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यमुना को मिलेगा नया जीवन: किशाऊ बांध परियोजना पर छह राज्यों में बनी सहमति, केंद्र देगा 90 फीसदी मदद

एएनआई, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 17 Jun 2026 12:48 AM IST
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Consensus among six states on 'Kishau' dam project; 90% water component work cost by Centre, 10% by states
बैठक की अध्यक्षता करते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : एक्स/अमित शाह
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यमुना नदी के पुनर्जीवन के लिए लंबे समय से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के बीच सहमति बन गई है। निर्णय लिया गया है कि परियोजना के जल घटक की लागत का 90  फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी। बकि बाकी 10 फीसदी खर्च इन राज्यों की ओर से उठाया जाएगा।


सभी राज्यों ने यमुना की सहायक नदी टोंस पर बनने वाली किशाऊ जलविद्युत और जल भंडारण परियोजना को लागू करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने पर सहमति जताई। यह परियोजना उत्तराखंड के देहरादून और हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले की सीमा पर स्थित है।
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समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद परियोजना को मंजूरी के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में राष्ट्रीय राजधानी में हुई एक अहम बैठक में इस लंबे समय से लंबित परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनी।

बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय गृह सचिव, केंद्रीय जल संसाधन सचिव, बिजली मंत्रालय के सचिव, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्य सचिव तथा गृह मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और जल शक्ति मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।

गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार कई वर्षों से लंबित राष्ट्रीय और जनहित के अहम मुद्दों पर संवाद के जरिये समाधान निकालने और सहमति बनाने का काम कर रही है। मंत्रालय के बयान के अनुसार, बैठक में तय किया गया कि किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना के जल घटक की लागत का 90 फीसदी हिस्सा केंद्र सरकार केंद्रीय सहायता के रूप में देगी। जबकि बाकी 10 फीसदी खर्च छह राज्यों के बीच साझा किया जाएगा।

बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि हिमाचल प्रदेश के हिस्से का पानी दिल्ली और राजस्थान को दिया जाएगा। इसके बदले दिल्ली और राजस्थान, हिमाचल प्रदेश के बिजली परियोजना से जुड़े खर्च में अपना हिस्सा देंगे। गृह मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला यमुना नदी को स्वच्छ और पुनर्जीवित करने की दिशा में एक अहम उपलब्धि साबित होगा। इससे नदी में स्वच्छ पानी का प्रवाह बढ़ेगा।


उत्तराखंड के डाकपत्थर कस्बे से करीब 45 किलोमीटर ऊपर स्थित किशाऊ बांध परियोजना के तहत 236 मीटर ऊंचा कंक्रीट बांध बनाया जाएगा। इस परियोजना से 150-150 मेगावाट की चार इकाइयों के जरिये कुल 600 मेगावाट जलविद्युत उत्पादन क्षमता विकसित होगी। साथ ही 1324 मिलियन घन मीटर पानी के भंडारण की सुविधा भी उपलब्ध होगी। साल 1998 में इस परियोजना की अनुमानित कुल लागत 3566.23 लाख रुपये आंकी गई थी।
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