विस्तार
कांग्रेस पार्टी ने चुनाव आयोग को जानकारी देते हुए बताया है कि उन्होंने अपने नेता राहुल गांधी को वायनाड और रायबरेली से 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए 70-70 लाख रुपये दिए हैं। वहीं कांग्रेस पार्टी के एकमात्र उम्मीदवार विक्रमादित्य सिंह को पार्टी फंड से 87 लाख रुपये दिए गए थे, जो हिमाचल प्रदेश की मंडी सीट से भाजपा की उम्मीदवार और अभिनेत्री कंगना रनौत से चुनाव हार गए।
पार्टी के किस नेता को कितना मिला फंड?
वहीं पार्टी की तरफ से 70 लाख रुपये पाने वाले अन्य नेताओं में किशोरी लाल शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा की मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी को अमेठी लोकसभा सीट पर हराया था। केरल में अलपुझा लोकसभा सीट से सांसद केसी वेणुगोपाल और तमिलनाडु में विरुधुनगर से मणिकम टैगोर भी 70 लाख रुपये फंड पाने वालों में शामिल हैं। जबकि कर्नाटक के गुलबर्गा से कांग्रेस उम्मीदवार राधाकृष्ण और पंजाब में आनंदपुर साहिब से प्रत्याशी विजय इंदर सिंगला को भी 70-70 लाख रुपये मिले। वहीं इस कड़ी में चुनाव हारने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा और दिग्विजय सिंह को क्रमशः 46 लाख रुपये और 50 लाख रुपये मिले थे।
राहुल गांधी ने दो सीटों पर हासिल की थी जीत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली लोकसभा के साथ-साथ केरल के वायनाड लोकसभा सीट से भी जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट को बरकरार रखा और वायनाड सीट को खाली कर दिया है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने संसदीय चुनावों में 99 सीटें जीती थीं, जिसमें राहुल गांधी ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी।
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क्या है चुनाव प्रचार के खर्च की सीमा?
हालांकि चुनाव प्रचार पर उम्मीदवार की तरफ से किए जाने वाले खर्च की एक सीमा होती है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए ऐसी कोई सीमा नहीं होती है। जनवरी 2022 में, चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर, सरकार ने उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा को लोकसभा चुनावों के लिए 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 95 लाख रुपये और विधानसभा चुनावों के लिए 28 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया था। लोकसभा चुनावों के लिए, संशोधित व्यय सीमा अब बड़े राज्यों के लिए 90 लाख रुपये और छोटे राज्यों के लिए 75 लाख रुपये है।
कांग्रेस ने पिछले महीने लोकसभा चुनावों और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की विधानसभाओं के चुनावों के लिए अपना 'आंशिक चुनाव व्यय विवरण' चुनाव आयोग को सौंपा था। यह बयान चुनाव लड़ने के लिए पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों को दी जाने वाली एकमुश्त राशि से जुड़ा था।
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पार्टी के किस नेता को कितना मिला फंड?
वहीं पार्टी की तरफ से 70 लाख रुपये पाने वाले अन्य नेताओं में किशोरी लाल शर्मा शामिल हैं, जिन्होंने भाजपा की मौजूदा सांसद स्मृति ईरानी को अमेठी लोकसभा सीट पर हराया था। केरल में अलपुझा लोकसभा सीट से सांसद केसी वेणुगोपाल और तमिलनाडु में विरुधुनगर से मणिकम टैगोर भी 70 लाख रुपये फंड पाने वालों में शामिल हैं। जबकि कर्नाटक के गुलबर्गा से कांग्रेस उम्मीदवार राधाकृष्ण और पंजाब में आनंदपुर साहिब से प्रत्याशी विजय इंदर सिंगला को भी 70-70 लाख रुपये मिले। वहीं इस कड़ी में चुनाव हारने वाले वरिष्ठ कांग्रेस नेता आनंद शर्मा और दिग्विजय सिंह को क्रमशः 46 लाख रुपये और 50 लाख रुपये मिले थे।
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राहुल गांधी ने दो सीटों पर हासिल की थी जीत
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रायबरेली लोकसभा के साथ-साथ केरल के वायनाड लोकसभा सीट से भी जीत हासिल की थी, लेकिन उन्होंने उत्तर प्रदेश की रायबरेली सीट को बरकरार रखा और वायनाड सीट को खाली कर दिया है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने संसदीय चुनावों में 99 सीटें जीती थीं, जिसमें राहुल गांधी ने दो सीटों पर जीत हासिल की थी।
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क्या है चुनाव प्रचार के खर्च की सीमा?
हालांकि चुनाव प्रचार पर उम्मीदवार की तरफ से किए जाने वाले खर्च की एक सीमा होती है, लेकिन राजनीतिक दलों के लिए ऐसी कोई सीमा नहीं होती है। जनवरी 2022 में, चुनाव आयोग की सिफारिश के आधार पर, सरकार ने उम्मीदवारों के लिए चुनाव खर्च की सीमा को लोकसभा चुनावों के लिए 70 लाख रुपये से बढ़ाकर 95 लाख रुपये और विधानसभा चुनावों के लिए 28 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख रुपये कर दिया था। लोकसभा चुनावों के लिए, संशोधित व्यय सीमा अब बड़े राज्यों के लिए 90 लाख रुपये और छोटे राज्यों के लिए 75 लाख रुपये है।
कांग्रेस ने पिछले महीने लोकसभा चुनावों और अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, ओडिशा और आंध्र प्रदेश की विधानसभाओं के चुनावों के लिए अपना 'आंशिक चुनाव व्यय विवरण' चुनाव आयोग को सौंपा था। यह बयान चुनाव लड़ने के लिए पार्टी की तरफ से उम्मीदवारों को दी जाने वाली एकमुश्त राशि से जुड़ा था।
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