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'परिसीमन बिल का विरोध करेगी कांग्रेस': सोनिया गांधी के घर पर बैठक के बाद बड़ा एलान, इन मुद्दों पर भी हुआ मंथन
Thu, 16 Jul 2026 01:08 PM IST
Pavan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Pavan
Updated Thu, 16 Jul 2026 01:08 PM IST
सार
कांग्रेस पार्टी ने संसद के मानसून सत्र को लेकर होने वाली सर्वदलीय बैठक से पहले अहम मंथन किया है। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई इस बैठक में कई अहम पर मंथन किया गया है। इस बैठक के बाद कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रेस को बताया कि पार्टी ने संसद के आगामी सत्र में परिसीमन बिल समेत सरकार के कई विधेयकों का विरोध करने का फैसला किया है।
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जयराम रमेश, कांग्रेस सांसद
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
कांग्रेस ने कहा है कि संसद के आगामी मानसून सत्र में सरकार जिन प्रमुख विधेयकों को लाने की तैयारी कर रही है, उनका पार्टी पुरजोर विरोध करेगी। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पार्टी ने अपनी बैठक में कई प्रस्तावित विधेयकों पर चर्चा की और तय किया कि विपक्षी दलों के साथ मिलकर इनके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।
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'विपक्षी दलों के साथ एकजुटता बनाए रखने की करेंगे कोशिश'
जयराम रमेश ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि केंद्रीय गृह मंत्री परिसीमन विधेयक को फिर से संसद में लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 17 अप्रैल को सरकार इस विधेयक पर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में असफल रही थी और उसे बड़ा झटका लगा था। अब सरकार इसे दोबारा लाना चाहती है। कांग्रेस इस विधेयक का पहले भी विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। साथ ही विपक्षी दलों की एकजुटता बनाए रखने की पूरी कोशिश करेगी।
संविधान संशोधन विधेयक पर भी बैठक हुआ मंथन
उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को हटाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर भी बैठक में चर्चा हुई। इस विधेयक की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाई गई है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका बहिष्कार किया है। कांग्रेस इस विधेयक का भी मजबूती से विरोध करेगी। जयराम रमेश ने बताया कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस विषय पर बनी जेपीसी को 10 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। कांग्रेस इस प्रस्ताव का भी विरोध करेगी।
एफसीआरए का भी विरोध करेगी कांग्रेस- रमेश
उन्होंने कहा कि यदि सरकार 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' मानसून सत्र में लाती है तो कांग्रेस इसका पूरी तरह विरोध करेगी। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक दोबारा लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी इस विधेयक का विरोध किया था, जिसके बाद सरकार को इसे वापस लेना पड़ा था। अगर इसे फिर पेश किया गया तो पार्टी दोबारा इसका विरोध करेगी।
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जयराम रमेश ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में प्रस्तावित संशोधनों का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यही कानून प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का आधार है। यदि इसमें बदलाव का विधेयक संसद में लाया गया तो कांग्रेस इसका भी कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के मौजूदा विधायी एजेंडे में ऐसा कोई विधेयक नहीं दिख रहा है, जिसका कांग्रेस समर्थन कर सके। पार्टी संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करेगी।
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VIDEO | Delhi: Addressing a press conference, Congress leader Jairam Ramesh, says, "We have learnt that the Union Home Minister is making efforts to bring back the Delimitation Bill (during the Monsoon Session of Parliament). The government failed to secure a two-thirds majority… pic.twitter.com/gFPhecJWgX
— Press Trust of India (@PTI_News) July 16, 2026विज्ञापन
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'विपक्षी दलों के साथ एकजुटता बनाए रखने की करेंगे कोशिश'
जयराम रमेश ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि केंद्रीय गृह मंत्री परिसीमन विधेयक को फिर से संसद में लाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि 17 अप्रैल को सरकार इस विधेयक पर दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में असफल रही थी और उसे बड़ा झटका लगा था। अब सरकार इसे दोबारा लाना चाहती है। कांग्रेस इस विधेयक का पहले भी विरोध करती रही है और आगे भी करती रहेगी। साथ ही विपक्षी दलों की एकजुटता बनाए रखने की पूरी कोशिश करेगी।
संविधान संशोधन विधेयक पर भी बैठक हुआ मंथन
उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों को हटाने से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक पर भी बैठक में चर्चा हुई। इस विधेयक की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) बनाई गई है, लेकिन विपक्षी दलों ने इसका बहिष्कार किया है। कांग्रेस इस विधेयक का भी मजबूती से विरोध करेगी। जयराम रमेश ने बताया कि 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इस विषय पर बनी जेपीसी को 10 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट सौंपनी है। कांग्रेस इस प्रस्ताव का भी विरोध करेगी।
एफसीआरए का भी विरोध करेगी कांग्रेस- रमेश
उन्होंने कहा कि यदि सरकार 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक' मानसून सत्र में लाती है तो कांग्रेस इसका पूरी तरह विरोध करेगी। कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) संशोधन विधेयक दोबारा लाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने पहले भी इस विधेयक का विरोध किया था, जिसके बाद सरकार को इसे वापस लेना पड़ा था। अगर इसे फिर पेश किया गया तो पार्टी दोबारा इसका विरोध करेगी।
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जयराम रमेश ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में प्रस्तावित संशोधनों का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि यही कानून प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का आधार है। यदि इसमें बदलाव का विधेयक संसद में लाया गया तो कांग्रेस इसका भी कड़ा विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के मौजूदा विधायी एजेंडे में ऐसा कोई विधेयक नहीं दिख रहा है, जिसका कांग्रेस समर्थन कर सके। पार्टी संसद के भीतर और बाहर इन मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करेगी।