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Congress: केसी वेणुगोपाल ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, तुरंत दखल की मांग; सीबीएसई के OSM सिस्टम पर उठाए सवाल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवम गर्ग Updated Tue, 26 May 2026 07:46 PM IST
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सार

कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने सीबीएसई के नए ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ियों को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा है।

Congress KC Venugopal Urges PM Modi to Intervene in CBSE OSM Evaluation Crisis Amid Student Outcry
कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार

देशभर में सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संसद की लोक लेखा समिति (PAC) के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता के. सी. वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर सीबीएसई की नई डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली के कारण कक्षा 10 और 12 के लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है और कई जगह भारी गड़बड़ियों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया कि इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया जाए और एक बार के लिए समयबद्ध समाधान लागू किया जाए, ताकि कोई भी छात्र अपने उच्च शिक्षा के अवसरों से वंचित न रह जाए।



छात्रों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य पर संकट
वेणुगोपाल ने अपने पत्र में कहा कि OSM सिस्टम में सामने आई कथित खामियों ने छात्रों के उच्च शिक्षा के अवसरों को खतरे में डाल दिया है। उन्होंने इसे गंभीर प्रशासनिक विफलता करार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा परिणामों से असंतुष्ट छात्र सड़कों पर उतरने को मजबूर हो रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
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छात्रों ने आरोप लगाया है कि सही उत्तरों पर भी उन्हें शून्य अंक दिए जा रहे हैं, जिससे भारी असंतोष फैल गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कई छात्रों को जो स्कैन कॉपी मिल रही है, वह धुंधली, अधूरी या पढ़ने योग्य नहीं है, जिससे वे अपने अंकों की सही जांच भी नहीं कर पा रहे हैं।
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उत्तर पुस्तिका में बड़ा गड़बड़झाला का आरोप
एक चौंकाने वाले उदाहरण में, एक छात्र ने अपनी फिजिक्स उत्तर पुस्तिका में ऐसा लेखन पाया जो उसका नहीं था। इससे यह आशंका गहराई कि उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान या स्कैनिंग में गंभीर त्रुटि हुई है। इस घटना को सार्वजनिक करने के बाद उस छात्र को सोशल मीडिया पर आलोचना और दुर्व्यवहार का भी सामना करना पड़ा, जिसे लेकर चिंता और बढ़ गई है।

री-इवैल्यूएशन की डेडलाइन पर चिंता
पत्र में बताया गया कि उत्तर पुस्तिकाओं की कॉपी मांगने की अंतिम तिथि बीते मध्यरात्रि समाप्त हो चुकी है, जबकि पुनर्मूल्यांकन की अंतिम तारीख 29 मई के करीब है। इस वजह से छात्रों में भारी तनाव और चिंता का माहौल है, क्योंकि समय रहते सुधार की प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल हो सकता है।

पत्र में कहा गया है कि परिणाम सत्यापन पोर्टल लगातार क्रैश हो रहा है, जिससे छात्रों को भारी परेशानी हो रही है। इसके साथ ही कई छात्रों ने यह भी शिकायत की है कि रिवैल्यूएशन के लिए सिस्टम में ₹28,000 से लेकर ₹2,69,420 तक की मनमानी फीस दिखाई दे रही है। यह स्थिति छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी आक्रोश और भ्रम पैदा कर रही है।

वेणुगोपाल ने कहा कि अलग-अलग प्रश्नपत्र सेटों की कठिनाई में असमानता के कारण कई छात्रों को नुकसान हुआ है। उन्होंने मांग की है कि छात्रों के हित में एक समान ग्रेस मार्क्स नीति लागू की जाए। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि छात्रों को एक प्रणालीगत विफलता की वजह से आर्थिक, शैक्षणिक और मानसिक दबाव झेलना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति किसी भी छात्र के साथ अन्याय है।

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