{"_id":"62cf0374a8a702091f1efac7","slug":"congress-rebel-group-g23-leader-manish-tewari-cryptic-tweet-on-lions-leash-after-controversy-on-ashok-stambh-and-agnipath-scheme-rises-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Manish Tewari: जी23 नेता मनीष तिवारी का अजीब ट्वीट, बोले- शेर को शिकंजे में रखने की कोशिश करोगे तो शिकंजा टूटेगा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Manish Tewari: जी23 नेता मनीष तिवारी का अजीब ट्वीट, बोले- शेर को शिकंजे में रखने की कोशिश करोगे तो शिकंजा टूटेगा
Wed, 13 Jul 2022 11:10 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 13 Jul 2022 11:10 PM IST
सार
तिवारी का यह बयान अग्निपथ योजना पर उनके कांग्रेस लाइन से अलग चलने पर उठे विवाद के बाद आया है। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर तिवारी का इशारा इस बार किस मुद्दे पर था।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बुधवार को एक अजीबो-गरीब ट्वीट कर हलचल मचा दी। उन्होंने कहा कि अगर किसी शेर को शिकंजे में रखने की कोशिश की जाती है तो एक ही चीज होती है। शिकंजा टूट जाता है। तिवारी का यह बयान अग्निपथ योजना पर उनके कांग्रेस लाइन से अलग चलने पर उठे विवाद के बाद आया है। हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि आखिर तिवारी का इशारा इस बार किस मुद्दे पर था।
गौरतलब है कि तिवारी के इस ट्वीट से पहले नए संसद भवन के ऊपर लगे अशोक स्तंभ की शेर की मूर्ति पर भी विवाद छिड़ गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही इस राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण किया। हालांकि, विपक्ष ने सरकार पर इसमें शेरों के स्वरूप को बदलकर इसे बिगाड़ने का आरोप लगाया। इस पर भाजपा ने विपक्ष की आलोचना को खारिज कर दिया।
तिवारी ने इससे पहले ‘मनीष तिवारी को कांग्रेस का सुब्रमण्यम स्वामी कहा जा रहा है’ शीर्षक वाले लेख को लेकर ट्विटर पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने लिखा था, ‘‘इस तरह की बकवास करने वाले सज्जन को पता होना चाहिए कि स्वामी अगर कुछ नहीं तो जबरदस्त विरोधी हैं।’’
विज्ञापन
इससे पहले तिवारी ने रक्षा संबंधित परामर्श समिति के सदस्य होने की वजह से सोमवार को अग्निपथ योजना की वापसी की मांग करने वाले छह विपक्षी सांसदों के एक बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जब रक्षा पर संसदीय परामर्श समिति के सदस्यों के सामने प्रस्तुतिकरण दिया था, तब शक्तिसिंह गोहिल, रजनी पाटिल (दोनों कांग्रेस से), सुप्रिया सुले (राकांपा), सौगत राय, सुदीप बंदोपाध्याय (दोनों तृणमूल कांग्रेस) और एडी सिंह (राजद) ने उन्हें हाथ से लिखा नोट दिया।
अग्निपथ योजना की सार्वजनिक तारीफ करने वाले और इसे सशस्त्र बलों में जरूरी सुधार बताने वाले तिवारी ने अपनी पार्टी से अलग रुख अपनाया था। कांग्रेस ने तिवारी के बयान को निजी बताते हुए इसे पार्टी के रुख के विपरीत करार दिया था। कांग्रेस ने सशस्त्र बलों में अग्निपथ भर्ती योजना का विरोध किया है, वहीं तिवारी ने कहा कि यह समय की जरूरत है क्योंकि कई अन्य देशों की सेनाओं ने भी ऐसा किया है।
कांग्रेस के बगावती जी23 समूह का हिस्सा हैं तिवारी
तिवारी कांग्रेस के जी23 समूह के सदस्य हैं जिसने संगठन में आमूल-चूल बदलाव की जरूरत बताई है और पार्टी नेतृत्व के कुछ फैसलों की आलोचना की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी पंजाब की आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से सदस्य हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि तिवारी के इस ट्वीट से पहले नए संसद भवन के ऊपर लगे अशोक स्तंभ की शेर की मूर्ति पर भी विवाद छिड़ गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ही इस राष्ट्रीय प्रतीक का अनावरण किया। हालांकि, विपक्ष ने सरकार पर इसमें शेरों के स्वरूप को बदलकर इसे बिगाड़ने का आरोप लगाया। इस पर भाजपा ने विपक्ष की आलोचना को खारिज कर दिया।
विज्ञापन
तिवारी ने इससे पहले ‘मनीष तिवारी को कांग्रेस का सुब्रमण्यम स्वामी कहा जा रहा है’ शीर्षक वाले लेख को लेकर ट्विटर पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने लिखा था, ‘‘इस तरह की बकवास करने वाले सज्जन को पता होना चाहिए कि स्वामी अगर कुछ नहीं तो जबरदस्त विरोधी हैं।’’
विज्ञापन
इससे पहले तिवारी ने रक्षा संबंधित परामर्श समिति के सदस्य होने की वजह से सोमवार को अग्निपथ योजना की वापसी की मांग करने वाले छह विपक्षी सांसदों के एक बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जब रक्षा पर संसदीय परामर्श समिति के सदस्यों के सामने प्रस्तुतिकरण दिया था, तब शक्तिसिंह गोहिल, रजनी पाटिल (दोनों कांग्रेस से), सुप्रिया सुले (राकांपा), सौगत राय, सुदीप बंदोपाध्याय (दोनों तृणमूल कांग्रेस) और एडी सिंह (राजद) ने उन्हें हाथ से लिखा नोट दिया।
अग्निपथ योजना की सार्वजनिक तारीफ करने वाले और इसे सशस्त्र बलों में जरूरी सुधार बताने वाले तिवारी ने अपनी पार्टी से अलग रुख अपनाया था। कांग्रेस ने तिवारी के बयान को निजी बताते हुए इसे पार्टी के रुख के विपरीत करार दिया था। कांग्रेस ने सशस्त्र बलों में अग्निपथ भर्ती योजना का विरोध किया है, वहीं तिवारी ने कहा कि यह समय की जरूरत है क्योंकि कई अन्य देशों की सेनाओं ने भी ऐसा किया है।
कांग्रेस के बगावती जी23 समूह का हिस्सा हैं तिवारी
तिवारी कांग्रेस के जी23 समूह के सदस्य हैं जिसने संगठन में आमूल-चूल बदलाव की जरूरत बताई है और पार्टी नेतृत्व के कुछ फैसलों की आलोचना की है। पूर्व केंद्रीय मंत्री तिवारी पंजाब की आनंदपुर साहिब लोकसभा सीट से सदस्य हैं।