राफेल डील पर रिलायंस ने कांग्रेस को भेजा कानूनी नोटिस, जुबान संभालने की दी चेतावनी
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा शासन पर राफेल डील को लेकर हमले कर रहे हैं। ऐसे में उनका साथ देने के लिए पार्टी के लगभग सभी नेता इस क्रम को बरकरार रखना चाहते हैं। कांग्रेस प्रवक्ताओं पर ये जिम्मेदारी है कि वो अपने अध्यक्ष के उठाए मुद्दे को सही से भुनाएं। लेकिन कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल अतिउत्साह में ऐसी बात बोल गए जिससे अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर उनसे खफा है और चेतावनी दे दी है कि वो अपनी बोली को लगाम दें।
दरअसल अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस ने जयवीर शेरगिल को लीगल नोटिस भेजकर चुप होने की चेतावनी दी है। कंपनी ने कड़े शब्दों में कहा है कि शेरगिल वही बातें बोले जिसका उनके पास सबूत हो। वर्ना उन्हें इसका हर्जाना भुगतना पड़ेगा।
रिलायंस की इस चेतावनी का जवाब देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने कहा कि वो ऐसे नोटिसों से डरने वाले नहीं हैं। बता दें कि इससे पहले राहुल ने मोदी सरकार पर अनिल अंबानी की कंपनी को हजारों करोड़ रुपए का फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया था। लेकिन इस मुद्दे पर बिजनेसमैन अनिल अंबानी ने राहुल गांधी को एक पत्र लिखकर अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब दिया था। अनिल अंबानी ने अपने पत्र में कहा था कि कुछ निहित स्वार्थी तत्वों और कॉरपोरेट प्रतिद्वंद्वियों ने कांग्रेस को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश की है। अनिल अंबानी ने कहा था कि सभी आरोप गलत और निराधार हैं।Congress Spokesperson Jaiveer Shergill receives a cease & desist notice from Anil Ambani led Reliance Infrastructure, Reliance Defence & Reliance Aerostructure asking him to restrain from speaking on Rafale, failing which he will face legal consequences. pic.twitter.com/9yAa2zUcnB
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 22, 2018
Received “Cease & Desist” Notice from Sh Anil Ambani threatening me with legal consequences if I speak on #RafaleDeal; My reply-I’m a Congress Soldier, a Proud Punjabi who doesn’t get scared with such notices-Tax Payer of this country deserves to know why they paid extra 42000 Cr
— Jaiveer Shergill (@JaiveerShergill) August 22, 2018
अनिल अंबानी पहले ही कह चुके हैं कि रक्षा मंत्रालय ने रिलायंस समूह की कंपनी को 36 राफेल विमानों का कॉन्ट्रेक्ट नहीं दिया। यह गलत बताया जा रहा है। इसके बाद रिलायंस को हजारों करोड़ का फायदा होने जा रहा है जबकि यह सिर्फ कोरी अफवाह है। उन्होंने कहा कि हमारा भारत सरकार के साथ कोई भी कॉन्ट्रेक्ट नहीं होने जा रहा है। याद दिला दें कि साल 2015 में राफेल सौदे की घोषणा से दस दिन पहले ही रिलायंस डिफेंस का गठन हआ था।